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Charkhi Dadri News: उपायुक्त मुनीश शर्मा के तबादले की मांग, अधिवक्ताओं ने मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा
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नगराधीश जितेंद्र कुमार को मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपने पहुंचा शिष्टमंडल। स्रोत: विज्ञप्ति
चरखी दादरी। जिले के अधिवक्ताओं और नागरिकों ने उपायुक्त मुनीश शर्मा के तबादले की मांग की है। बुधवार को अधिवक्ता संजीव तक्षक के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें जिले के विकास के मद्देनजर यह मांग उठाई गई।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मुनीश शर्मा अपनी तैनाती के दौरान अपनी कोठी से बाहर कम ही निकले हैं और कैंप कार्यालय को ही विश्राम गृह बना रखा है। आम जनता को इस बात का आभास भी नहीं होता कि दादरी जिले में उपायुक्त मौजूद हैं या नहीं। इससे प्रशासनिक कार्यों में बाधा आ रही है। उपायुक्त की अनुपस्थिति में सरल केंद्र जैसे कार्यालयों में लूट-खसोट चल रही है और सरकार की रोक के बावजूद 7-ए की रजिस्ट्री अधिकारियों की मिलीभगत से खुलकर हो रही हैं।
लघु सचिवालय के सीसीटीवी फुटेज में भी उपायुक्त की उपस्थिति न के बराबर मिली। कष्ट निवारण समिति में भी उपायुक्त का सक्रिय योगदान न के बराबर है। आरोप है कि उपायुक्त ने जिले के प्रमुख भ्रष्टाचार के मामलों जैसे ओवरलोडिंग, माइनिंग और जर्जर नेशनल हाईवे की शिकायतों को समाधान करवाने के बजाय ग्रीवांस कमेटी की सूची से हटा दिया। इस मौके पर अधिवक्ता प्रदीप कालीरमण, प्रशांत गहलावत, प्रवीन तक्षक, अमित गांधी, रविंद्र सांगवान, मोहित चौधरी, राजा गोदारा, अंकित आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि मुनीश शर्मा अपनी तैनाती के दौरान अपनी कोठी से बाहर कम ही निकले हैं और कैंप कार्यालय को ही विश्राम गृह बना रखा है। आम जनता को इस बात का आभास भी नहीं होता कि दादरी जिले में उपायुक्त मौजूद हैं या नहीं। इससे प्रशासनिक कार्यों में बाधा आ रही है। उपायुक्त की अनुपस्थिति में सरल केंद्र जैसे कार्यालयों में लूट-खसोट चल रही है और सरकार की रोक के बावजूद 7-ए की रजिस्ट्री अधिकारियों की मिलीभगत से खुलकर हो रही हैं।
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लघु सचिवालय के सीसीटीवी फुटेज में भी उपायुक्त की उपस्थिति न के बराबर मिली। कष्ट निवारण समिति में भी उपायुक्त का सक्रिय योगदान न के बराबर है। आरोप है कि उपायुक्त ने जिले के प्रमुख भ्रष्टाचार के मामलों जैसे ओवरलोडिंग, माइनिंग और जर्जर नेशनल हाईवे की शिकायतों को समाधान करवाने के बजाय ग्रीवांस कमेटी की सूची से हटा दिया। इस मौके पर अधिवक्ता प्रदीप कालीरमण, प्रशांत गहलावत, प्रवीन तक्षक, अमित गांधी, रविंद्र सांगवान, मोहित चौधरी, राजा गोदारा, अंकित आदि मौजूद रहे।
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