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डीसी ने दिए कैश लेन-देन करने वाले सभी विभागों को रिकॉर्ड मिलान करने के आदेश

Sat, 06 Mar 2021 12:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 06 Mar 2021 12:55 AM IST
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DC ordered to match records of all departments carrying out cash transactions
चरखी दादरी सरल केंद्र। - फोटो : CharkhiDadri
डीआईटीएस (जिला सूचना एवं तकनीक सोसायटी) के वित्तीय मदों में गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। डीसी ने कैश लेन-देन करने वाले सभी विभागों को रिकॉर्ड और जमा कैश का मिलान करने के आदेश दे दिए हैं। सबसे अधिक कैश का लेन-देन माइनिंग विभाग और आरटीए दफ्तर में होता है, ऐसे में डीसी ने सबसे पहले इन्हीं दोनों विभागों के अध्यक्षों को रिकॉर्ड मिलान कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए है।
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वित्तीय मदों में पाई गई अनियमितताओं को मद्देनजर डीआईटीएस के अब तक का रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा। इसके लिए जांच अधिकारी सेवानिवृत्त निदेशक डॉ. डीआर यादव ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वीरवार शाम ही डॉ. यादव दादरी पहुंच गए थे। उन्हें दस दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
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डीसी राजेश जोगपाल ने कहा कि सभी विभागों को रिकॉर्ड का मिलान करने के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आरटीए कार्यालय और माइनिंग विभाग में कैश का अधिक लेन-देन होता है। उन्होंने बताया कि इनके विभागाध्यक्षों को आदेश दिए हैं कि वे कार्यालय में अलग-अलग मदों पर आई फीस और फिर बैंक में जमा करवाई गई राशि के आंकड़ों का जल्द से जल्द मिलान करें, ताकि कोई अनियमितता हो तो तुरंत पकड़ में आ सकें। आरटीए ऑफिस में एक माह में औसतन करीब एक करोड़ रुपये चालान राशि के तौर पर जमा होते हैं, जबकि माइनिंग विभाग में भी कैश का काफी लेन-देन होता है। वहीं, डीआईटीएस के वित्तीय मदों में गड़बड़ी का मामला जिले में शुक्रवार को चर्चा का विषय बना रहा। सरल केंद्र से लेकर अन्य विभागों में इस मामले की चर्चा रही।
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बीपीएल परिवारों को दी गई छूट से पकड़ में आई गड़बड़ी
दादरी प्रदेश का पहला ऐसा जिला है, जहां डीसी राजेश जोगपाल ने बीपीएल परिवारों को सरल केंद्रों में विभिन्न योजनाओं के लिए किए जाने वाले आवेदनों में फीस की छूट दी हुई है। डीसी ने बताया कि इस संबंध में जब उन्होंने रिकॉर्ड मांगा तो संबंधित कर्मचारियों ने जमा नहीं करवाया, जिसके चलते उन्हें संदेह हुआ और फिर मामले की जांच बाढड़ा एसडीएम शंभू राठी से करवाई गई।
यह है मामला
डीसी राजेश जोगपाल को वित्तीय मदों में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इसके बाद उन्होंने एसडीएम बाढड़ा से 2020 के अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर के रिकॉर्ड की जांच करवाई। तीन माह के रिकॉर्ड जांच में 8.90 लाख की गड़बड़ी सामने आई। इसके चलते डीसी ने अब डीआईटीएस गठन(2017) से लेकर अब तक के रिकॉर्ड की जांच करने के आदेश दिए है। इसके लिए स्पेशल जांच अधिकारी को नियुक्त किया गया है।

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वर्जन:
डीआईटीएस के वित्तीय मदों में मिली गड़बड़ी की जांच अधिकारी ने जांच शुरू कर दी है। मैंने कैश लेने-देन करने वाले सभी विभागों के मुखियाओं को कार्यालय का रिकॉर्ड मिलान के लिए पत्र लिख दिया है। आरटीए और माइनिंग विभाग में कैश का सबसे अधिक लेन-देन होता है।
राजेश जोगपाल, डीसी।
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