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पटवारियों को ढूंढने में ही बीत जाता है दिन, कैसे हो समस्या का समाधान

Sat, 05 Jun 2021 12:34 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jun 2021 12:34 AM IST
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Days are spent in finding patwaris, how to solve the problem
घिकाड़ा रोड पर दुकानों के ऊपर बने कमरे में चल रहा पटवारी कार्यालय। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिला बनने के चार साल बाद भी दादरी मुख्यालय पर प्रशासन पटवारियों के एक जगह बैठने की व्यवस्था नहीं कर पाया है। पिछले लंबे समय से 41 पटवारी शहर में अलग-अलग जगहों पर किराये की दुकानें या मकान लेकर अपना कार्यालय चलाकर लोगों के काम निपटा रहे हैं। इससे पहले इन पटवारियों के कार्यालयों तक पहुंचना लोगों के लिए आसान नहीं है। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि कुछ पटवारियों के कार्यालय तो तंग गलियों में बने मकानों के अंदर चल रहे हैं और वहां तक आसानी से पहुंचना ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए टेढ़ी खीर है। वीरवार को पटवारियों के पास अपने अलग-अलग काम से आए लोगों ने भी पटवारखाना के लिए जगह का व्यवस्था कर सभी पटवारियों को एक जगह बैठाने की मांग की है।
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राजस्व विभाग का दफ्तर मौजूदा लघु सचिवालय के भूतल पर चल रहा है। पटवारखाना के लिए यहां जगह का अभाव है और नया लघु सचिवालय भवन बनने के बाद इस समस्या का समाधान संभव है। पटवारखाना के लिए जगह न होने से पिछले कई सालों से पटवारी अलग-अलग जगहों पर बैठ रहे हैं। कई गलियों की खाक छानने के बाद लोग पटवारियों तक पहुंच तो जाते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कई घंटे खपाने पड़ जाते हैं। अमर उजाला टीम की पड़ताल में सामने आया कि पटवारियों को ढूंढने में कई लोगों को तो दो से तीन घंटे लग जाते हैं जबकि कुछ मायूस होकर बिन काम करवाए ही वापस लौट जाते हैं।
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वीरवार दोपहर अमर उजाला टीम पहले घिकाड़ा रोड स्थित पटवारियों के कार्यालय में तो बाद में परशुराम चौक के समीप स्थित पटवारी कार्यालय पहुंची। इन कार्यालयों में चार से पांच लोग मिले जो अपने अलग-अलग काम करवाने पहुंचे थे। उन लोगों ने बताया कि दादरी में तो पटवारियों के दफ्तर ढूंढने नहीं मिलते। उनका कहना है कि जिला प्रशासन को सभी पटवारियों को एक ही जगह बैठाने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को ठोकरें न खानी पड़े।
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शहर में इन जगहों पर बैठते हैं 41 पटवारी
पड़ताल में सामने आया कि दादरी शहर में 41 पटवारी बैठते हैं। इनके कार्यालय छह अलग-अलग जगहों पर चल रहे हैं। इस समय दादरी शहर में परशुराम चौक के समीप, घिकाड़ा रोड पर, एलआईसी वाली गली, डागर वाली गली, सरदार झाडू सिंह चौक के समीप और पारस वाली गली में इन पटवारियों के कार्यालय चल रहे हैं। किसी ने छोटी दुकान तो किसी ने मकान की पहली मंजिल पर बना कमरे को अपना कार्यालय बनाया हुआ है।
लॉकडाउन में आ रहे 20 फीसदी ही लोग
नाम न छापने की शर्त पर एक पटवारी ने बताया कि नौकरी फार्म आवेदन और फसल बिक्री के समय एक पटवारी के पास एक दिन में 120 से 150 तक लोग पहुंचते हैं। अब कोरोना काल में एक पटवारी के पास महज 35 से 30 लोग अपने कामों के लिए आ रहे हैं।
लोग बोले: बार-बार कार्यालय बदलने से आती हैं दिक्कतें
मैं सुबह करीब साढ़े 11 बजे दादरी आया था। मुझे बिगोवा पटवारी का कार्यालय ढूंढने में एक घंटे से अधिक समय लग गया। पिछली बार कार्यालय दूसरी जगह था और इस बार अन्य जगह शिफ्ट करने से ढूंढने में काफी दिक्कतें हुईं।
- सतबीर, बिगोवा
सभी पटवारियों के एक ही जगह बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए। पिछली दफा भी बड़ी मुश्किल से भागवी पटवारी का कार्याल्य ढूंढा था और इस बार भी मुझे एक घंटे से अधिक समय लग गया। पटवारियों तक पहुंचना आसान नहीं है।
- ओमप्रकाश, भागवी
शहर में पटवारियों के कार्यालय अलग-अलग जगह चलने से लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन को इस समस्या की ओर ध्यान देकर जल्द से जल्द समाधान करवाना चाहिए। मैं चार गलियों की खाक छानने के बाद मानकावास पटवारी के पास पहुंचा हूं।

- अमित, मानकावास
वर्जन::
मौजूदा लघु सचिवालय भवन में जगह का अभाव है और इसके चलते वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ये प्रबंध किए हुए हैं। जल्द से जल्द लघु सचिवालय का निर्माण कार्य शुरू करवाने की योजना पर प्रशासन काम कर रहा है और इसके बाद इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
- राजेश जोगपाल, डीसी, चरखी दादरी
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