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बेटियां किसी से कम नहीं, लक्ष्य तय कर हासिल करें मुकाम : इशिता
Wed, 04 Jun 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 04 Jun 2025 12:58 AM IST
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इशिता सांगवान। संवाद
फोटो 01
परिजनों के साथ पैतृक गांव छपार पहुंचीं पायलट इशिता सांगवान। संवाद
फोटो 02
इशिता सांगवान। संवाद
- 12वीं की परीक्षा की तैयारी करते समय मिले एनडीए में जाने के मौके को इशिता ने पायलट बन बखूबी भुनाया
- बोलीं- एनडीए का विकल्प मिलने से पहले सिविल सर्विसेज में जाना था लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। एनडीए के जरिए पहले बैच की महिला पायलट बनीं इशिता सांगवान ने कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। लक्ष्य तय कर मेहनत के बलबूते अपना मुकाम हासिल करें। कुछ भी असंभव नहीं है। लक्ष्य प्राप्ति के बाद जो खुशी मिलती है, उसका फख्र ताउम्र रहता है।
चरखी दादरी जिले के गांव छपार निवासी इशिता सांगवान मंगलवार सुबह अपने पैतृक गांव पहुंचीं। यहां सबसे पहले वह गांव के बाबा जमुना दास मंदिर गईं। मंदिर में माथा टेककर उन्होंने महंत से आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात की।
इशिता सांगवान ने बताया कि जब वह कोटा में 12वीं की परीक्षा की तैयारियों में जुटी थीं, उसी दौरान पिता चरण सिंह सांगवान ने फोन कर बताया कि अब लड़कियां भी एनडीए में जा सकती हैं। यह सुनकर बेहद खुशी हुई। इससे पहले यह विकल्प न होने के कारण सिविल सर्विसेज में जाना लक्ष्य था। बाद में एनडीए को चुना। एक माह के बाद एनडीए की लिखित परीक्षा थी। इसमें 12वीं की वार्षिक परीक्षा के लिए की जा रही तैयारी का काफी फायदा हुआ। इसके बाद 15 दिन की तैयारी कर एनडीए की दूसरी परीक्षा एसएसबी (सर्विस सिलेक्शन बोर्ड) यानी मनोवैज्ञानिक और बुद्धिमत्ता परीक्षण भी पास कर लिया। 6 अगस्त को घर ज्वाइनिंग लेटर पहुंचा और 9 को पुणे जाकर ज्वाइन कर लिया। इशिता ने कहा कि तीन साल का प्रशिक्षण पूरा कर बेहद खुशी है। इस कामयाबी से माता-पिता को जो सम्मान मिल रहा है, उसकी खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती।
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- हैदराबाद में होगी आगे की ट्रेनिंग
इशिता के पिता चरण सिंह सांगवान और मां अनीता सांगवान ने बताया कि पायलट की आगामी ट्रेनिंग हैदराबाद में होगी। वहीं, इशिता ने बताया कि अब प्रशिक्षण के बाद ही पता चलेगा कि अगली विंग कौन-सी मिलेगी। अभी यह तय नहीं है कि वह लड़ाकू जहाज उड़ाएंगी, कार्गाे विमान या फिर हेलिकॉप्टर।
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परिजनों के साथ पैतृक गांव छपार पहुंचीं पायलट इशिता सांगवान। संवाद
फोटो 02
इशिता सांगवान। संवाद
- 12वीं की परीक्षा की तैयारी करते समय मिले एनडीए में जाने के मौके को इशिता ने पायलट बन बखूबी भुनाया
- बोलीं- एनडीए का विकल्प मिलने से पहले सिविल सर्विसेज में जाना था लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। एनडीए के जरिए पहले बैच की महिला पायलट बनीं इशिता सांगवान ने कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। लक्ष्य तय कर मेहनत के बलबूते अपना मुकाम हासिल करें। कुछ भी असंभव नहीं है। लक्ष्य प्राप्ति के बाद जो खुशी मिलती है, उसका फख्र ताउम्र रहता है।
चरखी दादरी जिले के गांव छपार निवासी इशिता सांगवान मंगलवार सुबह अपने पैतृक गांव पहुंचीं। यहां सबसे पहले वह गांव के बाबा जमुना दास मंदिर गईं। मंदिर में माथा टेककर उन्होंने महंत से आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात की।
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इशिता सांगवान ने बताया कि जब वह कोटा में 12वीं की परीक्षा की तैयारियों में जुटी थीं, उसी दौरान पिता चरण सिंह सांगवान ने फोन कर बताया कि अब लड़कियां भी एनडीए में जा सकती हैं। यह सुनकर बेहद खुशी हुई। इससे पहले यह विकल्प न होने के कारण सिविल सर्विसेज में जाना लक्ष्य था। बाद में एनडीए को चुना। एक माह के बाद एनडीए की लिखित परीक्षा थी। इसमें 12वीं की वार्षिक परीक्षा के लिए की जा रही तैयारी का काफी फायदा हुआ। इसके बाद 15 दिन की तैयारी कर एनडीए की दूसरी परीक्षा एसएसबी (सर्विस सिलेक्शन बोर्ड) यानी मनोवैज्ञानिक और बुद्धिमत्ता परीक्षण भी पास कर लिया। 6 अगस्त को घर ज्वाइनिंग लेटर पहुंचा और 9 को पुणे जाकर ज्वाइन कर लिया। इशिता ने कहा कि तीन साल का प्रशिक्षण पूरा कर बेहद खुशी है। इस कामयाबी से माता-पिता को जो सम्मान मिल रहा है, उसकी खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती।
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- हैदराबाद में होगी आगे की ट्रेनिंग
इशिता के पिता चरण सिंह सांगवान और मां अनीता सांगवान ने बताया कि पायलट की आगामी ट्रेनिंग हैदराबाद में होगी। वहीं, इशिता ने बताया कि अब प्रशिक्षण के बाद ही पता चलेगा कि अगली विंग कौन-सी मिलेगी। अभी यह तय नहीं है कि वह लड़ाकू जहाज उड़ाएंगी, कार्गाे विमान या फिर हेलिकॉप्टर।