फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Curriculum of backward government schools

Charkhi Dadri News: शिक्षकों की कमी और चुनावी ड्यूटी के चलते पिछड़ा राजकीय स्कूलों का पाठ्यक्रम

Tue, 07 May 2024 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 07 May 2024 01:25 AM IST
विज्ञापन
Curriculum of backward government schools
चरखी दादरी स्थित शहीद दलबीर सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति राजकीय स्कूल।
चरखी दादरी। राजकीय व निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। अब शिक्षक पाठ्यक्रम को पूरा करवाने में जुटे हैं, ताकि ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले दो या तीन यूनिट सिलेबस पूरा करवाया जा सके। निजी स्कूलों में पाठ्यक्रम तो ठीक प्रकार से चल रहा है, लेकिन राजकीय स्कूल इस मामले में पिछड़ा रहा है। इसके दो मुख्य कारण निकल कर सामने आ रहे हैं, पहला शिक्षकों की कमी, दूसरा शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी लगाना।
विज्ञापन

राजकीय स्कूलों के काफी शिक्षकों की चुनाव के तहत चलाए जा रही स्वीप गतिविधियों में ड्यूटी लगाई गई है। ये शिक्षक सुबह घर से निकलते हैं और शाम तक लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं। स्कूल प्राचार्य, लेक्चरर की चुनाव पीठासीन व नोडल अधिकारी एवं चेकिंग आदि में ड्यूटी लगा रखी है। अब अगर पढ़ाई की बात करें तो निजी स्कूलों में इस समय दो यूनिट तक सिलेबस पूरा होने को है। राजकीय स्कूलों में भी पाठ्यक्रम शुरू हो चुका है, लेकिन यह गति नहीं पकड़ पाया है। आंकड़ों पर गौर करते तो जिले में इस समय 500 शिक्षकों की कमी बनी हुई है। राजकीय स्कूल में विभिन्न विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन





इस बार अच्छा रहा है राजकीय स्कूलों का परिणाम

राजकीय स्कूलों का हरियाणा शिक्षा बोर्ड का 12वीं कक्षा का परिणाम बेहतर रहा है। इसके पीछे भी कारण है कि शिक्षा बोर्ड ने इस बार आंतरिक मूल्यांकन व लिखित परीक्षा दोनों के अंक जोड़कर विद्यार्थियों को पास किया है, जबकि पहले लिखित परीक्षा में अलग से 33 प्रतिशत अंक लेने होते थे। आंतरिक मूल्यांकन के 20 अंक तो स्कूल शिक्षक ही लगाता है। स्कूल तकरीबन सभी विद्यार्थियों को 20 में से 18 से 20 अंक दे देते हैं ऐसे में बोर्ड के मौजूदा रिजल्ट फार्मूला के तहत विद्यार्थी को बोर्ड की लिखित परीक्षा में 80 में तो मात्र 15 अंक ही लेने पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन







राजकीय स्कूलों में पढ़ाई जारी है। दाखिला प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी कक्षाओं का समय पर सिलेबस पूरा करवाया जाएगा। शिक्षक मेहनत करवा रहे हैं। - ज्ञानेंद्र सिंह, कार्यकारी डीईओ।


काफी संख्या में शिक्षकों की चुनावी डयूटी लगा रखी है। स्वीप अभियान के तहत भी शिक्षक मतदाता जागरुकता कार्यक्रमों में व्यस्त हैं । ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। ऐसे में पाठ्यक्रम पिछड़ना स्वाभाविक है। -संजय शास्त्री, जिला प्रधान, हरियाणा राजकीय विद्यालय अध्यापक संघ।



प्राइवेट स्कूलों में तो एक अप्रैल से ही पाठ्यक्रम शुरू करवा रखा है। प्रत्येक विषय की दो से तीन यूनिट पूरी करवाई जा चुकी है। पाठ्यक्रम को समय रहने पूरा करवाया जाएगा, ताकि आगे चलकर विद्यार्थी दोहराई आसानी से कर सकें। - सुखवीर सिंह, प्राचार्य, केएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed