{"_id":"5f1321848ebc3e63e32927e4","slug":"cultural-charkhi-dadri-news-gangajal-charkhidadri-news-rtk5646338120","type":"story","status":"publish","title_hn":"25 हजार श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार से मंगवाया पांच हजार लीटर गंगाजल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
25 हजार श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार से मंगवाया पांच हजार लीटर गंगाजल
विज्ञापन
मंदिर की टंकी को गंगाजल से भरते हुए
- फोटो : CharkhiDadri
कोरोना काल के दौरान इस बार शिवरात्रि पर जिले के 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार से पांच हजार लीटर गंगाजल मंगवाया गया है। शनिवार को गंगाजल का टैंकर दादरी पहुंच गया। शहर की विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं ने मंदिरों में गंगाजल से टंकियों को भर दिया है और रविवार को श्रद्धालुओं को मंदिरों में ही शिवलिंग एवं शिव परिवार का अभिषेक करने के लिए गंगाजल मिल जाएगा।
भिवानी महापंचायत ने इस बार एक लाख आठ हजार श्रद्धालुओं को गंगाजल मुहैया कराने का लक्ष्य रखा था। इसके तहत हरिद्वार से छह टैंकरों में 27 हजार लीटर गंगाजल मंगवाया गया था। शुक्रवार को बाघोत, सतनाली और महेेंद्रगढ़ में गंगाजल पहुंचाया गया जबकि शनिवार को एक टैंकर दादरी जिले में पहुंचा।
पांच हजार लीटर की क्षमता वाला टैंकर जब शहर की सड़कों से गुजरा तो इस पर गंगाजल का बैनर लगा होने के चलते श्रद्धालुओं ने रुकवा लिया। करीब दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सड़कों पर बोतलों और अन्य बर्तनों में गंगाजल भरा जबकि करीब 23 हजार लोगों के लिए जिले के विभिन्न मंदिरों में व्यवस्था की गई है। संपूर्ण सिंह, बलराम गुप्ता, विनोद गर्ग, रामकुमार रिटोलिया, नरेश कुमार, रामनिवास, विनोद मित्तल, पुनीत मित्तल आदि ने बताया कि शनिवार दोपहर तक शहर के करीब पंद्रह प्रमुख मंदिरों में गंगाजल मुहैया करवा दिया है। एक मंदिर में 300 से 400 लीटर गंगाजल की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
एक श्रद्धालु को मिलेगा 200 मिलीलीटर गंगाजल
विनोद गर्ग व रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि एक श्रद्धालु को करीब 200 मिलीलीटर गंगाजल मंदिर से मिलेगा। इसके लिए मंदिरों में प्लास्टिक की टंकियां साफ करवाकर रखवाई गई हैं। वहां से श्रद्धालु अपने बर्तनों में गंगाजल ले सकेंगे।
हर साल कांवड़ लेने जाते थे जिले से दस हजार श्रद्धालु
हर साल दादरी जिले से शिवरात्रि पर कांवड़ लेने के लिए करीब दस हजार श्रद्धालु जाते थे। ज्यादातर डाक कांवड़ लाते थे। इस बार कोरोना के चलते कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध है और इसके चलते श्रद्धालु गंगाजल लाने के लिए नहीं जा पाए।
यूं हुई गंगाजल की व्यवस्था
सूत्रों के अनुसार सामाजिक संस्थाओं ने जिला प्रशासन से इस बार गंगाजल मुहैया कराने के विकल्प को लेकर बातचीत की थी। इसके बाद भिवानी महापंचायत से बातचीत की गई। विनोद गर्ग ने बताया कि शुक्रवार को पांच हजार लीटर गंगाजल की मांग की गई थी और शनिवार सुबह ही टैंकर दादरी पहुंच गया।
इन बातों का रखें ध्यान
- मंदिरों में जल अभिषेक करते समय एक-दूसरे से सटकर खड़े न हो।
- मास्क बांधकर ही मंदिर जाएं और सैनिटाइजर का भी प्रयोग करें।
- मंदिरों में घंटी बजाने से परहेज करें और किसी चीज को न छूएं।
विज्ञापन
भिवानी महापंचायत ने इस बार एक लाख आठ हजार श्रद्धालुओं को गंगाजल मुहैया कराने का लक्ष्य रखा था। इसके तहत हरिद्वार से छह टैंकरों में 27 हजार लीटर गंगाजल मंगवाया गया था। शुक्रवार को बाघोत, सतनाली और महेेंद्रगढ़ में गंगाजल पहुंचाया गया जबकि शनिवार को एक टैंकर दादरी जिले में पहुंचा।
विज्ञापन
पांच हजार लीटर की क्षमता वाला टैंकर जब शहर की सड़कों से गुजरा तो इस पर गंगाजल का बैनर लगा होने के चलते श्रद्धालुओं ने रुकवा लिया। करीब दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सड़कों पर बोतलों और अन्य बर्तनों में गंगाजल भरा जबकि करीब 23 हजार लोगों के लिए जिले के विभिन्न मंदिरों में व्यवस्था की गई है। संपूर्ण सिंह, बलराम गुप्ता, विनोद गर्ग, रामकुमार रिटोलिया, नरेश कुमार, रामनिवास, विनोद मित्तल, पुनीत मित्तल आदि ने बताया कि शनिवार दोपहर तक शहर के करीब पंद्रह प्रमुख मंदिरों में गंगाजल मुहैया करवा दिया है। एक मंदिर में 300 से 400 लीटर गंगाजल की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
एक श्रद्धालु को मिलेगा 200 मिलीलीटर गंगाजल
विनोद गर्ग व रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि एक श्रद्धालु को करीब 200 मिलीलीटर गंगाजल मंदिर से मिलेगा। इसके लिए मंदिरों में प्लास्टिक की टंकियां साफ करवाकर रखवाई गई हैं। वहां से श्रद्धालु अपने बर्तनों में गंगाजल ले सकेंगे।
हर साल कांवड़ लेने जाते थे जिले से दस हजार श्रद्धालु
हर साल दादरी जिले से शिवरात्रि पर कांवड़ लेने के लिए करीब दस हजार श्रद्धालु जाते थे। ज्यादातर डाक कांवड़ लाते थे। इस बार कोरोना के चलते कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध है और इसके चलते श्रद्धालु गंगाजल लाने के लिए नहीं जा पाए।
यूं हुई गंगाजल की व्यवस्था
सूत्रों के अनुसार सामाजिक संस्थाओं ने जिला प्रशासन से इस बार गंगाजल मुहैया कराने के विकल्प को लेकर बातचीत की थी। इसके बाद भिवानी महापंचायत से बातचीत की गई। विनोद गर्ग ने बताया कि शुक्रवार को पांच हजार लीटर गंगाजल की मांग की गई थी और शनिवार सुबह ही टैंकर दादरी पहुंच गया।
इन बातों का रखें ध्यान
- मंदिरों में जल अभिषेक करते समय एक-दूसरे से सटकर खड़े न हो।
- मास्क बांधकर ही मंदिर जाएं और सैनिटाइजर का भी प्रयोग करें।
- मंदिरों में घंटी बजाने से परहेज करें और किसी चीज को न छूएं।