चरखी दादरी: 24 साल पुरानी रंजिश में किसान की हत्या, खेत से घर लौटते समय शराब ठेके के पास ली जान
मृतक विजेंद्र पर अगस्त 1998 में गांव निवासी पप्पू की हत्या का केस दर्ज हुआ था। इस मामले में उसे 10 साल की सजा हुई थी, लेकिन सात साल बाद वह बरी हो गया था।
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पप्पू हत्याकांड में सात साल तक जेल की सजा काटने वाले मकड़ाना निवासी किसान विजेंद्र उर्फ कालिया (48) की हत्या कर दी गई। करीब 24 साल पुरानी रंजिश को लेकर वारदात को सोमवार देर रात अंजाम दिया गया। मृतक के भतीजे अमित के बयान पर झोझूकलां थाना पुलिस ने जोगेंद्र, सुधीर, मंजीत और संजीव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने दबिश शुरू कर दी है। हत्यारोपी मृतक के ही गांव के रहने वाले हैं।
पुलिस को दिए बयान में मकड़ाना निवासी अमित ने बताया कि सोमवार रात करीब 9 बजे वह बाइक पर जबकि ताऊ विजेंद्र उर्फ कालिया (48) ट्रैक्टर लेकर खेत में गए था। वहां से करीब पौने दस बजे वे घर वापस आने के लिए चले थे। अमित ने बताया कि उसके ताऊ ने ट्रैक्टर गांव स्थित शराब ठेका के सामने रोक लिया जबकि वह बाइक लेकर सीधा घर चला गया।
अमित ने बताया कि करीब आधे घंटे बाद भी जब उसका ताऊ घर नहीं आया तो वह उसे देखने ठेका की तरफ चला गया। अमित ने बताया कि ठेका के समीप पहुंचने पर उसे ताऊ का ट्रैक्टर खड़ा नजर आया जबकि डंडों व लोहे की रॉड से लैस कुछ लोग ट्रैक्टर के पास खड़े नजर आए, जिनमें से चार को उसने पहचान लिया।
अमित ने बताया कि अनहोनी का अंदेशा होने पर वो परिजनों को बुलाने के लिए वापस घर चला गया और उसी दौरान वारदात करने वाले आरोपी फरार हो गए। अमित ने बताया कि परिजन जब मौके पर पहुंचे तो उसका ताऊ विजेंद्र ट्रैक्टर से नीचे लहुलूहान अवस्था में पड़ा मिला।
इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया। बाढड़ा डीएसपी देशराज समेत सीआईए, स्पेशल स्टाफ टीम और एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची। झोझूकलां थाना पुलिस ने सिविल अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया है।
कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर लगाया जाम
विजेंद्र हत्याकांड में कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिवार की महिलाएं मंगलवार सुबह दादरी-कनीना मुख्यमार्ग पर उतर आईं। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही शव ले जाने देने और सड़क से हटने की बात कही। इसके बाद डीएसपी देशराज ने उन्हें शांत किया और आधे घंटे बाद महिलाएं सड़क से हटने को तैयार हुईं।
मृतक काट चुका था हत्या के मामले में सात साल की जेल
मृतक विजेंद्र पर अगस्त 1998 में गांव निवासी पप्पू की हत्या का केस दर्ज हुआ था। इस मामले में उसे 10 साल की सजा हुई थी, लेकिन सात साल बाद वह बरी हो गया। परिजनों के अनुसार उसी रंजिश को लेकर दूसरे पक्ष ने अब विजेंद्र की हत्या की है।
मृतक के भतीजे के बयान पर पुलिस ने इस संबंध में चार नामजद आरोपी जोगेंद्र, सुधीर, मंजीत और संजीव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - जसमेर गुलिया, इंस्पेक्टर एवं झोझूकलां थाना प्रभारी।