चरखी दादरी: ग्राम सचिव पर 91.79 लाख के गबन का केस दर्ज, फर्जी हस्ताक्षर करने का भी आरोप
शामलात भूमि की पट्टा राशि, एचआरडीएफ और एफएफसी की राशि में गबन का मामला सामने आया है। झोझूकलां खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाष चंद्र ने पुलिस को शिकायत दी।
विस्तार
हरियाणा के चरखी दादरी में झोझूकलां ब्लॉक में तैनात एक ग्राम सचिव की ओर से 91.79 लाख रुपये का गबन करने का मामला सामने आया है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की शिकायत पर झोझूकलां थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। ग्राम सचिव पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर करने का भी आरोप है। आरोपी ग्राम सचिव के पास छह गांवों का चार्ज था।
झोझूकलां खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाष चंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बिरोहड़ निवासी ग्राम सचिव अमित ने ग्राम सचिव अमित ने शामलात भूमि की पट्टा राशि, एचआरडीएफ और एफएफसी की राशि में 91,79,731 रुपये का गबन किया है। इसके अलावा अपने कार्यकाल में ग्राम सचिव अमित ने कई अनियमितताएं भी बरती हैं, जिन पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पहले ही लिखा जा चुका है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि अमित ने अनिवार्य शर्तों को पूरा किए बिना ही गांवों में विकास कार्य करवाए दिखाकर पंचायतों के फंड से राशि निकलवाकर गबन किया है। आरोपी ने माईकलां, माई खुर्द, मैहड़ा, रामबास, नौसवा व कलियाणा ग्राम पंचायत के फंड में गबन किया है।
ग्राम सचिव अमित के खिलाफ मैंने झोझूकलां थाने में शिकायत दे दी है। प्राथमिक जांच में करीब 91 लाख 79 हजार का गबन सामने आया है। अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मैं उच्चाधिकारियों को पहले ही लिख चुका हूं। - सुभाषचंद्र, बीडीपीओ, झोझूकलां खंड
जाट आरक्षण की आड़ में कार्यालय में रखे रिकॉर्ड को किया था आग के हवाले, तीन साल की सजा होने पर जमानत लेकर बाहर आया है आरोपी
झोझूकलां खंड की ग्राम पंचायतों के फंड से 91.79 लाख रुपये का गबन करने के आरोपी ग्राम सचिव अमित पर पहले भी एक मामला दर्ज है। यह मामला कार्यालय का रिकॉर्ड जलाने पर दर्ज हुआ था। इस मामले में कोर्ट ने उस पर दस हजार का जुर्माना लगाने के साथ तीन साल की सजा सुनाई थी और वह जमानत पर बाहर आया हुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ग्राम सचिव अमित ने एक अन्य ग्राम सचिव के साथ मिलकर जाट आरक्षण की आड़ में जनवरी 2016 में कार्यालय में रखा रिकॉर्ड जलाया था।
ग्राम सचिव अमित के खिलाफ खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाषचंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में गबन का जो ब्योरा दिया है, उसके अनुसार आरोपी ने जुलाई से अगस्त 2021 तक फर्जी ढंग से पंचायतों के फंड से करीब साढ़े 66 लाख की राशि निकलवाई है। 31 चेक पर उसने बीडीपीओ के फर्जी हस्ताक्षर किए हैं और विकास कार्य दिखाकर ये राशि कुछ फर्मों के खातों में डाली गई है। बीडीपीओ ने इन फर्मों के खाते में किए गए भुगतान का विवरण भी पुलिस को दिया है।
ग्राम सचिव अमित के गबन मामले में भी पंचायत अधिकारियों की सुई फर्म मालिकों और बैंक अधिकारी या कर्मचारी पर भी है। बीडीपीओ ने पुलिस शिकायत में भी इनकी मिलीभगत का अंदेशा जाहिर किया है। ग्राम सचिव पर माई कलां ग्राम पंचायत फंड से करीब 12 लाख 94 हजार, माई खुर्द से करीब 17 लाख, मैहड़ा से साढ़े 14 लाख, रामबास से करीब साढ़े 16 लाख, कलियाणा से करीब छह लाख 71 हजार और नौसवा से 1,47500 रुपये की निकासी की गई है।
जानिए... किस मद में कितने का किया गबन
मद गबन राशि
- शामलाती भूमि 1683265
- एचआरडीएफ 6650766
- एफएफसी 845340
इन पंचायतों में शामलाती भूमि की पट्टा राशि का किया गबन
ग्राम पंचायत राशि
- नौसवा 505000
- डाढ़ी छिल्लर 318500
- बधवाना 377050
- जावा 133075
- दगड़ोली 350000
इन खातों में किया भुगतान
फर्म का नाम भुगतान राशि (रुपये में)
- श्री श्याम इंटर प्राइजेज 69780
- श्री श्याम इंटर प्राइजेज 200000
- अमित कुमार (स्वयं) 66000
- साहिल ट्रेडर्ज एवं कंप्यूटर 296560
- श्री श्याम इंटर प्राइजेज 213000
बाढड़ा के बाद अब झोझूकलां खंड में ग्राम सचिव ने किया गबन
पिछले माह बाढड़ा में एक ग्राम सचिव ने करीब डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि का गबन किया था। ग्राम सचिव मुकेश के खिलाफ तत्कालीन और मौजूदा बीडीपीओ ने दो एफआईआर दर्ज करवाई थी। अब झोझूकलां ब्लॉक में भी ग्राम सचिव के गबन करने का मामला सामने आया है।
दो दिन पहले ही आरोपी ग्राम सचिव और बीडीपीओ का वीडियो हुआ वायरल
रविवार को ही झोझूकलां बीडीपीओ सुभाषचंद्र और ग्राम सचिव अमित की रुपयों का लेनदेन करने का वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो के संबंध में बीडीपीओ सुभाषचंद्र ने बताया था कि एक साल पहले ग्राम सचिव अमित की मां बीमार होने पर उसने 20 हजार रुपये उधार लिए थे। वीडियो जो वायरल हुआ है, उसमें ग्राम सचिव अमित उसे 10 हजार रुपये लौटा रहा है।
9 मार्च को एसडीएम जारी कर चुके सर्च वारंट
ग्राम सचिव अमित के रिकॉर्ड जमा न करवाने पर बीडीपीओ ने सर्च वारंट जारी करने करने के लिए 8 मार्च को पत्र क्रमांक 1379 लिखा था। इस पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने गत 9 मार्च को सर्च वारंट जारी कर दिया था। फिलहाल विभागीय अधिकारियों पंचायतों का रिकॉर्ड जुटाने में जुटे हैं, ताकि जांच के दौरान गबन का अगर कोई और मामला हो तो सामने आ जाए।