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चोरी कर बेची गई आठ और लग्जरी गाड़ियां दादरी और महम से बरामद

Thu, 25 Jun 2020 11:00 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2020 11:00 PM IST
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महम एसडीएम ऑफिस के कर्मचारियों को दादरी कोर्ट में पेश करने के बाद लेकर जाती एसटीएफ। - फोटो : CharkhiDadri
चोरी की लग्जरी गाड़ियों का फर्जी आरसी बनाकर बेचने के आरोपी महम एसडीएम कार्यालय के तीन कर्मचारियों और टाइपिस्ट की निशानदेही पर आठ और लग्जरी गाड़ियां बरामद हुई हैं। वीरवार को इन गाड़ियों को एसटीएफ ने दादरी और महम से रिकवर किया है। एसटीएफ अब तक 39 लग्जरी गाड़ियां प्रदेश के विभिन्न शहरों से बरामद कर चुकी है। अभी और भी लग्जरी गाड़ियों की बरामदगी होनी है।
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एसटीएफ इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि इस मामले में आरोपी समैण गांव निवासी टाइपिस्ट रमेश बामल को बुधवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था और उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी रमेश ने एसटीएफ के सामने कुबूल किया कि वह करीब 300 गाड़ियों की फर्जी आरसी बनवा चुका है। आरोपी ने गाड़ियां खरीदने वाले कुछ लोगों के नाम भी उजागर किए। इसके बाद आठ लोगों के पास से एसटीएफ ने ये गाड़ियां बरामद कर लीं।
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इंस्पेक्टर ने बताया कि रिकवरी के लिए वीरवार को एक टीम दादरी, जबकि दूसरी टीम महम पहुंची और आठों गाड़ियां बरामद कीं। उन्होंने बताया कि महम एसडीएम कार्यालय के तीनों कर्मचारी एमआरसी अनिल, कंप्यूटर ऑपरेटर सोमबीर व कृष्ण को चार दिन का रिमांड पूरा होने के बाद वीरवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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एक आरसी बनाने पर मिलते थे 50 हजार, 25 हजार लेता था टाइपिस्ट
इंस्पेक्टर ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान महम एसडीएम कार्यालय के तीनों कर्मचारियों और टाइपिस्ट ने बताया कि उन्हें एक आरसी बनाने पर 50 हजार रुपये मिलते थे। 25 हजार टाइपिस्ट अपने पास रखता था जबकि 25 हजार तीनों कर्मचारी आपस में बांट लेते थे।
2017 से प्रदेश में सक्रिय है गिरोह
एसटीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि चोरी की लग्जरी गाड़ियां बेचने वाला गिरोह पिछले करीब ढाई साल से प्रदेश में सक्रिय है। महम एसडीएम ऑफिस के कर्मचारी और टाइपिस्ट 2017 से फर्जी आरसी बनाने का काम कर रहे हैं। टाइपिस्ट और तीनों कर्मचारी 300 से अधिक गाड़ियां बेचने का खुलासा कर चुके हैं।
आरोपी कर्मचारियों के बैंक खाते किए जाएंगे फ्रिज
इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि रिमांड के दौरान तीनों कर्मचारियों से कुछ बरामदगी भी हुई है। आरसी बनाने की एवज में आए रुपयों से कर्मचारियों ने शौक भी पूरे किए हैं। उनके बैंक खातों को फ्रिज करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू कर दी जाएगी।

कोट
हमारी टीम ने वीरवार को आठ और चोरी की लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। महम एसडीएम ऑफिस के तीनों कर्मचारियों को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद जेल भेज दिया है, जबकि रिमांड पर लिए गए टाइपिस्ट रमेश से पूछताछ चल रही है।
- सतीश देशवाल, इंस्पेक्टर, एसटीएफ
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