कोरोना महामारी के दौरान किफायती वेंटिलेटर निर्माण के लिए भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड ने जिन 50 विशिष्ट इंजीनियरों के दल को चुना है, उसमें अपने जिले के दो इंजीनियर भाई भी शामिल हैं। वैश्विक संकट के समय इन युवा वैज्ञानिकों का चयन होने से लोगों में खुशी है।
मालूम हो कि रक्षा क्षेत्र के उपकरण तैयार करने वाले भारत सरकार के उपक्रम भारत इलेक्ट्रानिक्स ने कोरोना महामारी में मरीजों के काम में आने वाले किफायती 30 हजार वेंटिलेटर का निर्माण कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने देश भर से 50 इंजीनियरों का चयन किया है। इंजीनियरों के इस दल में चरखी दादरी के गांव बालरोड़ निवासी मुकेश पुत्र महावीर सिंह, उनके बड़े भाई और डीआरडीओ में रक्षा वैज्ञानिक कुलदीप को शामिल किया गया है। मुकेश ने सन 2005 में यदुवंशी शिक्षा निकेतन से शिक्षा ग्रहण कर दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी, मुरथल से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। इस समय वह भारत इलेक्ट्रानिक्स में कार्यरत हैं। इससे पहले वह भारतीय तटीय निगरानी तंत्र परियोजना में भी अपना योगदान दे चुके हैं। वहीं कुलदीप सिंह दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी, मुरथल से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त कर डीआरडीओ में पिछले 11 साल से वैज्ञानिक है । कुलदीप सिंह हैदराबाद की उसी लैब में कार्यरत हैं जिसमें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम काम करते थे।