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Charkhi Dadri News: सामान खरीद में सीएमओ और दो डिप्टी सीएमओ पर भ्रष्टाचार का आरोप
Thu, 16 May 2024 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 16 May 2024 02:04 AM IST
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चरखी दादरी का सिविल अस्पताल।
चरखी दादरी। हेल्थ वेलनेस सेंटर यानी एचडब्ल्यूसी के सामान खरीद की आड़ में जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिकायतकर्ता जितेंद्र जटासरा ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजी है। इसके जरिये सामान खरीद प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सीएमओ डॉ. विनोद कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज और डॉ. संदीप ने सामान खरीद में 50 प्रतिशत कमिशन लिया। कार्यवाहक सीएमओ ने शिकायत को बेबुनियाद बताया है।
मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में मेडिकल स्टोर एवं लैब संचालक जितेंद्र जटासरा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए डायग्नोस्टिक का सामान खरीदा है। इसकी खरीद टेंडर के जरिये होनी थी। वर्ष 2023-24 के लिए सिविल सर्जन कार्यालय दादरी से टेंडर पहले हो चुका है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस टेंडर को दरकिनार कर और नियमों के खिलाफ जाकर सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव और डॉ. संदीप ने मिलकर 22.5 लाख का सामान खरीदकर भ्रष्टाचार किया है।
जितेंद्र जटासरा ने शिकायत में बताया कि अकाउंट ऑफिसर यानी एओ ने पीयूसी की नोटिंग में साफ लिखा है कि पांच लाख से अधिक राशि के सामान की खरीद ई-टेंडर के जरिये की जाएगी। चीफ फार्मेसी ऑफिसर ने लिखा है कि इसका टेंडर पहले हो चुका था, जिसकी 14 मई 2024 तक वैधता थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने जेम पोर्टल पर पहले से सेंटिंग कर खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि खरीद प्रक्रिया जल्द पूरी करने की वजह 30 जून को सीएमओ डॉ. विनोद कुमार की सेवानिवृत्त होना है। दूसरी ओर कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने शिकायत को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि नियमानुसार खरीद प्रक्रिया पूरी की गई है। विभाग हर स्तर की जांच के लिए तैयार है।
उपायुक्त से अनुमति न लेने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने बताया कि हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए सामान खरीद के लिए उपायुक्त चेयरमैन है। स्वास्थ्य विभाग ने सामान की खरीद के लिए उनसे भी अनुमति नहीं ली। हालांकि अनुमति ली गई या नहीं इसकी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग के बजाय उच्च स्तरीय एजेंसी से करवाने की मांग की है।
खरीद प्रक्रिया में 12 अधिकारी थे शामिल
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायतकर्ता ने सीएमओ व दो डिप्टी सीएमओ पर साठ-गांठ कर 50 प्रतिशत कमिशन पर सामान खरीदने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर इस खरीद प्रक्रिया में केवल ये तीन नहीं बल्कि 12 अधिकारी शामिल थे। सभी ने नियमानुसार खरीद प्रक्रिया पूरी करवाई है।
हमारे ऊपर 50 प्रतिशत कमिशन का आरोप बेबुनियाद है। सच्चाई ये है कि बारीकी से एक-एक सामान की तहकीकात कर खरीद की गई है। इससे विभाग की करीब 30 प्रतिशत राशि बची है। हम हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। कुछ लोग जिला स्वास्थ्य विभाग को ठप करना चाहते हैं। हम उन्हें मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे। दबाव बनाने के लिए पहले भी बेबुनियाद शिकायत की जा चुकी है। - डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी।
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मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में मेडिकल स्टोर एवं लैब संचालक जितेंद्र जटासरा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए डायग्नोस्टिक का सामान खरीदा है। इसकी खरीद टेंडर के जरिये होनी थी। वर्ष 2023-24 के लिए सिविल सर्जन कार्यालय दादरी से टेंडर पहले हो चुका है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस टेंडर को दरकिनार कर और नियमों के खिलाफ जाकर सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव और डॉ. संदीप ने मिलकर 22.5 लाख का सामान खरीदकर भ्रष्टाचार किया है।
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जितेंद्र जटासरा ने शिकायत में बताया कि अकाउंट ऑफिसर यानी एओ ने पीयूसी की नोटिंग में साफ लिखा है कि पांच लाख से अधिक राशि के सामान की खरीद ई-टेंडर के जरिये की जाएगी। चीफ फार्मेसी ऑफिसर ने लिखा है कि इसका टेंडर पहले हो चुका था, जिसकी 14 मई 2024 तक वैधता थी। इसके बावजूद अधिकारियों ने जेम पोर्टल पर पहले से सेंटिंग कर खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि खरीद प्रक्रिया जल्द पूरी करने की वजह 30 जून को सीएमओ डॉ. विनोद कुमार की सेवानिवृत्त होना है। दूसरी ओर कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने शिकायत को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि नियमानुसार खरीद प्रक्रिया पूरी की गई है। विभाग हर स्तर की जांच के लिए तैयार है।
उपायुक्त से अनुमति न लेने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने बताया कि हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए सामान खरीद के लिए उपायुक्त चेयरमैन है। स्वास्थ्य विभाग ने सामान की खरीद के लिए उनसे भी अनुमति नहीं ली। हालांकि अनुमति ली गई या नहीं इसकी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग के बजाय उच्च स्तरीय एजेंसी से करवाने की मांग की है।
खरीद प्रक्रिया में 12 अधिकारी थे शामिल
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायतकर्ता ने सीएमओ व दो डिप्टी सीएमओ पर साठ-गांठ कर 50 प्रतिशत कमिशन पर सामान खरीदने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर इस खरीद प्रक्रिया में केवल ये तीन नहीं बल्कि 12 अधिकारी शामिल थे। सभी ने नियमानुसार खरीद प्रक्रिया पूरी करवाई है।
हमारे ऊपर 50 प्रतिशत कमिशन का आरोप बेबुनियाद है। सच्चाई ये है कि बारीकी से एक-एक सामान की तहकीकात कर खरीद की गई है। इससे विभाग की करीब 30 प्रतिशत राशि बची है। हम हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। कुछ लोग जिला स्वास्थ्य विभाग को ठप करना चाहते हैं। हम उन्हें मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे। दबाव बनाने के लिए पहले भी बेबुनियाद शिकायत की जा चुकी है। - डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी।