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बिजली का खंभा खिसकने के चलते 7वें दिन भी मरम्मत नहीं हो पाई बूस्टिंग स्टेशनों की लाइन
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दादरी-चंडीगढ़ मुख्यमार्ग के साथ बूस्टिंग स्टेशनों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए डाली गई क्षतिग्रस्त लाइन सातवें दिन भी ठीक नहीं हो पाई। बिजली ट्रांसफार्मर के पोल के खिसकने के चलते काम बंद करना पड़ा। वहीं, लाइन क्षतिग्रस्त होने के चलते कस्बे में सातवें दिन भी पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई।
गौरतलब है कि ग्रीन कॉरिडोर 152-डी के निर्माण के लिए मिट्टी डालने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। कस्बे में दादरी चंडीगढ़ रोड के साथ साथ में ऊण रोड से गवर्नमेंट कॉलेज तक चार बूस्टिंग स्टेशनों को पानी पहुंचाने के लिए 10 इंची पत्थर की लाइन जाती है। कॉलेज से पहले खेतों के रास्ते से मुख्य रोड पर मिट्टी से भरे डंपर गुजरते हैं और इन डंपरों के दबाव से जमीन में आठ फीट गहराई से गुजर रही 10 इंची लाइन टूौट गई थी। सात दिन पहले ग्रामीणों ने जलघर के कर्मचारियों और जेई को लाइन टूटने से अवगत कराया था। 10 इंची लाइन से सीएचसी, पुलिस स्टेशन, राजकीय महाविद्यालय, श्मशान घाट वाला, ढूंगला जोहड़ वाला बुस्टिंग स्टेशनों की पेयजल आपूर्ति बंद हो गई थी।
नेशनल हाईवे का निर्माण करने वाले ठेकेदार ने लाइन ठीक करने के लिए जेसीबी मशीन, पानी निकालने के लिए मशीन और अन्य सामान उपलब्ध करवा दिया था। वीरवार से जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दस इंची पाइप लाइन को ठीक करने में लगे हुए है। रविवार को भी लोहे का पाइप डाला गया था, लेकिन ज्वाइंट करने के लिए मिट्टी हटाई गई तो पेयजल लाइन के साथ में ही लगा बिजली ट्रांसफार्मर का पोल खिसक गया, जिसके कारण लाइन रिपेयरिंग का काम रोकना पड़ा।
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बिजली निगम के प्रबंध करने के बाद आज शुरू होगा
सोमवार को बिजली निगम को बिजली पोल को गिरना से रोकने के लिए प्रबंध करने के बाद ही रिपेयरिंग का काम किया जा सकेगा। सात दिनों से चार बुस्टिंग स्टेशनों की लाइनों में पानी आपूर्ति नहीं हो सकी है। इसके साथ ही तीस हजार आबादी में 70 प्रतिशत एरिया में पेयजल आपूर्ति बंद पड़ी है।
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गौरतलब है कि ग्रीन कॉरिडोर 152-डी के निर्माण के लिए मिट्टी डालने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। कस्बे में दादरी चंडीगढ़ रोड के साथ साथ में ऊण रोड से गवर्नमेंट कॉलेज तक चार बूस्टिंग स्टेशनों को पानी पहुंचाने के लिए 10 इंची पत्थर की लाइन जाती है। कॉलेज से पहले खेतों के रास्ते से मुख्य रोड पर मिट्टी से भरे डंपर गुजरते हैं और इन डंपरों के दबाव से जमीन में आठ फीट गहराई से गुजर रही 10 इंची लाइन टूौट गई थी। सात दिन पहले ग्रामीणों ने जलघर के कर्मचारियों और जेई को लाइन टूटने से अवगत कराया था। 10 इंची लाइन से सीएचसी, पुलिस स्टेशन, राजकीय महाविद्यालय, श्मशान घाट वाला, ढूंगला जोहड़ वाला बुस्टिंग स्टेशनों की पेयजल आपूर्ति बंद हो गई थी।
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नेशनल हाईवे का निर्माण करने वाले ठेकेदार ने लाइन ठीक करने के लिए जेसीबी मशीन, पानी निकालने के लिए मशीन और अन्य सामान उपलब्ध करवा दिया था। वीरवार से जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दस इंची पाइप लाइन को ठीक करने में लगे हुए है। रविवार को भी लोहे का पाइप डाला गया था, लेकिन ज्वाइंट करने के लिए मिट्टी हटाई गई तो पेयजल लाइन के साथ में ही लगा बिजली ट्रांसफार्मर का पोल खिसक गया, जिसके कारण लाइन रिपेयरिंग का काम रोकना पड़ा।
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बिजली निगम के प्रबंध करने के बाद आज शुरू होगा
सोमवार को बिजली निगम को बिजली पोल को गिरना से रोकने के लिए प्रबंध करने के बाद ही रिपेयरिंग का काम किया जा सकेगा। सात दिनों से चार बुस्टिंग स्टेशनों की लाइनों में पानी आपूर्ति नहीं हो सकी है। इसके साथ ही तीस हजार आबादी में 70 प्रतिशत एरिया में पेयजल आपूर्ति बंद पड़ी है।