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Charkhi Dadri News: उधार के अधिकारियों के भरोसे शहर का विकास
Fri, 19 Jan 2024 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 19 Jan 2024 01:19 AM IST
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चरखी दादरी नगर परिषद कार्यालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर में विकास कार्यों का खाका खींचने वाली नगर परिषद में लंबे समय से अधिकारियों की कमी बनी हुई है। इस समय ईओ, सचिव, सीएसआई व जेई समेत करीब 10 महत्वपूर्ण के पद खाली हैं। ईओ और एसआई का चार्ज लिंक ऑफिसर के पास है। इसके अलावा दो पद ऐसे हैं जिनकी स्वीकृति मिलने के बाद से ही अधिकारी की तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में फरियादियों के काम लटके पड़े हैं। इसका असर सीधे तौर पर विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है।
जिला बनने के बाद भी नगर परिषद के स्टाफ का दायरा नहीं बढ़ा है। नगर परिषद कार्यालय शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों में चल रहा है। मौजूदा कार्यालय में जगह की कमी बनी हुई है। नया भवन बनाने की योजना तीन साल पहले तैयार होने के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में हैं।भवन के अलावा नगर परिषद के पास पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है। कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों के पद तक खाली पड़े हैं। दो साल पहले तत्कालीन प्रशासक एसडीएम विरेंद्र सिंह ने पद खाली होने के मामले में संज्ञान लेते हुए निदेशालय पत्र लिखकर तैनाती की मांग की थी। इसके बाद भी कई बार तैनाती की मांग निदेशालय भेजी गई, लेकिन अब तक कई पदों पर अधिकारियों की तैनाती नहीं हो पाई है।
नप कार्यालय में विभिन्न कामों से प्रतिदिन 100 से अधिक लोग पहुंचते हैं, अधिकारी न होने पर 50 फीसदी को लौटना पड़ता है। लोगों का कहना है कि उनके काम राइट-टू-सर्विस एक्ट के तहत निश्चित समय अवधि में भी नहीं हो पा रहे हैं।
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नगर परिषद में ये पद हैं खाली
नगर परिषद में एटीपी (असिस्टेंट टाउन प्लानर) और अनुभाग अधिकारी का पद तो आज तक ही नहीं भरा गया है। जेई के दो पद और अकाउंट अधिकारी का एक पद भी खाली पड़ा है। वहीं, सचिव का पद भी लंबे समय से खाली है। एक साल से अधिक समय बीतने पर भी सचिव पद पर तैनाती नहीं हो पाई है।
स्थायी सीएसआई न एसआई, दरोगा के सहारे सफाई शाखा
नगर परिषद में सीएसआई (चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर) और एसआई (सेनेटरी इंस्पेक्टर) का पद भी लंबे समय से खाली है। हालांकि भिवानी एसआई को दादरी नगर परिषद का अतिरिक्त कार्यभार मिला हुआ है, लेकिन नगर परिषद को स्थायी नियुक्ति की दरकार है। सफाई शाखा कर्मचारियों की निगरानी मुख्यत: दरोगा ही कर रहे हैं।
अधिकारियों की तैनाती न होने के चलते ये काम हैं प्रभावित
भवनों के नक्शों की फाइल के निपटान में भी देरी के साथ अन्य कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, ईओ की स्थायी नियुक्ति का भी लंबे समय से इंतजार है। ईओ की तैनाती न होने से नोटिस देने, अतिक्रमण हटाने, आगामी विकास कार्ययोजना को अंतिम रूप देने समेत पत्राचार में भी दिक्कतें आ रही हैं। इस समय ईओ सप्ताह में दो दिन, जबकि एसआई सप्ताह में एक दिन दादरी नगर परिषद कार्यालय आ रहे हैं।
वर्जन:
अधिकारियों के खाली पदों की सूचना मुख्यालय भेजी हुई है। जल्द ही नगर परिषद को स्थायी अधिकारी मिलने की उम्मीद है और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लिंक अफसर से काम चलाया जा रहा है। - बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद
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चरखी दादरी। शहर में विकास कार्यों का खाका खींचने वाली नगर परिषद में लंबे समय से अधिकारियों की कमी बनी हुई है। इस समय ईओ, सचिव, सीएसआई व जेई समेत करीब 10 महत्वपूर्ण के पद खाली हैं। ईओ और एसआई का चार्ज लिंक ऑफिसर के पास है। इसके अलावा दो पद ऐसे हैं जिनकी स्वीकृति मिलने के बाद से ही अधिकारी की तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में फरियादियों के काम लटके पड़े हैं। इसका असर सीधे तौर पर विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है।
जिला बनने के बाद भी नगर परिषद के स्टाफ का दायरा नहीं बढ़ा है। नगर परिषद कार्यालय शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों में चल रहा है। मौजूदा कार्यालय में जगह की कमी बनी हुई है। नया भवन बनाने की योजना तीन साल पहले तैयार होने के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में हैं।भवन के अलावा नगर परिषद के पास पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है। कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों के पद तक खाली पड़े हैं। दो साल पहले तत्कालीन प्रशासक एसडीएम विरेंद्र सिंह ने पद खाली होने के मामले में संज्ञान लेते हुए निदेशालय पत्र लिखकर तैनाती की मांग की थी। इसके बाद भी कई बार तैनाती की मांग निदेशालय भेजी गई, लेकिन अब तक कई पदों पर अधिकारियों की तैनाती नहीं हो पाई है।
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नप कार्यालय में विभिन्न कामों से प्रतिदिन 100 से अधिक लोग पहुंचते हैं, अधिकारी न होने पर 50 फीसदी को लौटना पड़ता है। लोगों का कहना है कि उनके काम राइट-टू-सर्विस एक्ट के तहत निश्चित समय अवधि में भी नहीं हो पा रहे हैं।
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नगर परिषद में ये पद हैं खाली
नगर परिषद में एटीपी (असिस्टेंट टाउन प्लानर) और अनुभाग अधिकारी का पद तो आज तक ही नहीं भरा गया है। जेई के दो पद और अकाउंट अधिकारी का एक पद भी खाली पड़ा है। वहीं, सचिव का पद भी लंबे समय से खाली है। एक साल से अधिक समय बीतने पर भी सचिव पद पर तैनाती नहीं हो पाई है।
स्थायी सीएसआई न एसआई, दरोगा के सहारे सफाई शाखा
नगर परिषद में सीएसआई (चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर) और एसआई (सेनेटरी इंस्पेक्टर) का पद भी लंबे समय से खाली है। हालांकि भिवानी एसआई को दादरी नगर परिषद का अतिरिक्त कार्यभार मिला हुआ है, लेकिन नगर परिषद को स्थायी नियुक्ति की दरकार है। सफाई शाखा कर्मचारियों की निगरानी मुख्यत: दरोगा ही कर रहे हैं।
अधिकारियों की तैनाती न होने के चलते ये काम हैं प्रभावित
भवनों के नक्शों की फाइल के निपटान में भी देरी के साथ अन्य कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, ईओ की स्थायी नियुक्ति का भी लंबे समय से इंतजार है। ईओ की तैनाती न होने से नोटिस देने, अतिक्रमण हटाने, आगामी विकास कार्ययोजना को अंतिम रूप देने समेत पत्राचार में भी दिक्कतें आ रही हैं। इस समय ईओ सप्ताह में दो दिन, जबकि एसआई सप्ताह में एक दिन दादरी नगर परिषद कार्यालय आ रहे हैं।
वर्जन:
अधिकारियों के खाली पदों की सूचना मुख्यालय भेजी हुई है। जल्द ही नगर परिषद को स्थायी अधिकारी मिलने की उम्मीद है और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लिंक अफसर से काम चलाया जा रहा है। - बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद