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Charkhi Dadri News: 25 करोड़ से गांवों की छोटी समस्याएं निपटा सकेंगे मुखिया
Thu, 05 Sep 2024 03:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 05 Sep 2024 03:27 AM IST
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दादरी शहर स्थित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय।
चरखी दादरी। जिले की ग्राम पंचायतों को आबादी के अनुरूप केंद्र सरकार की ओर से पीआरआई (पंचायती राज संस्थान) ग्रांट के रूप में करीब 25 करोड़ का बजट मिल गया है। इस बजट से गांवों में छोटे स्तर के विकास कार्य करवाए जा सकेंगे। चुनाव आचार संहिता की वजह से बड़े स्तर की ग्रांट तो फिलहाल बंद हैं। इस समय आचार संहिता की वजह से करीब 28 करोड़ के विकास कार्य के प्रोजेक्ट अटके हुए हैं।
बता दें कि हर साल इस ग्रांट के रूप में जिले की 167 ग्राम पंचायतों को करीब 25 करोड़ का बजट मिलता रहा है। यह ग्रांट गांव की जनसंख्या के आधार पर मिलती है। इस समय गांवों मेंं विकास कार्यों की सख्त जरूरत है। छोटे स्तर के विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। केंद्र सरकार हर साल पीआरआई ग्रांट जारी करती है। इस ग्रांट से ही सरपंच गांवों में नालों, छोटी गलियों व अन्य छोटे काम करवा सकते हैं। केंद्र सरकार साल में दो बार यह पीआरआई ग्रांट पंचायतों को देती है। एक साल में इसके तहत दो किस्त जारी होती हैं।
पंचायत विभाग ने ग्राम स्वराज नाम से पोर्टल लांच कर रखा है। इस पोर्टल पर सभी पंचायतों का डाटा अपलोड है। गांवों की जनसंख्या, विकास कार्यों की प्रकृति व अन्य आवश्यक बिंदू इस पोर्टल पर अपडेट हैं। इस डाटा के आधार पर पीआरआई ग्रांट जारी होती है। यह ग्रांट सीधे पंचायत के बैंक खातेे भेजी जाती है। जिस गांव की जितनी आबादी है उसी अनुपात में यह ग्रांट जारी होती है। इस ग्रांट का इस्तेमाल सरपंच अपने विवेक व जरूरतों के अनुसार खर्च करता रहा है।
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जिले के चारों खंडों में विकास कार्याें की दरकार
इस समय गांवों में विकास कार्यों की जरूरत है। जिला में चार ब्लॉक है जिनमें दादरी, बौंद कलां झोझूकलां व बाढड़ा शामिल हैं। साल भर में जिला के चार ब्लॉकों में करीब 25 करोड़ का बजट इस ग्रांट के तहत मिल जाता है जिससे सरपंच गांवों में छोटे स्तर के विकास कार्य खुद पूरा करवाते हैं।
सरपंच बोले : गांवों के लिए मिल चुका बजट
मेरे गांव को पीआरआई ग्रांट के रूप में 14 लाख रुपये का बजट मिला हैै। इस बजट से गांव में छोटे स्तर के कार्य करवाए जाते हैं। गांव की आबादी के अनुपात में यह ग्रांट मिलती है।
रामनिवास, सरपंच, ग्राम पंचायत इमलोटा
केंद्र सरकार की पीआरआई ग्रांट जारी हुई है। इस ग्रांट से नाली निर्माण, सड़क मरम्मत, दूषित पानी नाला व अन्य छोटे स्तर के कार्य करवाए जा सकते हैं।
प्रमिला, सरपंच ग्राम पंचायत भागवी
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बता दें कि हर साल इस ग्रांट के रूप में जिले की 167 ग्राम पंचायतों को करीब 25 करोड़ का बजट मिलता रहा है। यह ग्रांट गांव की जनसंख्या के आधार पर मिलती है। इस समय गांवों मेंं विकास कार्यों की सख्त जरूरत है। छोटे स्तर के विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। केंद्र सरकार हर साल पीआरआई ग्रांट जारी करती है। इस ग्रांट से ही सरपंच गांवों में नालों, छोटी गलियों व अन्य छोटे काम करवा सकते हैं। केंद्र सरकार साल में दो बार यह पीआरआई ग्रांट पंचायतों को देती है। एक साल में इसके तहत दो किस्त जारी होती हैं।
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पंचायत विभाग ने ग्राम स्वराज नाम से पोर्टल लांच कर रखा है। इस पोर्टल पर सभी पंचायतों का डाटा अपलोड है। गांवों की जनसंख्या, विकास कार्यों की प्रकृति व अन्य आवश्यक बिंदू इस पोर्टल पर अपडेट हैं। इस डाटा के आधार पर पीआरआई ग्रांट जारी होती है। यह ग्रांट सीधे पंचायत के बैंक खातेे भेजी जाती है। जिस गांव की जितनी आबादी है उसी अनुपात में यह ग्रांट जारी होती है। इस ग्रांट का इस्तेमाल सरपंच अपने विवेक व जरूरतों के अनुसार खर्च करता रहा है।
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जिले के चारों खंडों में विकास कार्याें की दरकार
इस समय गांवों में विकास कार्यों की जरूरत है। जिला में चार ब्लॉक है जिनमें दादरी, बौंद कलां झोझूकलां व बाढड़ा शामिल हैं। साल भर में जिला के चार ब्लॉकों में करीब 25 करोड़ का बजट इस ग्रांट के तहत मिल जाता है जिससे सरपंच गांवों में छोटे स्तर के विकास कार्य खुद पूरा करवाते हैं।
सरपंच बोले : गांवों के लिए मिल चुका बजट
मेरे गांव को पीआरआई ग्रांट के रूप में 14 लाख रुपये का बजट मिला हैै। इस बजट से गांव में छोटे स्तर के कार्य करवाए जाते हैं। गांव की आबादी के अनुपात में यह ग्रांट मिलती है।
रामनिवास, सरपंच, ग्राम पंचायत इमलोटा
केंद्र सरकार की पीआरआई ग्रांट जारी हुई है। इस ग्रांट से नाली निर्माण, सड़क मरम्मत, दूषित पानी नाला व अन्य छोटे स्तर के कार्य करवाए जा सकते हैं।
प्रमिला, सरपंच ग्राम पंचायत भागवी