{"_id":"628e6eb5a3d15b092f31d041","slug":"chief-minister-s-flying-squad-caught-mineral-water-bottle-making-factory-charkhidadri-news-hsr632638610","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने पकड़ी मिनरल वॉटर बोतल बनाने की फैक्टरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने पकड़ी मिनरल वॉटर बोतल बनाने की फैक्टरी
विज्ञापन
बिलावल स्थित मिनरल वॉटर बोतल तैयार करने की फैक्टरी।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी/बाढड़ा। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने बुधवार को बिलावल में मिनरल वॉटर तैयार करने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। फैक्टरी संचालक टीम के समक्ष डीलरशिप या फैक्टरी से संबंधी कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। इतना ही नहीं यहां कृषि कार्य के लिए दिए गए ट्यूबवेल कनेक्शन का भी कामर्शियल प्रयोग होता पाया गया। इस पर संज्ञान लेते हुए बिजली निगम टीम ने जुर्माना लगाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, फूड सेफ्टी टीम ने यहां से पानी के चार सैंपल लिए हैं। बिलावल से पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की अगुवाई में एक संयुक्त टीम शहर स्थित घी-पनीर डेयरी प्लांट पर भी जांच की।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को गुप्त सूचना मिली थी कि बिलावल के खेतों में मिनरल वॉटर तैयार करने की फैक्टरी चल रही है। इसका लाइसेंस भी नहीं है। इस आधार पर एएसआई नरेंद्र की अगुवाई में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता बुधवार को दादरी पहुंचा और सीआईडी डीआई जलधीर फौगाट, फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर डॉक्टर दीपक को साथ लेकर दोपहर तीन बजे बिलावल स्थित फैक्टरी पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि वहां आरओ प्लांट जैसा सेटअप तैयार मिला, जबकि वहां आरओ प्लांट वर्किंग में नहीं था। यहां करीब दस मशीनें पाई गई। फैक्टरी संचालक से जब इसका लाइसेंस मांगा गया, तो वो पेश नहीं कर पाया। इसके बाद वहां रखे सामान की टीम ने जांच की और उस दौरान मिनरल वॉटर की तैयार 800 पेटियों में 9600 बोतलें बरामद हुईं। इसके अलावा यहां काफी तादाद में गत्ते के बॉक्स और प्लास्टिक की बोतलें मिलीं।
एक साल से चल रही थी फैक्टरी, चार जिलों में करता था सप्लाई
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने दबिश दी है वो फैक्टरी पिछले करीब एक साल से चलाई जा रही थी। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि संचालक यहां तैयार माल को दादरी के अलावा लोहारू, झज्जर व रोहतक सप्लाई करता था। फूड सेफ्टी टीम ने यहां से पानी के चार सैंपल लिए हैं।
विज्ञापन
ट्यूबवेल से फैक्टरी तक पहुंचता था पानी, अंदर ही तैयार होती थी खाली बोतलें
फैक्टरी में पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। यहां पानी समीप ही एक खेत में लगे ट्यूबवेल से पहुंचता था। इतना ही नहीं फैक्टरी के अंदर ही प्लास्टिक की बोतलें तैयार की जाती थीं। बताया जा रहा है कि ये बोतलें प्लास्टिक की अंगुली आकार की नलकियों से तैयार होती थीं। बोतलों को मशीन के जरिये तैयार किया जाता था। ट्यूबवेल कनेक्शन के दुरुपयोग को देखते हुए बिजली निगम फोरमैन राजकपूर ने जांच शुरू कर दी है।
इधर ....घी-पनीर प्लांट पर मिले चार घरेलू सिलिंडर, खाद्य सामग्री के आठ सैंपल लिए
बिलावल से पहले दोपहर 12. 50 बजे मुख्यमंत्री उड़नदस्ता हीरा चौक क्षेत्र स्थित एक घी और पनीर प्लांट पर पहुंचा। यहां टीम को 80 किलोग्राम पनीर और 540 किलोग्राम घी तैयार मिला। यहां से दोनों खाद्य सामग्री के चार-चार सैंपल लिए गए। इसके अलावा यहां चार घरेलू गैस सिलिंडर मिले, जिन्हें खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार की टीम ने जब्त कर लिया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को गुप्त सूचना मिली थी कि बिलावल के खेतों में मिनरल वॉटर तैयार करने की फैक्टरी चल रही है। इसका लाइसेंस भी नहीं है। इस आधार पर एएसआई नरेंद्र की अगुवाई में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता बुधवार को दादरी पहुंचा और सीआईडी डीआई जलधीर फौगाट, फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर डॉक्टर दीपक को साथ लेकर दोपहर तीन बजे बिलावल स्थित फैक्टरी पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि वहां आरओ प्लांट जैसा सेटअप तैयार मिला, जबकि वहां आरओ प्लांट वर्किंग में नहीं था। यहां करीब दस मशीनें पाई गई। फैक्टरी संचालक से जब इसका लाइसेंस मांगा गया, तो वो पेश नहीं कर पाया। इसके बाद वहां रखे सामान की टीम ने जांच की और उस दौरान मिनरल वॉटर की तैयार 800 पेटियों में 9600 बोतलें बरामद हुईं। इसके अलावा यहां काफी तादाद में गत्ते के बॉक्स और प्लास्टिक की बोतलें मिलीं।
विज्ञापन
एक साल से चल रही थी फैक्टरी, चार जिलों में करता था सप्लाई
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने दबिश दी है वो फैक्टरी पिछले करीब एक साल से चलाई जा रही थी। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि संचालक यहां तैयार माल को दादरी के अलावा लोहारू, झज्जर व रोहतक सप्लाई करता था। फूड सेफ्टी टीम ने यहां से पानी के चार सैंपल लिए हैं।
विज्ञापन
ट्यूबवेल से फैक्टरी तक पहुंचता था पानी, अंदर ही तैयार होती थी खाली बोतलें
फैक्टरी में पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। यहां पानी समीप ही एक खेत में लगे ट्यूबवेल से पहुंचता था। इतना ही नहीं फैक्टरी के अंदर ही प्लास्टिक की बोतलें तैयार की जाती थीं। बताया जा रहा है कि ये बोतलें प्लास्टिक की अंगुली आकार की नलकियों से तैयार होती थीं। बोतलों को मशीन के जरिये तैयार किया जाता था। ट्यूबवेल कनेक्शन के दुरुपयोग को देखते हुए बिजली निगम फोरमैन राजकपूर ने जांच शुरू कर दी है।
इधर ....घी-पनीर प्लांट पर मिले चार घरेलू सिलिंडर, खाद्य सामग्री के आठ सैंपल लिए
बिलावल से पहले दोपहर 12. 50 बजे मुख्यमंत्री उड़नदस्ता हीरा चौक क्षेत्र स्थित एक घी और पनीर प्लांट पर पहुंचा। यहां टीम को 80 किलोग्राम पनीर और 540 किलोग्राम घी तैयार मिला। यहां से दोनों खाद्य सामग्री के चार-चार सैंपल लिए गए। इसके अलावा यहां चार घरेलू गैस सिलिंडर मिले, जिन्हें खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार की टीम ने जब्त कर लिया।