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Charkhi Dadri News: 150 मिनट में मुख्यमंत्री ने सुनीं 250 जनसमस्याएं
Tue, 14 Mar 2023 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 14 Mar 2023 12:08 AM IST
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चरखी दादरी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को नई अनाज मंडी में अपना छठा जनसंवाद कार्यक्रम कर 150 मिनट के अंदर 250 शिकायतों की सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने 11 माह से एचएसडीआईसी में अटकी काकड़ोली हुक्मी निवासी सुखबीर की ज्वाइनिंग संबंधित विभाग को दो दिन में कराने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री के पास सबसे अधिक शिकायतें जन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित पहुंची। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने दो लोगों के पेयजल बिल माफ करने का भी आदेश दिया। एक बीडीपीओ को उन्होंने कार्रवाई की चेतावनी दी जबकि डीईओ कृष्णा फौगाट को एक स्कूल के चौकीदार को सस्पेंड करने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल का हेलीकॉप्टर सुबह 10:11 पर नई अनाज मंडी में लैंड हुआ। उनके साथ स्थानीय शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता भी हेलीकॉप्टर से दादरी पहुंचे। यहां कृषि मंत्री जेपी दलाल समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री गाड़ी में सवार होकर किसान रेस्ट हाउस पहुंचे। 10:26 पर मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम के पंडाल में पहुंचे।
यहां आते ही मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गैलरी में मौजूद पुलिसकर्मियों को बाहर जाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यहां आए सभी फरियादी उनके मित्र हैं और उन्हें पुलिस सुरक्षा की जरूरत नहीं है। 10:45 पर मुख्यमंत्री ने जनसंवाद कार्यक्रम शुरू किया। जन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि दादरी शहर में सीवरेज लाइनों से संबंधित कार्य को मंजूरी दे दी गई है। जन स्वास्थ्य विभाग इन प्रोजेक्ट का ले-आउट व एस्टीमेट आदि तैयार करवाकर शीघ्र चंडीगढ़ भिजवा दे। गांधी नगर निवासी मोहित शर्मा की शिकायत सुनते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता को मुख्यमंत्री ने ये आदेश दिए।
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इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस खुले दरबार को दो भागों में विभाजित कर दिया। प्रथम खंड में मुख्यमंत्री ने स्वयं और पांडाल में बनाए गए दूसरे खंड में कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने जनशिकायतों को सुना और उनका समाधान करवाया। दादरी जिले की समस्याओं की सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सरकार की ओर से छठा जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सरकार ने आठ साल पहले ही सीएम विंडो व अन्य सोशल मीडिया के पोर्टल बनाकर शिकायतों पर कार्रवाई करनी शुरू की थी। जिन पर 13 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गई थीं और उनको इस बात का संतोष है कि ऑनलाइन पोर्टल की 90 प्रतिशत समस्याओं को हल कर लिया गया है। अब सीधे जनता से संवाद के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
- डीसी से बोले: मंच से नीचे लगाओ हमारी कुर्सी
दादरी में मुख्यमंत्री ने मंच पर आते ही सभी बैरिकेड हटवा दिए और डीसी प्रीति को मंच के बजाय नीचे कुर्सियां लगवाने का आदेश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल, डॉ. कमल गुप्ता, विधायक सोमबीर सांगवान और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के लिए नीचे कुर्सी रखवाई गई और वहां बैठकर मुख्यमंत्री ने जनसमस्याएं सुनीं।
- 7 दिन में पानी निकालने का दिया आदेश
दरबार में पहली शिकायत गांधी नगर के नगर पार्षद ने दूषित पानी की निकासी से संबंधित रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने अस्थायी व्यवस्था कर पानी निकालने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सात दिन में गांधी नगर कॉलोनी का पानी निकलना चाहिए, उसके लिए चाहे कितनी भी विभाग को मोटरें लगवानी पड़े। इस कालोनी के समीप समसपुर गांव में मनरेगा स्कीम के अंतर्गत पंचायती भूमि पर जोहड़ खुदवाकर पानी को वहां डंप करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सीसीआई परिसर में जमा हुए पानी को शीघ्र वहां से निकाला जाए।
- महिला पार्षद की जगह पहुंचे प्रतिनिधि को लौटाया
वार्ड तीन से नगर पार्षद बबीता के स्थान पर उसके पति शिकायत देने आए तो मुख्यमंत्री ने उसको लौटा दिया और कहा कि पार्षद स्वयं यह शिकायत लेकर आए। इसी प्रकार अपनी शिकायत लेकर नगर परिषद चेयरमैन को भी सीएम के सामने पेश होना पड़ा। चेयरमैन बक्शीराम सैनी ने स्थानीय घिकाड़ा रोड पर घरों के ऊपर से गुजर रही बिजली की 132 केवी लाइन हटवाने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मोनोपोल लगाकर इस लाइन को और ऊंचा कर दिया जाए।
- समसपुर में टैंकरों से होगी पेयजल आपूर्ति
गांव समसपुर की सरपंच नीतू ने पानी निकासी और पेयजल आपूर्ति नहीं होने की शिकायत रखी। जिस पर अधिकारियों ने बताया कि नियमित जलापूर्ति डेढ़ साल में संभव है। इस पर मुख्यमंत्री ने टैंकरों से गांव में रोजाना प्रति व्यक्ति 50 से 55 लीटर पानी उपलब्ध करवाने को कहा।
- घर पर पानी नहीं जा रहा तो क्यों भेजे बिल, तुरंत माफ करो
गांव रानीला निवासी मुरारीलाल ने पानी का बिल माफ करवाने के लिए निवेदन किया। मुख्यमंत्री को उसने बताया कि उसके घर पर पानी ही नहीं आ रहा है, परंतु बिल भेज दिया गया। इस पर सीएम ने कहा कि पानी आने पर ही विभाग बिल लेने का हकदार है। इसी प्रकार एक अन्य परिवादी का बिल भी उन्होंने माफ करवाया।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल का हेलीकॉप्टर सुबह 10:11 पर नई अनाज मंडी में लैंड हुआ। उनके साथ स्थानीय शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता भी हेलीकॉप्टर से दादरी पहुंचे। यहां कृषि मंत्री जेपी दलाल समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री गाड़ी में सवार होकर किसान रेस्ट हाउस पहुंचे। 10:26 पर मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम के पंडाल में पहुंचे।
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यहां आते ही मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गैलरी में मौजूद पुलिसकर्मियों को बाहर जाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यहां आए सभी फरियादी उनके मित्र हैं और उन्हें पुलिस सुरक्षा की जरूरत नहीं है। 10:45 पर मुख्यमंत्री ने जनसंवाद कार्यक्रम शुरू किया। जन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि दादरी शहर में सीवरेज लाइनों से संबंधित कार्य को मंजूरी दे दी गई है। जन स्वास्थ्य विभाग इन प्रोजेक्ट का ले-आउट व एस्टीमेट आदि तैयार करवाकर शीघ्र चंडीगढ़ भिजवा दे। गांधी नगर निवासी मोहित शर्मा की शिकायत सुनते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता को मुख्यमंत्री ने ये आदेश दिए।
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इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस खुले दरबार को दो भागों में विभाजित कर दिया। प्रथम खंड में मुख्यमंत्री ने स्वयं और पांडाल में बनाए गए दूसरे खंड में कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने जनशिकायतों को सुना और उनका समाधान करवाया। दादरी जिले की समस्याओं की सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सरकार की ओर से छठा जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सरकार ने आठ साल पहले ही सीएम विंडो व अन्य सोशल मीडिया के पोर्टल बनाकर शिकायतों पर कार्रवाई करनी शुरू की थी। जिन पर 13 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गई थीं और उनको इस बात का संतोष है कि ऑनलाइन पोर्टल की 90 प्रतिशत समस्याओं को हल कर लिया गया है। अब सीधे जनता से संवाद के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
- डीसी से बोले: मंच से नीचे लगाओ हमारी कुर्सी
दादरी में मुख्यमंत्री ने मंच पर आते ही सभी बैरिकेड हटवा दिए और डीसी प्रीति को मंच के बजाय नीचे कुर्सियां लगवाने का आदेश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल, डॉ. कमल गुप्ता, विधायक सोमबीर सांगवान और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के लिए नीचे कुर्सी रखवाई गई और वहां बैठकर मुख्यमंत्री ने जनसमस्याएं सुनीं।
- 7 दिन में पानी निकालने का दिया आदेश
दरबार में पहली शिकायत गांधी नगर के नगर पार्षद ने दूषित पानी की निकासी से संबंधित रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने अस्थायी व्यवस्था कर पानी निकालने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सात दिन में गांधी नगर कॉलोनी का पानी निकलना चाहिए, उसके लिए चाहे कितनी भी विभाग को मोटरें लगवानी पड़े। इस कालोनी के समीप समसपुर गांव में मनरेगा स्कीम के अंतर्गत पंचायती भूमि पर जोहड़ खुदवाकर पानी को वहां डंप करवाया जाए। उन्होंने कहा कि सीसीआई परिसर में जमा हुए पानी को शीघ्र वहां से निकाला जाए।
- महिला पार्षद की जगह पहुंचे प्रतिनिधि को लौटाया
वार्ड तीन से नगर पार्षद बबीता के स्थान पर उसके पति शिकायत देने आए तो मुख्यमंत्री ने उसको लौटा दिया और कहा कि पार्षद स्वयं यह शिकायत लेकर आए। इसी प्रकार अपनी शिकायत लेकर नगर परिषद चेयरमैन को भी सीएम के सामने पेश होना पड़ा। चेयरमैन बक्शीराम सैनी ने स्थानीय घिकाड़ा रोड पर घरों के ऊपर से गुजर रही बिजली की 132 केवी लाइन हटवाने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मोनोपोल लगाकर इस लाइन को और ऊंचा कर दिया जाए।
- समसपुर में टैंकरों से होगी पेयजल आपूर्ति
गांव समसपुर की सरपंच नीतू ने पानी निकासी और पेयजल आपूर्ति नहीं होने की शिकायत रखी। जिस पर अधिकारियों ने बताया कि नियमित जलापूर्ति डेढ़ साल में संभव है। इस पर मुख्यमंत्री ने टैंकरों से गांव में रोजाना प्रति व्यक्ति 50 से 55 लीटर पानी उपलब्ध करवाने को कहा।
- घर पर पानी नहीं जा रहा तो क्यों भेजे बिल, तुरंत माफ करो
गांव रानीला निवासी मुरारीलाल ने पानी का बिल माफ करवाने के लिए निवेदन किया। मुख्यमंत्री को उसने बताया कि उसके घर पर पानी ही नहीं आ रहा है, परंतु बिल भेज दिया गया। इस पर सीएम ने कहा कि पानी आने पर ही विभाग बिल लेने का हकदार है। इसी प्रकार एक अन्य परिवादी का बिल भी उन्होंने माफ करवाया।