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दो माह के अंदर छपार गांव होगा नशामुक्त : एसपी
Wed, 18 Dec 2024 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 18 Dec 2024 12:39 AM IST
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छपार गांव में ग्रामीणों से संवाद करते एसपी अर्श वर्मा। स्रोत: पुलिस विभाग
- जिले को पूर्णतया नशामुक्त बनाने की मुहिम के तहत मंगलवार को छपार गांव में लोगों से संवाद करने पहुंचे आईपीएस अर्श वर्मा, पुलिस की भावी योजनाओं की दी जानकारी
- युवाओं को बताए नशे के दुष्प्रभाव, नशा करने वालों और बेचने वालों की भी जानकारी देने की बात कही
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी को पूर्णतया नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा के निर्देशानुसार जिला पुलिस ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। विशेषकर युवाओं को नशे जैसी बुराई से दूर रखने और नशे के दुष्प्रभावाें से अवगत करवाने के लिए एसपी अर्श वर्मा अब खुद लोगों से संवाद करेंगे। इस मुहिम की शुरुआत मंगलवार को जिले के गांव छपार से की गई। एसपी ने कहा कि दो माह के अंदर इस गांव को पूर्णतया नशामुक्त किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने मंगलवार को गांव छपार का दौरा किया और गांव के पंचायत घर में ग्रामीणों के साथ बैठक की। नशामुक्त भारत अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने ग्रामीणों के साथ संवाद किया। साथ ही लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया।
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एसपी अर्श वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में नशे का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। युवा वर्ग सबसे अधिक नशे की चपेट में आ रहा है। यह उनके परिवार, गांव व समाज के लिए काफी घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि काफी युवा ऐसे भी हैं जो शुरुआत में दूसरों की देखादेखी या फिर शौक के तौर पर नशा करते हैं। लेकिन, धीरे-धीरे वे नशे की लत की चपेट में आ जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि खुद उन युवाओं को नहीं पता चलता कि वे कब और क्यों इस लत में फंस गए।
एसपी ने कहा कि समाज में युवा नशे की तरफ बढ़ रहे हैं। यह चिंता का विषय है। युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाने के लिए जिला पुलिस तो काम कर रही है, लेकिन, संबंधित परिवारों, ग्रामीणों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे इस बुराई पर अंकुश लगाने में पुलिस का सहयोग करें।
- नौ गांव बनाए जा चुके नशामुक्त
जिला पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने ग्रामीणों से बात करते हुए बताया कि पुलिस के प्रयासाें से दादरी के नौ गांवों को पूर्ण रूप से नशामुक्त किया गया है। उन गांवों के बाहर पंचायतों की ओर से बोर्ड पर भी नशामुक्त गांव लिखवाया जा चुका है। पुलिस का लक्ष्य है कि आगामी दो महीने में गांव छपार को भी नशामुक्त बनाना है। यहां भी नशामुक्त गांव का बोर्ड लगवाना है।
- इन स्थानों पर पहुंचे एसपी
पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने ग्रामीणों से संवाद के बाद गांव में बाबा जमनागिरी मंदिर, गोशाला, राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय का भी दौरा किया और गांव से संबंधित जानकारी ली। इस दौरान दादरी सदर थाना प्रबंधक निरीक्षक ओमप्रकाश, राकेश सरपंच प्रतिनिधि छपार, सुनील सरपंच रासीवास, रामफल नंबरदार, सुनील व मनजीत आदि भी मौजूद रहे।
फोटो 41
छपार गांव में ग्रामीणों से संवाद करते एसपी अर्श वर्मा। स्रोत : पुलिस विभाग
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- युवाओं को बताए नशे के दुष्प्रभाव, नशा करने वालों और बेचने वालों की भी जानकारी देने की बात कही
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी को पूर्णतया नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा के निर्देशानुसार जिला पुलिस ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। विशेषकर युवाओं को नशे जैसी बुराई से दूर रखने और नशे के दुष्प्रभावाें से अवगत करवाने के लिए एसपी अर्श वर्मा अब खुद लोगों से संवाद करेंगे। इस मुहिम की शुरुआत मंगलवार को जिले के गांव छपार से की गई। एसपी ने कहा कि दो माह के अंदर इस गांव को पूर्णतया नशामुक्त किया जाएगा।
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पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने मंगलवार को गांव छपार का दौरा किया और गांव के पंचायत घर में ग्रामीणों के साथ बैठक की। नशामुक्त भारत अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने ग्रामीणों के साथ संवाद किया। साथ ही लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया।
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एसपी अर्श वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में नशे का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। युवा वर्ग सबसे अधिक नशे की चपेट में आ रहा है। यह उनके परिवार, गांव व समाज के लिए काफी घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि काफी युवा ऐसे भी हैं जो शुरुआत में दूसरों की देखादेखी या फिर शौक के तौर पर नशा करते हैं। लेकिन, धीरे-धीरे वे नशे की लत की चपेट में आ जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि खुद उन युवाओं को नहीं पता चलता कि वे कब और क्यों इस लत में फंस गए।
एसपी ने कहा कि समाज में युवा नशे की तरफ बढ़ रहे हैं। यह चिंता का विषय है। युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाने के लिए जिला पुलिस तो काम कर रही है, लेकिन, संबंधित परिवारों, ग्रामीणों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे इस बुराई पर अंकुश लगाने में पुलिस का सहयोग करें।
- नौ गांव बनाए जा चुके नशामुक्त
जिला पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने ग्रामीणों से बात करते हुए बताया कि पुलिस के प्रयासाें से दादरी के नौ गांवों को पूर्ण रूप से नशामुक्त किया गया है। उन गांवों के बाहर पंचायतों की ओर से बोर्ड पर भी नशामुक्त गांव लिखवाया जा चुका है। पुलिस का लक्ष्य है कि आगामी दो महीने में गांव छपार को भी नशामुक्त बनाना है। यहां भी नशामुक्त गांव का बोर्ड लगवाना है।
- इन स्थानों पर पहुंचे एसपी
पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने ग्रामीणों से संवाद के बाद गांव में बाबा जमनागिरी मंदिर, गोशाला, राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय का भी दौरा किया और गांव से संबंधित जानकारी ली। इस दौरान दादरी सदर थाना प्रबंधक निरीक्षक ओमप्रकाश, राकेश सरपंच प्रतिनिधि छपार, सुनील सरपंच रासीवास, रामफल नंबरदार, सुनील व मनजीत आदि भी मौजूद रहे।
फोटो 41
छपार गांव में ग्रामीणों से संवाद करते एसपी अर्श वर्मा। स्रोत : पुलिस विभाग