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पंचायत भवन में चल रहा है गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चिकित्सा सुविधाएं नदारद
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गोपी पंचायत घर के भवन में चल रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
- फोटो : CharkhiDadri
कस्बे के गांव गोपी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को दो वर्ष पहले ही कंडम घोषित किया जा चुका है। नया भवन का निर्माण नहीं होने पर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित हो रही हैं। वहीं क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 35 से 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।
क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को लोक निर्माण विभाग ने दो वर्ष पहले ही कंडम घोषित कर दिया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग से मंजूरी नहीं मिलने के कारण अब तक नया भवन नहीं बन सका हैै। अधिकारियों की माने तो सीएचसी गोपी में आठ डॉक्टर होने चाहिए। वहीं प्रत्येक पीएचसी पर दो डॉक्टर होने चाहिए। एक सीएचसी के अधीन चार पीएचसी केंद्र हैं, जिनमें कुल 16 डॉक्टर होने चाहिए। बावजूद इसके अभी छह डॉक्टर ही सीएचसी व पीएचसी में कार्यरत हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, विभिंन प्रकार की जांच के लिए 35 से 40 किलोमीटर दूर दादरी शहर या भिवानी जाना पर पड़ रहा है।
इन गांवों के लोगों को नहीं मिल पा रहीं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन कंडम होने के कारण पिछले दो वर्ष से गांव के पंचायत भवन एवं वृद्धाश्रम भवन में चल रहा है। इसके चलते चिकित्सकों को यहां सभी प्रकार की सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। क्षेत्र के गांव गोपी, उमरवास, जीतपुरा, काकड़ोली सरदारा, काकड़ोली हट्टी, काकड़ोली हुक्मी, पंचगांव, जगरामबास, हुई, लाडावास व मोद आदि गांव के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
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पीडब्ल्यूडी के एसडीओ लोकेश डागर ने बताया कि सीएचसी के पुराने भवन को तोड़ने का काम हमने शुरू करवा दिया है। भवन का निर्माण कार्य 15 माह में पूरा करवा दिया जाएगा।
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क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को लोक निर्माण विभाग ने दो वर्ष पहले ही कंडम घोषित कर दिया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग से मंजूरी नहीं मिलने के कारण अब तक नया भवन नहीं बन सका हैै। अधिकारियों की माने तो सीएचसी गोपी में आठ डॉक्टर होने चाहिए। वहीं प्रत्येक पीएचसी पर दो डॉक्टर होने चाहिए। एक सीएचसी के अधीन चार पीएचसी केंद्र हैं, जिनमें कुल 16 डॉक्टर होने चाहिए। बावजूद इसके अभी छह डॉक्टर ही सीएचसी व पीएचसी में कार्यरत हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, विभिंन प्रकार की जांच के लिए 35 से 40 किलोमीटर दूर दादरी शहर या भिवानी जाना पर पड़ रहा है।
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इन गांवों के लोगों को नहीं मिल पा रहीं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन कंडम होने के कारण पिछले दो वर्ष से गांव के पंचायत भवन एवं वृद्धाश्रम भवन में चल रहा है। इसके चलते चिकित्सकों को यहां सभी प्रकार की सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। क्षेत्र के गांव गोपी, उमरवास, जीतपुरा, काकड़ोली सरदारा, काकड़ोली हट्टी, काकड़ोली हुक्मी, पंचगांव, जगरामबास, हुई, लाडावास व मोद आदि गांव के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
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पीडब्ल्यूडी के एसडीओ लोकेश डागर ने बताया कि सीएचसी के पुराने भवन को तोड़ने का काम हमने शुरू करवा दिया है। भवन का निर्माण कार्य 15 माह में पूरा करवा दिया जाएगा।