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जिले को मिले आठ नए चिकित्सक
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जिले में आठ नए चिकित्सकों ने ज्वाइन कर लिया है। इसके बाद भी जिले में चिकित्सकों के 40 पद खाली हैं। पिछले ढाई माह में जिले में 14 चिकित्सक ज्वाइन कर चुके हैं, लेकिन इनमें विशेषज्ञ एक भी नहीं है। जिले में विशेषज्ञों के 20 पद अभी खाली पड़े हैं। इसके चलते मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जिलावासियों को नहीं मिल पा रहा है। हालांकि नए चिकित्सकों की तैनाती प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर की गई है, लेकिन अगले दो माह तक ये जिला अस्पताल में ही अपनी सेवाएं देंगे।
चरखी दादरी सिविल अस्पताल के अलावा एक मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सीएचसी और 14 पीएचसी जिले के अधीन हैं। पिछले लंबे समय से जिले में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों के हालात तो और बुरे बने हुए हैं। अगर ढाई माह पहले की बात करें तो जिले में चिकित्सकों के 93 पदों में से 52 खाली थे। मार्च के अंत में छह चिकित्सकों ने ज्वाइन किया था।
हाल ही में आठ चिकित्सकों ने ज्वाइन किया है और इसके बाद जिले में 53 चिकित्सक हो गए हैं। नए आठों चिकित्सकों की जिला स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्ति कर दी है। इन सभी को सीएचसी पर तैनात किया गया है और पीएचसी का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है। हालांकि इन केंद्रों की कमान वो करीब दो माह संभालेंगे और तब तक जिला मुख्यालय अस्पताल पर ही सेवाएं देंगे। परेशानी भरी बात यह है कि जिले में विशेषज्ञों की कमी अभी भी बनी हुई है। जिले में एक एनेस्थीसिया और एक चर्म रोग विशेषज्ञ ही है। इसके अलावा बाकी विशेषज्ञों के पद खाली पड़े हैं।
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आठ नए चिकित्सकों में से तीन की तैनात बौंदकलां सीएचसी पर की गई है। एक चिकित्सक झोझू कलां सीएचसी पर और दो चिकित्सक सीएचसी गोपी में तैनात किए गए हैं। एक महिला चिकित्सक की तैनाती केवल पीएचसी पर की गई है।
जिले में नहीं ये विशेषज्ञ
जिले में विशेषज्ञ के करीब 22 पद स्वीकृत हैं। इनमें से दो ही भरे हुए हैं। ऑर्थो के अलावा बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, आई, चेस्ट एवं टीबी व सर्जन के पद खाली हैं। जिले में अभी 19 विशेषज्ञों के पद खाली हैं और इसके चलते स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जिलावासियों को नहीं मिल पा रहा।
ऑपरेशन की सुविधा नहीं, मामूली फ्रेक्चर में भी रेफर हो रहे मरीज
जिला अस्पताल में सर्जन की तैनाती न होने से ऑपरेशन सुविधा पिछले करीब दो साल से बंद पड़ी है। पहले छोटे ऑपरेशन जिले में होते थे, लेकिन अब ऑपरेशन थिएटर शो-पीस बनकर रह गया है। मामूली फ्रेक्चर होने पर भी मरीजों को सिविल अस्पताल से भिवानी या रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा है।
जिले में फिजिशियन भी नहीं, आईएमए पर निर्भर विभाग
चरखी दादरी जिले में एक भी फिजिशियन नहीं है। कोरोना के समय फिजिशियन होना बेहद जरूरी है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से मदद मांगी थी। आईएमए की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि कोरोना काल में जरूरत पड़ने पर फिजिशियन आईएमए मुहैया करवाएगी।
किस स्वास्थ्य केंद्र को मिले कितने चिकित्सक
चिकित्सक का नाम तैनाती
डॉ. एकता पंवार सीएचसी झोझू कलां
डॉ. अनु पीएचसी रानीला
डॉ. ईशु लांबा सीएचसी बौंद कलां
डॉ. अनिता सांगवान पीएचसी छपार, सीएचसी गोपी
डॉ. मिसबा पीएचसी कादमा, सीएचसी गोपी
डॉ. ज्योति सीएचसी बौंद कलां
आठ चिकित्सकों ने हाल में ही ज्वाइन किया है। इनकी तैनाती सीएचसी और पीएचसी पर की गई है। विशेषज्ञों की तैनाती की डिमांड हम भेज रहे हैं। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही तैनाती कर देगी।
- डॉ. मंजू कादयान, सीएमओ, चरखी दादरी
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चरखी दादरी सिविल अस्पताल के अलावा एक मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सीएचसी और 14 पीएचसी जिले के अधीन हैं। पिछले लंबे समय से जिले में चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों के हालात तो और बुरे बने हुए हैं। अगर ढाई माह पहले की बात करें तो जिले में चिकित्सकों के 93 पदों में से 52 खाली थे। मार्च के अंत में छह चिकित्सकों ने ज्वाइन किया था।
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हाल ही में आठ चिकित्सकों ने ज्वाइन किया है और इसके बाद जिले में 53 चिकित्सक हो गए हैं। नए आठों चिकित्सकों की जिला स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्ति कर दी है। इन सभी को सीएचसी पर तैनात किया गया है और पीएचसी का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है। हालांकि इन केंद्रों की कमान वो करीब दो माह संभालेंगे और तब तक जिला मुख्यालय अस्पताल पर ही सेवाएं देंगे। परेशानी भरी बात यह है कि जिले में विशेषज्ञों की कमी अभी भी बनी हुई है। जिले में एक एनेस्थीसिया और एक चर्म रोग विशेषज्ञ ही है। इसके अलावा बाकी विशेषज्ञों के पद खाली पड़े हैं।
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आठ नए चिकित्सकों में से तीन की तैनात बौंदकलां सीएचसी पर की गई है। एक चिकित्सक झोझू कलां सीएचसी पर और दो चिकित्सक सीएचसी गोपी में तैनात किए गए हैं। एक महिला चिकित्सक की तैनाती केवल पीएचसी पर की गई है।
जिले में नहीं ये विशेषज्ञ
जिले में विशेषज्ञ के करीब 22 पद स्वीकृत हैं। इनमें से दो ही भरे हुए हैं। ऑर्थो के अलावा बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, आई, चेस्ट एवं टीबी व सर्जन के पद खाली हैं। जिले में अभी 19 विशेषज्ञों के पद खाली हैं और इसके चलते स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जिलावासियों को नहीं मिल पा रहा।
ऑपरेशन की सुविधा नहीं, मामूली फ्रेक्चर में भी रेफर हो रहे मरीज
जिला अस्पताल में सर्जन की तैनाती न होने से ऑपरेशन सुविधा पिछले करीब दो साल से बंद पड़ी है। पहले छोटे ऑपरेशन जिले में होते थे, लेकिन अब ऑपरेशन थिएटर शो-पीस बनकर रह गया है। मामूली फ्रेक्चर होने पर भी मरीजों को सिविल अस्पताल से भिवानी या रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा है।
जिले में फिजिशियन भी नहीं, आईएमए पर निर्भर विभाग
चरखी दादरी जिले में एक भी फिजिशियन नहीं है। कोरोना के समय फिजिशियन होना बेहद जरूरी है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से मदद मांगी थी। आईएमए की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि कोरोना काल में जरूरत पड़ने पर फिजिशियन आईएमए मुहैया करवाएगी।
किस स्वास्थ्य केंद्र को मिले कितने चिकित्सक
चिकित्सक का नाम तैनाती
डॉ. एकता पंवार सीएचसी झोझू कलां
डॉ. अनु पीएचसी रानीला
डॉ. ईशु लांबा सीएचसी बौंद कलां
डॉ. अनिता सांगवान पीएचसी छपार, सीएचसी गोपी
डॉ. मिसबा पीएचसी कादमा, सीएचसी गोपी
डॉ. ज्योति सीएचसी बौंद कलां
आठ चिकित्सकों ने हाल में ही ज्वाइन किया है। इनकी तैनाती सीएचसी और पीएचसी पर की गई है। विशेषज्ञों की तैनाती की डिमांड हम भेज रहे हैं। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही तैनाती कर देगी।
- डॉ. मंजू कादयान, सीएमओ, चरखी दादरी