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भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे बड़ी धरोहर : एसडीएम
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फोटो -43 बाढ़डा में आर्य भजनोपदेशिका कल्याणी आर्य को सम्मानित करते हुए महिलाएं।
- फोटो : CharkhiDadri
बाढड़ा। संस्कृति ही देश की आन-बान-शान और जान होती है। भारतीय संस्कृति वैज्ञानिकता से परिपूर्ण है और संपूर्ण विश्व की पथ-प्रदर्शक एवं बड़ी धरोहर है। ये विचार एसडीएम डॉ. वीरेंद्र सिंह ने आर्यसमाज, आर्यवीर दल, महिला आर्यसमाज बाढड़ा द्वारा आयोजित मकर संक्रांति महोत्सव में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पर्व भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे पर्व लोगों में आपसी प्रेम, भाईचारा व सहयोग की भावना से विकसित और मानवीय मूल्यों से जोड़े रखते हैं। हिसार से पधारी आर्य भजनोपदेशिका कल्याणी आर्य ने भजनों के माध्यम से आर्य समाज की शिक्षाओं और मान्यताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आर्य समाज कोई मत पंथ या संप्रदाय नहीं है बल्कि ऋषियों की वैदिक विचारधारा का पालक व प्रचारक है। आर्य समाज राम, कृष्ण, हनुमान, शिव आदि के उज्ज्वल एवं गौरवशाली चरित्र को अपना आदर्श मानता है और उनके पदचिह्नों पर चलना ही उनकी असली पूजा मानता है। उन्होंने कहा कि राम, कृष्ण, हनुमान आदि दिव्य महापुरुष थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थाना प्रभारी कप्तान सिंह ने कहा कि सामूहिक रूप से त्योहारों के आयोजन से सामाजिक सद्भावना और आपसी भाईचारे का विकास होता है।
आर्य समाज के कार्यों में विशेष सहयोग के लिए पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह व बीर सिंह सभ्रवाल, गोसेवा में विशेष कर्मठता के लिए विशाल जेवली के अलावा काजल सैनी व मीर सिंह शर्मा को सम्मानित किया गया।
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इस अवसर पर महाशय जगदीशचंद्र आर्य, सज्जन सिंह, राकेश कुमार सरपंच, आर्यसमाज बाढड़ा के उपप्रधान वीरेंद्र आर्य, सत्यवीर आर्य, बीर सिंह सभ्रवाल, मोहनलाल सैनी, प्रवेश आर्य, सुरेंद्र आर्य, व्यापारी नेता कटार सिंह, पूर्व चेयरमैन सुनील शर्मा, पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह, जयवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि प्रत्येक पर्व भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे पर्व लोगों में आपसी प्रेम, भाईचारा व सहयोग की भावना से विकसित और मानवीय मूल्यों से जोड़े रखते हैं। हिसार से पधारी आर्य भजनोपदेशिका कल्याणी आर्य ने भजनों के माध्यम से आर्य समाज की शिक्षाओं और मान्यताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आर्य समाज कोई मत पंथ या संप्रदाय नहीं है बल्कि ऋषियों की वैदिक विचारधारा का पालक व प्रचारक है। आर्य समाज राम, कृष्ण, हनुमान, शिव आदि के उज्ज्वल एवं गौरवशाली चरित्र को अपना आदर्श मानता है और उनके पदचिह्नों पर चलना ही उनकी असली पूजा मानता है। उन्होंने कहा कि राम, कृष्ण, हनुमान आदि दिव्य महापुरुष थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थाना प्रभारी कप्तान सिंह ने कहा कि सामूहिक रूप से त्योहारों के आयोजन से सामाजिक सद्भावना और आपसी भाईचारे का विकास होता है।
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आर्य समाज के कार्यों में विशेष सहयोग के लिए पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह व बीर सिंह सभ्रवाल, गोसेवा में विशेष कर्मठता के लिए विशाल जेवली के अलावा काजल सैनी व मीर सिंह शर्मा को सम्मानित किया गया।
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इस अवसर पर महाशय जगदीशचंद्र आर्य, सज्जन सिंह, राकेश कुमार सरपंच, आर्यसमाज बाढड़ा के उपप्रधान वीरेंद्र आर्य, सत्यवीर आर्य, बीर सिंह सभ्रवाल, मोहनलाल सैनी, प्रवेश आर्य, सुरेंद्र आर्य, व्यापारी नेता कटार सिंह, पूर्व चेयरमैन सुनील शर्मा, पूर्व सरपंच बिजेंद्र सिंह, जयवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।