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Charkhi Dadri News: गांव के मुकाबले शहर में और महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में डेंगू का अधिक प्रकोप
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फोटो 02 पानी में लारवा की जांच करता स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी।
- फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। डेंगू का डंक जिले में लोगों को चपेट में ले रहा है। इस सीजन की बात करें तो अब तक 329 लोग पीड़ित हो चुके हैं। अहम बात यह है कि महिलाओं के मुकाबले पुरुष डेंगू से अधिक पीड़ित हो रहे हैं। अब तक जिले में 214 पुरुष और 155 महिलाएं डेंगू की चपेट में आए हैं। वहीं, गांवों के मुकाबले शहर में डेंगू का अधिक प्रकोप है। एकमात्र राहत की बात यह है कि अब तक डेंगू से जिले में किसी की मौत नहीं हुई है।
दरअसल, जिले में सितंबर से डेंगू केस सामने आ रहे हैं। अकेले सितंबर की बात करें तो डेंगू संक्रमितों की संख्या 35 थी जो अक्तूबर में बढ़कर 126 पहुंच गई। नवंबर में डेंगू के लगातार केस मिल रहे हैं। पिछले 29 दिनों की अगर बात करें तो करीब 180 केस सामने आ चुके हैं। वहीं, डेंगू के केस बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क जोन की संख्या 150 कर दी है। शहर की बात करें तो 85 और गांवों में 65 हाई रिस्क जोन हैं। शहरी क्षेत्र में दो बार फॉगिंग हो चुकी है जबकि सभी ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक फॉगिंग नहीं हो पाई है।
गत वर्ष भी डेंगू और मलेरिया ने सितंबर से नवंबर तक कहर बरपाया था। उसी तर्ज पर इस साल भी डेंगू केस तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 86 दिनों में 266 केस सामने आए हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल सैंपलिंग भी अधिक हुई है और यह भी डेंगू के ज्यादा केस मिलने का कारण है। पिछले सीजन में जिले के अंदर मलेरिया के 654 केस मिले थे।
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शहरी दादरी में मिले हैं ज्यादा केस
नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में हाई रिस्क एरिया घोषित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक दादरी अर्बन में 177 और गांवों में 152 डेंगू केस पाए गए हैं। सबसे कम डेंगू केस रानीला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले गांवों में पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू का प्रकोप बढ़ने के मद्देनजर एंटी लारवा एक्टिविटी को गति दे दी गई है।
रोकथाम के लिए किए जा रहे हैं ये प्रयास
विभाग डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए स्टॉक में मौजूद 100 लीटर पारेथम ऑयल पेस्ट का स्प्रे में प्रयोग कर रहा है। इसके अलावा तालाबों में गंबूजिया मछली डाली गई हैं। टीमें लारवा मिलने पर बर्तन को खाली करवा रही हैं और मकान मालिक को नोटिस दे रही हैं।
मंगलवार को 7860 घरों में पहुंची टीम, 85 में मिला लारवा
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की 20 टीमों ने जिले के 7860 घरों की विजिट की। इनमें से 85 घरों में लारवा पाया गया है। इतना ही नहीं इन टीमों ने 23 लोगों को नोटिस भी दिए जबकि बाकी लोगों के घरों में पानी के बर्तन खाली कराए गए।
जानिये... किस स्वास्थ्य केंद्र में कितने डेंगू केस आए सामने
क्षेत्र - डेंगू केस
अर्बन दादरी- 177
झोझू सीएचसी- 49
संतोकपुरा पीएचसी- 9
बलकरा पीएचसी- 28
माई कलां पीएचसी- 5
मानकावास पीएचसी- 4
बौंदकलां सीएचसी- 6
अचीना पीएचसी- 7
सांवड़ पीएचसी-20
रानीला पीएचसी-1
इमलोटा पीएचसी-6
गोपी सीएचसी-4
बाढड़ा पीएचसी-3
हड़ौदी पीएचसी-2
छपार पीएचसी-5
कादमा पीएचसी-3
अधिकारी बोले
डेंगू के अब तक 329 केस मिल चुके हैं। हमने 106 कर्मचारियों और 22 सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई गई है। टीमें लगातार सैंपल ले रही हैं और इस सीजन में किसी भी डेंगू संक्रमित की मौत नहीं हुई है।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, डेंगू एव मलेरिया नोडल अधिकारी
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दरअसल, जिले में सितंबर से डेंगू केस सामने आ रहे हैं। अकेले सितंबर की बात करें तो डेंगू संक्रमितों की संख्या 35 थी जो अक्तूबर में बढ़कर 126 पहुंच गई। नवंबर में डेंगू के लगातार केस मिल रहे हैं। पिछले 29 दिनों की अगर बात करें तो करीब 180 केस सामने आ चुके हैं। वहीं, डेंगू के केस बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क जोन की संख्या 150 कर दी है। शहर की बात करें तो 85 और गांवों में 65 हाई रिस्क जोन हैं। शहरी क्षेत्र में दो बार फॉगिंग हो चुकी है जबकि सभी ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक फॉगिंग नहीं हो पाई है।
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गत वर्ष भी डेंगू और मलेरिया ने सितंबर से नवंबर तक कहर बरपाया था। उसी तर्ज पर इस साल भी डेंगू केस तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 86 दिनों में 266 केस सामने आए हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल सैंपलिंग भी अधिक हुई है और यह भी डेंगू के ज्यादा केस मिलने का कारण है। पिछले सीजन में जिले के अंदर मलेरिया के 654 केस मिले थे।
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शहरी दादरी में मिले हैं ज्यादा केस
नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में हाई रिस्क एरिया घोषित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक दादरी अर्बन में 177 और गांवों में 152 डेंगू केस पाए गए हैं। सबसे कम डेंगू केस रानीला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले गांवों में पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू का प्रकोप बढ़ने के मद्देनजर एंटी लारवा एक्टिविटी को गति दे दी गई है।
रोकथाम के लिए किए जा रहे हैं ये प्रयास
विभाग डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए स्टॉक में मौजूद 100 लीटर पारेथम ऑयल पेस्ट का स्प्रे में प्रयोग कर रहा है। इसके अलावा तालाबों में गंबूजिया मछली डाली गई हैं। टीमें लारवा मिलने पर बर्तन को खाली करवा रही हैं और मकान मालिक को नोटिस दे रही हैं।
मंगलवार को 7860 घरों में पहुंची टीम, 85 में मिला लारवा
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की 20 टीमों ने जिले के 7860 घरों की विजिट की। इनमें से 85 घरों में लारवा पाया गया है। इतना ही नहीं इन टीमों ने 23 लोगों को नोटिस भी दिए जबकि बाकी लोगों के घरों में पानी के बर्तन खाली कराए गए।
जानिये... किस स्वास्थ्य केंद्र में कितने डेंगू केस आए सामने
क्षेत्र - डेंगू केस
अर्बन दादरी- 177
झोझू सीएचसी- 49
संतोकपुरा पीएचसी- 9
बलकरा पीएचसी- 28
माई कलां पीएचसी- 5
मानकावास पीएचसी- 4
बौंदकलां सीएचसी- 6
अचीना पीएचसी- 7
सांवड़ पीएचसी-20
रानीला पीएचसी-1
इमलोटा पीएचसी-6
गोपी सीएचसी-4
बाढड़ा पीएचसी-3
हड़ौदी पीएचसी-2
छपार पीएचसी-5
कादमा पीएचसी-3
अधिकारी बोले
डेंगू के अब तक 329 केस मिल चुके हैं। हमने 106 कर्मचारियों और 22 सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई गई है। टीमें लगातार सैंपल ले रही हैं और इस सीजन में किसी भी डेंगू संक्रमित की मौत नहीं हुई है।
-डॉ. गौरव भारद्वाज, डेंगू एव मलेरिया नोडल अधिकारी