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Charkhi Dadri News: चरखी दादरी को 24 दिन बाद मिला 750 क्यूसेक पानी, 15 दिन में भरे जाएंगे वाटर स्टोरेज टैंक
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बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी
चरखी दादरी। जिले की नहरों में 24 दिन बाद मंगलवार को 750 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 15 दिन तक नहरों में पानी बहेगा। इस दौरान जलघरों में बने सभी वाटर स्टोरेज टैंक को भरा जाएगा। नहरी पानी नहीं आने की वजह से शहर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही थी। यह सप्लाई भी मात्र एक घंटे के लिए दी जा रही थी। हालांकि बारिश की वजह से पानी की खपत इतनी नहीं बढ़ी जितनी सामान्य दिनों में होती है।
मौसम ठंडा रहने की वजह से कूलर आदि चलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। अगर अधिकतम तापमान लगातार 45 डिग्री के आसपास बना रहता तो शहर में अब तक पानी का हाहाकार मच जाता। नहरों में इस समय 750 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पहले बधवाना व मेन लोहारू कैनाल में पानी चलेगा। जिले के अधिकतर जलघर व तालाब इन नहरों से ही भरे जाते हैं। चार-पांच दिन बाद पानी की मात्रा और बढ़वाई जाएगी। लोहारू फीडर से नगर के मुख्य चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। बधवाना नहर से शहर के दूसरे रामनगर जलघर में पानी की आपूर्ति होती है। जलघरों के वाटर टैंकों में पंप एवं मोटर के जरिए पानी डाला जाता है।
गत अप्रैल माह में रबी की फसलों की कटाई एवं कढ़ाई का सीजन पूरा के कारण खेतों में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं है। अब बारिश भी हो चुकी है। इस वजह से जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जा सकता है। शहर में पानी की स्टोरेज क्षमता कम है इस वजह से समय-समय पर पानी का संकट बना रहता है। शहर के लिए पानी की स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की जरूरत है ताकि पेयजल की किल्लत दूर हो सके।
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नहरों में 15 दिनों तक पानी चलेगा। ऐसे में शहर व गांवों के सभी स्टोरेज टैंक पानी से लबालब हो सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के सभी टैंक खाली पड़े हैं। ग्रामीण खेतों में बने बोरिंग ट्यूबवेल के जरिये जैसे-तैसे काम चला रहे हैं। काफी लोग पानी का टैंकर खरीद कर रहे हैं।
जलघरों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। कर्मचारी लगातार साइटों की निगरानी रखेंगे। शहर के जलघरों में पानी डालने के लिए मोटर व पंप अपडेट किए जा चुके हैं। 15 दिन में जलघर भर दिये जाएंगे। शुरुआत में 750 क्यूसेक पानी मांगा गया है कुछ दिन बाद पानी की मात्रा को बढ़ाया जाएगा।
एसडीओ हरवीर सिंह, एक्सईएन , सिंचाई विभाग
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मौसम ठंडा रहने की वजह से कूलर आदि चलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। अगर अधिकतम तापमान लगातार 45 डिग्री के आसपास बना रहता तो शहर में अब तक पानी का हाहाकार मच जाता। नहरों में इस समय 750 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पहले बधवाना व मेन लोहारू कैनाल में पानी चलेगा। जिले के अधिकतर जलघर व तालाब इन नहरों से ही भरे जाते हैं। चार-पांच दिन बाद पानी की मात्रा और बढ़वाई जाएगी। लोहारू फीडर से नगर के मुख्य चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। बधवाना नहर से शहर के दूसरे रामनगर जलघर में पानी की आपूर्ति होती है। जलघरों के वाटर टैंकों में पंप एवं मोटर के जरिए पानी डाला जाता है।
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गत अप्रैल माह में रबी की फसलों की कटाई एवं कढ़ाई का सीजन पूरा के कारण खेतों में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं है। अब बारिश भी हो चुकी है। इस वजह से जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जा सकता है। शहर में पानी की स्टोरेज क्षमता कम है इस वजह से समय-समय पर पानी का संकट बना रहता है। शहर के लिए पानी की स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की जरूरत है ताकि पेयजल की किल्लत दूर हो सके।
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नहरों में 15 दिनों तक पानी चलेगा। ऐसे में शहर व गांवों के सभी स्टोरेज टैंक पानी से लबालब हो सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के सभी टैंक खाली पड़े हैं। ग्रामीण खेतों में बने बोरिंग ट्यूबवेल के जरिये जैसे-तैसे काम चला रहे हैं। काफी लोग पानी का टैंकर खरीद कर रहे हैं।
जलघरों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। कर्मचारी लगातार साइटों की निगरानी रखेंगे। शहर के जलघरों में पानी डालने के लिए मोटर व पंप अपडेट किए जा चुके हैं। 15 दिन में जलघर भर दिये जाएंगे। शुरुआत में 750 क्यूसेक पानी मांगा गया है कुछ दिन बाद पानी की मात्रा को बढ़ाया जाएगा।
एसडीओ हरवीर सिंह, एक्सईएन , सिंचाई विभाग