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Charkhi Dadri: चिकित्सकों ने की हड़ताल, परेशान मरीजों ने रोड किया जाम, ये हैं प्रमुख मांग

Mon, 15 Jul 2024 03:37 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 15 Jul 2024 03:37 PM IST
सार

दादरी जिले के 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात 60 चिकित्सक सुबह 9 से 11 बजे तक हड़ताल पर रहे। 800 मरीज बिन उपचार के लौटे। सुबह 10 से साढ़े 10 बजे तक मरीजों ने सिविल अस्पताल के सामने रोड जाम रखा।

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Charkhi Dadri: Doctors went on strike, troubled patients blocked the road
लोगों को समझाते पुलिसकर्मी। - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के चरखी दादरी में लंबित मांगों को लेकर जिले के 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात 60 चिकित्सकों ने सोमवार को दो घंटे की हड़ताल की। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर इन चिकित्सकों ने सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी नहीं देखी।

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वहीं, उपचार से पहले लंबा इंतजार करने से खफा मरीज सिविल अस्पताल के बाहर आ गए और उन्होंने रोड जाम कर दिया। मरीजों और उनके तीमारदारों को समझा-बुझाकर आधे घंटे बाद जाम खुलवाया। दूसरी ओर दो घंटे की हड़ताल के चलते करीब 800 मरीज बिन उपचार करवाए ही घर लौट गए।
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बता दें कि दादरी शहर में दो सरकारी स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें सिविल अस्पताल व मातृ-शिशु अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा जिले में तीन सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और 12 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) हैं।
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इन सभी 17 केंद्रों की दैनिक ओपीडी करीब 2500 रहती है। सोमवार को चिकित्सकों ने सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी नहीं देखी और हड़ताल पर रहे। चिकित्सकों ने 11 बजे के बाद सीट संभाली और इसके बाद ही मरीजों को उपचार मिल पाया।

वहीं, चिकित्सकों की हड़ताल के चलते करीब 30 फीसदी ओपीडी प्रभावित रही और करीब 700 मरीजों को बिन उपचार के ही लौटना पड़ा। चिकित्सकों ने 11 बजे ओपीडी देखना शुरू किया और उसके बाद भी उनके कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही। हालांकि उपचार से पहले मरीजों को दो घंटे का लंबा इंतजार करना पड़ा और कई मरीज तो बिन उपचार के ही स्वास्थ्य केंद्रों से लौट गए।

ये हैं चिकित्सकों की प्रमुख मांगें
चिकित्सकों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन किया जाए। गतिशील सुनिश्चित कॅरियर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख किए जाने आदि चिकित्सकों की मुख्य मांगें हैं।


एचसीएमएस के आह्वान पर दो घंटे जिले के सभी चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इस दौरान इमरजेंसी केस अटैंड किए गए जबकि ओपीडी बंद रखी गई। 11 बजे के बाद सामान्य दिनों की तरह ओपीडी शुरू कर दी गई। -डॉ. राजीव बैनीवाल, डिप्टी सीएमओ एवं जिला प्रधान, एचसीएमएसए

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