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Charkhi Dadri News: सिविल अस्पताल में फिर शुरू हुई सिजेरियन डिलीवरी
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नागरिक अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर जहां सिजेरियन डिलीवरी करवाई जा रही है।
चरखी दादरी। जिला नागरिक अस्पताल से अब सिजेरियन डिलीवरी के लिए गर्भवती महिलाओं को भिवानी या रोहतक पीजीआई रेफर नहीं करना पड़ेगा। सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा अब नागरिक अस्पताल में ही शुरू कर दी गई है। गत 20 दिनों की बात करें तो आठ सिजेरियन डिलीवरी स्वास्थ्य विभाग करवा चुका है। अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी से होने गर्भवती महिलाओं को राहत मिलेगी।
बता दें कि सिविल अस्पताल में लंबे समय से सिजेरियन डिलीवरी बंद थी। इसके चलते गर्भवती महिलाओं और उनके तीमारदारों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा था। यह मुद्दा अधिकारियों के संज्ञान में भी आया था। इस पर ध्यान देते हुए हाल ही में विभाग ने सिविल अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा शुरू कर दी है और इसकी पुष्टि सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने की है।
सिविल अस्पताल पर 12 पीएचसी और तीन सीएचसी निर्भर हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर डिलीवरी हट बने हैं, लेकिन यहां सामान्य डिलीवरी ही होती है। सिजेरियन डिलीवरी के लिए यहां से मरीजों को पहले नागरिक अस्पताल रेफर किया जाता था। वहां से उन्हें रोहतक पीजीआई या भिवानी भेजा जाता था। ऐसे में रेफर प्रक्रिया में गर्भवती महिलाओं के साथ तीमारदार भी परेशानी झेलते थे और अब उन्हें इस समस्या से राहत मिलेगी।
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- निजी केंद्रों पर जाकर जेब नहीं करनी पड़ेगी ढीली
सिविल अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी बंद होने के कारण गर्भवती महिलाओं को रेफर किया जाता था। उनके तीमारदार भागदौड़ से बचने के लिए डिलीवरी शहर के निजी अस्पताल में कराते थे। इसमें करीब 30 से 35 हजार खर्च आता है, लेकिन अब गर्भवती महिलाओं के तीमारदारों को निजी अस्पतालों में जाकर जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी।
- हर साल होती हैं एक हजार डिलीवरी
जिला के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की बात करे तो हर साल करीब एक हजार डिलीवरी होती हैं। इनमें से 80 प्रतिशत डिलीवरी सामान्य और 20 प्रतिशत सिजेरियन होती हैं। अब सामान्य और सिजेरियन दोनों प्रकार की डिलीवरी नागरिक अस्पताल में ही होंगी।
- बाल रोग विशेष की कमी दूर होने से भी मिली राहत
जिले में 28 साल बाद सरकार ने करीब दस दिन पहले ही बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की है। बाल रोग विशेषज्ञ मिलने के बाद बच्चों के परिजनों को राहत मिली है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जल्द ही एक गायनी भी ज्वाइन कर सकती है। इसके बाद सेवाओं में और इजाफा होगा।
नागरिक अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी शुरू कर दी गई हैं। गत 20 दिनों आठ सिजेरियन डिलीवरी हुई हैं और अब गर्भवती महिलाओं को रेफर नहीं किया जा रहा। जल्द ही एक गाइनी के ज्वाइन करने की उम्मीद है।
-डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी
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बता दें कि सिविल अस्पताल में लंबे समय से सिजेरियन डिलीवरी बंद थी। इसके चलते गर्भवती महिलाओं और उनके तीमारदारों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा था। यह मुद्दा अधिकारियों के संज्ञान में भी आया था। इस पर ध्यान देते हुए हाल ही में विभाग ने सिविल अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा शुरू कर दी है और इसकी पुष्टि सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने की है।
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सिविल अस्पताल पर 12 पीएचसी और तीन सीएचसी निर्भर हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर डिलीवरी हट बने हैं, लेकिन यहां सामान्य डिलीवरी ही होती है। सिजेरियन डिलीवरी के लिए यहां से मरीजों को पहले नागरिक अस्पताल रेफर किया जाता था। वहां से उन्हें रोहतक पीजीआई या भिवानी भेजा जाता था। ऐसे में रेफर प्रक्रिया में गर्भवती महिलाओं के साथ तीमारदार भी परेशानी झेलते थे और अब उन्हें इस समस्या से राहत मिलेगी।
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- निजी केंद्रों पर जाकर जेब नहीं करनी पड़ेगी ढीली
सिविल अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी बंद होने के कारण गर्भवती महिलाओं को रेफर किया जाता था। उनके तीमारदार भागदौड़ से बचने के लिए डिलीवरी शहर के निजी अस्पताल में कराते थे। इसमें करीब 30 से 35 हजार खर्च आता है, लेकिन अब गर्भवती महिलाओं के तीमारदारों को निजी अस्पतालों में जाकर जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी।
- हर साल होती हैं एक हजार डिलीवरी
जिला के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की बात करे तो हर साल करीब एक हजार डिलीवरी होती हैं। इनमें से 80 प्रतिशत डिलीवरी सामान्य और 20 प्रतिशत सिजेरियन होती हैं। अब सामान्य और सिजेरियन दोनों प्रकार की डिलीवरी नागरिक अस्पताल में ही होंगी।
- बाल रोग विशेष की कमी दूर होने से भी मिली राहत
जिले में 28 साल बाद सरकार ने करीब दस दिन पहले ही बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की है। बाल रोग विशेषज्ञ मिलने के बाद बच्चों के परिजनों को राहत मिली है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जल्द ही एक गायनी भी ज्वाइन कर सकती है। इसके बाद सेवाओं में और इजाफा होगा।
नागरिक अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी शुरू कर दी गई हैं। गत 20 दिनों आठ सिजेरियन डिलीवरी हुई हैं और अब गर्भवती महिलाओं को रेफर नहीं किया जा रहा। जल्द ही एक गाइनी के ज्वाइन करने की उम्मीद है।
-डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी