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Charkhi Dadri News: छुट्टी के बाद आईटीआई के सामने नहीं रुकती बसें, चार किलोमीटर पैदल लौट रहे प्रशिक्षु

Mon, 14 Sep 2026 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 14 Sep 2026 10:38 PM IST
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Buses do not stop in front of the ITI after classes end; trainees are walking four kilometers back
आईटीआई छुट्टी के बाद रोहतक रोड से पैदल गुजरते आईटीआई प्रशिक्षु। - फोटो : 1
चरखी दादरी। गांव रावलधी स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रशिक्षण लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए छुट्टी के बाद घर लौटना परेशानी का सबब बना हुआ है। आईटीआई की छुट्टी होने के बाद रोडवेज और परिवहन समिति की बसें संस्थान के सामने रुकने के बजाय सीधी निकल जाती हैं। ऐसे में प्रशिक्षुओं को करीब चार किलोमीटर का रास्ता पैदल तय कर दादरी बस स्टैंड पहुंचना पड़ रहा है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि कई बार बसों को रुकने का इशारा करने के बावजूद चालक नहीं रोकते। इससे उन्हें समय और पैसे दोनों की परेशानी उठानी पड़ रही है।
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प्रशिक्षुओं के अनुसार आईटीआई में शहर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं। सुबह संस्थान पहुंचने के लिए परिवहन व्यवस्था किसी तरह मिल जाती है लेकिन छुट्टी के समय बसों की उपलब्धता सबसे बड़ी समस्या बन जाती है। संस्थान की छुट्टी के बाद विद्यार्थी मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं लेकिन वहां से दादरी की ओर जाने वाली बसें रुकती नहीं हैं। मजबूरी में विद्यार्थियों को पैदल बस स्टैंड तक जाना पड़ता है। आईटीआई में प्रशिक्षण लेने वाले चार प्रशिक्षुओं ने बताया कि छुट्टी के बाद सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को होती है। उन्हें सामान और प्रशिक्षण सामग्री लेकर लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। कई बार बस स्टैंड तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है इसके कारण घर पहुंचने में भी देरी होती है।
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कोट:
आईटीआई की छुट्टी के बाद बसों के सामने से निकल जाने के कारण विद्यार्थियों को करीब चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बस रुक जाए तो समस्या आसानी से हल हो सकती है लेकिन चालक बस रोकने के लिए तैयार नहीं होते। रोजाना पैदल बस स्टैंड तक जाना विशेषकर गर्मी और खराब मौसम में मुश्किल हो जाता है। विद्यार्थियों के लिए संस्थान के समय के अनुसार बस सेवा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।- राजीव कुमार, बिरहीं कलां
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कई विद्यार्थी आसपास के गांवों से आते हैं। छुट्टी के बाद सीधी बस नहीं मिलने के कारण उन्हें पहले पैदल बस स्टैंड पहुंचना पड़ता है और फिर दूसरी बस पकड़ कर अपने गांव जाना पड़ता है। इससे पढ़ाई के साथ-साथ रोजाना आने-जाने में भी परेशानी होती है।
- तरुण कुमार, प्रशिक्षु
बस चालकों से कई बार संस्थान के सामने बस रोकने का आग्रह किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। विद्यार्थियों ने परिवहन विभाग और रोडवेज अधिकारियों से आईटीआई की छुट्टी के समय कम से कम एक-दो बसों का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की है।- प्रिंस कुमार


आईटीआई में छुट्टी का समय निर्धारित है। ऐसे में रोडवेज और परिवहन समिति की बसों का समय आईटीआई की छुट्टी के समय के अनुरूप किया जा सकता है। यदि बसों को कुछ मिनट के लिए संस्थान के सामने निर्धारित ठहराव दिया जाए तो सैकड़ों प्रशिक्षुओं को राहत मिल सकती है। विद्यार्थियों ने संबंधित अधिकारियों से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।-- तन्नू कुमार

वर्सन:
रोहतक रोड से गुजरने वाली परिवहन विभाग के बस चालकों को रावलधी आईटीआई के प्रशिक्षुओं के लिए बस रोकने की स्पेशल हिदायत दी जाएंगी ।
- नवीन शर्मा, महाप्रबंधक रोडवेज विभाग
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