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Charkhi Dadri News: महिला महाविद्यालय झोझू कलां में बीएससी मेडिकल को मिली मंजूरी
Thu, 11 Jun 2026 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 11 Jun 2026 10:50 PM IST
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चरखी दादरी। हरियाणा सरकार ने महिला महाविद्यालय झोझू कलां में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बीएससी (मेडिकल) पाठ्यक्रम शुरू करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। सरकार के इस निर्णय से दादरी, बाढड़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को विज्ञान संकाय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अब दूसरे जिलों या दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार लंबे समय से क्षेत्र में बीएससी (मेडिकल) कक्षाएं शुरू करने की मांग उठाई जा रही थी। ग्रामीण परिवारों की छात्राओं को इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए चरखी दादरी, भिवानी, रोहतक सहित अन्य शहरों के कॉलेजों में दाखिला लेना पड़ता था। इससे छात्राओं और अभिभावकों को समय, धन और आवागमन संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब झोझू कलां महाविद्यालय में यह सुविधा उपलब्ध होने से छात्राएं अपने घर के नजदीक रहकर ही गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
छात्राओं को होगा फायदा
महाविद्यालय में बीएससी (मेडिकल) शुरू होने से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की उन छात्राओं को लाभ मिलेगा जो आर्थिक या पारिवारिक कारणों से दूर जाकर पढ़ाई नहीं कर पाती थीं। इस फैसले से छात्राओं की उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और विज्ञान क्षेत्र में उनका रुझान भी बढ़ेगा। अभिभावकों ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है।
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रोजगार के पनपेंगे अवसर
शिक्षाविदों का मानना है कि बीएससी (मेडिकल) एक महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम है जिसके बाद छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा और रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होते हैं। इस कोर्स के बाद छात्राएं एमएससी, बीएड, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्मेसी, लैब टेक्नोलॉजी, फूड साइंस और पब्लिक हेल्थ जैसे क्षेत्रों में आगे की पढ़ाई कर सकती हैं। इसके अलावा सरकारी एवं निजी अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, अनुसंधान संस्थानों, फार्मास्यूटिकल कंपनियों और शिक्षण संस्थानों में भी रोजगार की बेहतर संभावनाएं रहती हैं।
बेटियों को नजदीक मिलेगी सुविधा
कॉलेज प्रबंधन समिति के प्रधान एडवोकेट सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को अब विज्ञान शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। महाविद्यालय छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार के इस निर्णय से क्षेत्र में शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा मिलेगी।
वर्सन:
बीएससी मेडिकल कोर्स की स्वीकृति क्षेत्र की छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। छात्राओं से इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है। - डॉ. राजपाल, प्राचार्य, महिला महाविद्यालय झोझूकलां
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महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार लंबे समय से क्षेत्र में बीएससी (मेडिकल) कक्षाएं शुरू करने की मांग उठाई जा रही थी। ग्रामीण परिवारों की छात्राओं को इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए चरखी दादरी, भिवानी, रोहतक सहित अन्य शहरों के कॉलेजों में दाखिला लेना पड़ता था। इससे छात्राओं और अभिभावकों को समय, धन और आवागमन संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब झोझू कलां महाविद्यालय में यह सुविधा उपलब्ध होने से छात्राएं अपने घर के नजदीक रहकर ही गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
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छात्राओं को होगा फायदा
महाविद्यालय में बीएससी (मेडिकल) शुरू होने से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की उन छात्राओं को लाभ मिलेगा जो आर्थिक या पारिवारिक कारणों से दूर जाकर पढ़ाई नहीं कर पाती थीं। इस फैसले से छात्राओं की उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और विज्ञान क्षेत्र में उनका रुझान भी बढ़ेगा। अभिभावकों ने भी सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है।
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रोजगार के पनपेंगे अवसर
शिक्षाविदों का मानना है कि बीएससी (मेडिकल) एक महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम है जिसके बाद छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा और रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होते हैं। इस कोर्स के बाद छात्राएं एमएससी, बीएड, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्मेसी, लैब टेक्नोलॉजी, फूड साइंस और पब्लिक हेल्थ जैसे क्षेत्रों में आगे की पढ़ाई कर सकती हैं। इसके अलावा सरकारी एवं निजी अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, अनुसंधान संस्थानों, फार्मास्यूटिकल कंपनियों और शिक्षण संस्थानों में भी रोजगार की बेहतर संभावनाएं रहती हैं।
बेटियों को नजदीक मिलेगी सुविधा
कॉलेज प्रबंधन समिति के प्रधान एडवोकेट सुरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को अब विज्ञान शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। महाविद्यालय छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार के इस निर्णय से क्षेत्र में शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को नई दिशा मिलेगी।
वर्सन:
बीएससी मेडिकल कोर्स की स्वीकृति क्षेत्र की छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। छात्राओं से इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है। - डॉ. राजपाल, प्राचार्य, महिला महाविद्यालय झोझूकलां