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Charkhi Dadri News: पांच साल बाद भी कागजों से बाहर नहीं आ पाया बाढड़ा दमकल विभाग कार्यालय भवन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2025 11:34 PM IST
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Badhra fire department office building could not come out of the papers even after five years
बाढड़ा अनाज मंड़ी में खड़ा दमकल विभाग का पुराना वाहन। 
बाढड़ा। पांच साल बाद भी बाढड़ा दमकल विभाग कार्यालय भवन कागजों से बाहर नहीं आ पाया है। उपमंडल में तैनात दमकल विभाग स्टाफ अनाज मंडी में बैठकर काम चला रहा है और संसाधनों के नाम पर उनके पास महज एक पुरानी गाड़ी है। इस गाड़ी से पानी टपकता है जबकि 60 गांवों की आग बुझाने की जिम्मेदारी दमकल विभाग कर्मियों के पास है।
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बाढड़ा उपमंडल को दमकल विभाग कार्यालय भवन की सौगात मिलने में देरी हो रही है। पिछले पांच साल से यह मांग अधर में लटकी हुई है। तत्कालीन विधायक नैना चौटाला के कार्यकाल में मांगपत्र सीएम कार्यालय में दिसंबर 2020 में भेजा गया था। उस दौरान उपमंडल स्तर पर आधुनिक सुविधायुक्त दमकल विभाग कार्यालय भवन को हरी झंडी देते हुए सरकार ने फाइल वित्त विभाग के पास भेज दी थी।
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सूत्रों की मानें तो चार साल पहले वित्त विभाग से बजट जारी करवा दिया था, लेकिन अब तक भी उपमंडल स्तर पर यह सुविधा नहीं मिल पाई है। दूसरी ओर प्रतिवर्ष आग की घटनाओं से आमजन को लाखों का नुकसान हो जाता है। घटना के बाद भिवानी या दादरी से गांवों में दमकल वाहन आग बुझाने पहुंचता है और तब तक काफी देर हो चुकी होती है। डेढ़ साल पहले बाढड़ा में एक स्थायी कर्मचारी तैनात है और एक पुराना वाहन ही उपलब्ध है।
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जिला मुख्यालय से दूरी 40 किलोमीटर
दादरी जिला मुख्यालय से बाढड़ा उपमंडल की दूरी करीब 40 किलोमीटर है। वहीं, अंतिम छोर के गांव तक यह दूरी बढ़कर 60 किलोमीटर तक पहुंच जाती है। ऐसे में दादरी से दमकल वाहन को आने में करीब एक घंटा लग जाता है जो काफी ज्यादा है।

किसान संगठनों ने रखी थी मांग
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 में बाढड़ा को तहसील से उपमंडल का दर्जा दिया था। दूसरी ओर, क्षेत्र में शाॅर्ट-सर्किट के चलते आग की घटनाएं होती रहती हैं। इन घटनाओं के मद्देनजर किसान संगठनों ने सरकार से बाढड़ा में दमकल विभाग कार्यालय खोलने की मांग की थी, ताकि समय रहते दमकल वाहन पहुंचने से आग पर काबू पाया जा सके।



बाढड़ा के पास पंचायत का दर्जा न नगरपालिका का
गौरतलब है कि भाजपा सरकार ने बाढड़ा को ग्राम पंचायत से नगर पालिका बनाया गया था। इसके बाद लोगों की मांग पर जनमत सर्वे करवाकर नगर पालिका का दर्जा भंग कर दिया गया। इसके बाद से ही बाढड़ा के पास ग्राम पंचायत का दर्जा है और न ही नगर पालिका का। परियोजना पर काम शुरू न हो पाने का यह भी कारण है।





जल्द दिलाएंगे दमकल विभाग कार्यालय की सौगात : उमेद पातुवास
बाढड़ा हलके के विधायक उमेद पातुवास ने कहा कि उपमंडल मुख्यालय पर मकल विभाग कार्यालय और कम से कम दो वाहनों समेत पर्याप्त स्टाफ की आवश्यकता है। जल्द ही प्रदेश के सीएम नायब सिंह के समक्ष इस मांग को उठाकर समाधान का प्रयास किया जाएगा। नगर पालिका का दर्जा भंग होने के बाद सारी प्रक्रिया रुक गई। जल्द ही बजट को स्वीकृति दिलाने का प्रयास कर परियोजना को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।
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