{"_id":"676f02338c51b292e60ad7e4","slug":"aterlogging-on-roads-and-cold-increased-the-trouble-charkhi-dadri-news-c-126-1-shsr1012-128843-2024-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: बारिश से फसलों को संजीवनी, सड़कों पर जलभराव व सर्दी ने बढ़ाई परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: बारिश से फसलों को संजीवनी, सड़कों पर जलभराव व सर्दी ने बढ़ाई परेशानी
Sat, 28 Dec 2024 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 28 Dec 2024 01:08 AM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी। जिले में शुक्रवार को बारिश की झड़ी लगी रही। दादरी में 24 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश से किसानों की एक सिंचाई बच गई जबकि सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ा। स्वास्थ्य के लिहाज से बारिश सही नहीं है। लोगों को सेहत के प्रति सावधानी बरतनी होगी। वहीं, बारिश के बाद जिले के अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
सुबह आठ बजे तक शहर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद भी रुक-रुक कर शाम तक बारिश होती रही और दिनभर धूप नहीं खिली। वहीं, 13 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली शीतलहर ने लोगों को ठिठुराए रखा। हालांकि, बारिश के बाद प्रदूषण का स्तर सुधरा है। बारिश रबी की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। इससे गेहूं व सरसों समेत अन्य फसल में किसानों को एक सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी।
दूसरी ओर दिसंबर के अंत में हुई बारिश का दबाव शहर की सीवर लाइनें नहीं झेल पाईं। विभिन्न जगहों पर सीवर मैनहोल ओवरफ्लो करने से लाइनों की गंदगी सड़कों पर आ गई। कुछ क्षेत्रों से देर शाम तक पानी की निकासी नहीं हो पाई। इसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाढड़ा में 11 व बौंदकलां खंड में सुबह छह बजे छह एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद मौसम में अचानक बदलाव आ गया।
विज्ञापन
वहीं, डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष मान का कहना है कि बारिश स्वास्थ्य के लिहाज से सही नहीं है। अब ठंड बढ़ने से लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा।
एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई सरसों-गेहूं की बिजाई : रबी की फसल के लिए बारिश का पानी सोना के रूप में बरसा है। बारिश की इस समय सभी प्रकार की फसल के लिए जरूरत थी। नहरी पानी की वैसे ही कम बनी हुई थी। अब बारिश होने के बाद जिले भर में 65,000 किसानों को पांच करोड़ का फायदा हुआ है।
बारिश की वजह से एक सिंचाई की बचत हो गई है। गेहूं में अब एक माह तक सिंचाई की जरूरत नहीं रहेगी। सरसों का अब पकाव ठीक प्रकार से हो जाएगा। जिले में 55 हजार में सरसों व करीब 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल खड़ी है। किसान माड़िया फोगाट ने बताया कि सभी फसल को पानी की सख्त जरूरत थी।
विज्ञापन
सुबह आठ बजे तक शहर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद भी रुक-रुक कर शाम तक बारिश होती रही और दिनभर धूप नहीं खिली। वहीं, 13 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली शीतलहर ने लोगों को ठिठुराए रखा। हालांकि, बारिश के बाद प्रदूषण का स्तर सुधरा है। बारिश रबी की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। इससे गेहूं व सरसों समेत अन्य फसल में किसानों को एक सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
दूसरी ओर दिसंबर के अंत में हुई बारिश का दबाव शहर की सीवर लाइनें नहीं झेल पाईं। विभिन्न जगहों पर सीवर मैनहोल ओवरफ्लो करने से लाइनों की गंदगी सड़कों पर आ गई। कुछ क्षेत्रों से देर शाम तक पानी की निकासी नहीं हो पाई। इसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाढड़ा में 11 व बौंदकलां खंड में सुबह छह बजे छह एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद मौसम में अचानक बदलाव आ गया।
विज्ञापन
वहीं, डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष मान का कहना है कि बारिश स्वास्थ्य के लिहाज से सही नहीं है। अब ठंड बढ़ने से लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा।
एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई सरसों-गेहूं की बिजाई : रबी की फसल के लिए बारिश का पानी सोना के रूप में बरसा है। बारिश की इस समय सभी प्रकार की फसल के लिए जरूरत थी। नहरी पानी की वैसे ही कम बनी हुई थी। अब बारिश होने के बाद जिले भर में 65,000 किसानों को पांच करोड़ का फायदा हुआ है।
बारिश की वजह से एक सिंचाई की बचत हो गई है। गेहूं में अब एक माह तक सिंचाई की जरूरत नहीं रहेगी। सरसों का अब पकाव ठीक प्रकार से हो जाएगा। जिले में 55 हजार में सरसों व करीब 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल खड़ी है। किसान माड़िया फोगाट ने बताया कि सभी फसल को पानी की सख्त जरूरत थी।