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47 आइसोलेशन सेंटर में हुई 953 बेड की व्यवस्था, प्रबंध जांचने पहुंची टीम
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उपायुक्त राजेश जोगपाल के निर्देशानुसार दादरी जिले में 47 गांवों में आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवर दमन ने बताया कि कोरोना की रोकथाम और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाए गए इन आइसोलेशन सेंटर में 953 बेड की व्यवस्था कर दी गई है। शुक्रवार को टीम ने यहां का निरीक्षण की प्रबंधों का निरीक्षण किया। टीम ने निरीक्षण की रिपोर्ट डीसी राजेश जोगपाल को सौंप दी है।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी शुक्रवार को पहले दादरी तो फिर झोझू व बाढड़ा खंड के गांवों में बनाए गए आइसोलेशन सेंटरों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिला में कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उपायुक्त ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को ग्रामस्तर पर सार्वजनिक भवनों में कोविड मरीजों के ठहरने के लिए आइसोलेशन सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे। जिला के 47 गांवों में ये सेंटर बनाए गए हैं और इनमें सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं।
ये सभी आइसोलेशन सेंटर गांवों के सामुदायिक भवन, स्कूल, चौपाल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन आदि में बनाए गए हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग की टीमें कोविड रोगियों का उपचार करेंगी और उन्हें नियमित रूप से दवाएं आदि आवश्यक सामग्री प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि सेंटरों में कोविड मरीज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जरूरी प्रबंध किए गए हैं।
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खंड अनुसार इन गांवों में बनाए गए हैं आइसोलेशन सेंटर
1-दादरी खंड: गांव अटेला कलां, छपार, मौड़ी, घसौला, सारंगपुर, डोहकी, बलकरा, मोरवाला, ढाणी फौगाट व महराणा में सेंटर बनाए गए हैं।
2- बौंद खंड: गांव अचीना, बौंदकलां, बौंद खुर्द, भागेश्वरी, सांवड़, सांजरवास, रानीला, मिसरी, झिंझर व उण में आइसोलेशन सेंटर बनाए हैं।
3- झोझू खंड- गांव माई कलां, झोझू कलां, कलियाणा, डाढी बाना, चिडिया, टोडीनगर, दगड़ौली, जावा, झोझू खुर्द, बधवाना, कादमा और बडराई में सेंटर बनाए गए हैं।
4- बाढड़ा खंड- बेरला, काकड़ौली हुक्मी, बधवाना, आर्यनगर, खोरडा, भांडवा, कारी आदू, जेवली, डालावास, निमड़ बडेसरा, नांधा, डोहका हरिया, कारी मोद, कारी तोखा व पचगांव में सेंटर बनाए गए हैं।
- आइसोलेशन सेंटर पर ये हो चुके प्रबंध
इन सभी सेंटरों पर बिजली, पेयजल, भोजन, सैनिटाइजर, मास्क, बेड, साफ-सफाई, शौचालय आदि की सुविधा मुहैया करवाई गई हैं। गांवों में आइसोलेशन सेंटर बनाने का मकसद है कि जो कोविड रोगी अपने घर पर एकांतवास में नहीं रह सकते, उनको यहां पर ठहराया जाएगा। इसके अलावा गांव में कोविड मरीज को किसी अस्पताल में बेड नहीं मिले तो उनका यहां उपचार करवाया जा सकता है।
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जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी शुक्रवार को पहले दादरी तो फिर झोझू व बाढड़ा खंड के गांवों में बनाए गए आइसोलेशन सेंटरों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिला में कोविड मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उपायुक्त ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को ग्रामस्तर पर सार्वजनिक भवनों में कोविड मरीजों के ठहरने के लिए आइसोलेशन सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे। जिला के 47 गांवों में ये सेंटर बनाए गए हैं और इनमें सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं।
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ये सभी आइसोलेशन सेंटर गांवों के सामुदायिक भवन, स्कूल, चौपाल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन आदि में बनाए गए हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग की टीमें कोविड रोगियों का उपचार करेंगी और उन्हें नियमित रूप से दवाएं आदि आवश्यक सामग्री प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि सेंटरों में कोविड मरीज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जरूरी प्रबंध किए गए हैं।
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खंड अनुसार इन गांवों में बनाए गए हैं आइसोलेशन सेंटर
1-दादरी खंड: गांव अटेला कलां, छपार, मौड़ी, घसौला, सारंगपुर, डोहकी, बलकरा, मोरवाला, ढाणी फौगाट व महराणा में सेंटर बनाए गए हैं।
2- बौंद खंड: गांव अचीना, बौंदकलां, बौंद खुर्द, भागेश्वरी, सांवड़, सांजरवास, रानीला, मिसरी, झिंझर व उण में आइसोलेशन सेंटर बनाए हैं।
3- झोझू खंड- गांव माई कलां, झोझू कलां, कलियाणा, डाढी बाना, चिडिया, टोडीनगर, दगड़ौली, जावा, झोझू खुर्द, बधवाना, कादमा और बडराई में सेंटर बनाए गए हैं।
4- बाढड़ा खंड- बेरला, काकड़ौली हुक्मी, बधवाना, आर्यनगर, खोरडा, भांडवा, कारी आदू, जेवली, डालावास, निमड़ बडेसरा, नांधा, डोहका हरिया, कारी मोद, कारी तोखा व पचगांव में सेंटर बनाए गए हैं।
- आइसोलेशन सेंटर पर ये हो चुके प्रबंध
इन सभी सेंटरों पर बिजली, पेयजल, भोजन, सैनिटाइजर, मास्क, बेड, साफ-सफाई, शौचालय आदि की सुविधा मुहैया करवाई गई हैं। गांवों में आइसोलेशन सेंटर बनाने का मकसद है कि जो कोविड रोगी अपने घर पर एकांतवास में नहीं रह सकते, उनको यहां पर ठहराया जाएगा। इसके अलावा गांव में कोविड मरीज को किसी अस्पताल में बेड नहीं मिले तो उनका यहां उपचार करवाया जा सकता है।