फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Apply the principles of Ramcharit Manas in life: Pranavpuri

रामचरित मानस के सूत्रों को जीवन में उतारें : प्रणवपुरी

Tue, 09 Sep 2025 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 09 Sep 2025 01:53 AM IST
विज्ञापन
Apply the principles of Ramcharit Manas in life: Pranavpuri
आदर्श धर्मशाला में आयोजित श्रीराम कथा में मौजूद श्रद्धालु। 
चरखी दादरी। मां दुर्गा सेवा दल के 20वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में स्थानीय आदर्श धर्मशाला में 13 सितंबर तक श्री रामकथा ज्ञान यज्ञ आयोजित किया जा रहा है। सोमवार को महंत प्रणवपुरी ने रामचरित मानस के एक-एक प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस के छोटे-छोटे सूत्रों को अपने जीवन में उतार कर मनुष्य खुद को परमात्मा के समीप ला सकता है।
विज्ञापन

महंत प्रणवपुरी ने उदाहरण देते हुए समझाया कि जनकपुरी में गुरु विश्वामित्र की राम-लखन दोनों भाई चरण सेवा कर रहे थे। विश्वामित्र ने दोनों भाइयों से कहा, बस अब तुम दोनों विश्राम करो। इसके बाद भी राम-लक्ष्मण पांव दबाते रहे। गुरु की सेवा के बाद दोनों भ्राता अपने कक्ष में गए तो वहां लखन लाल ने राम के चरण दबाए।
विज्ञापन

स्वामी प्रणवपुरी ने कहा कि जनकपुरी में जब दोनों राजकुमार नगर भ्रमण कर रहे थे तो उन्हें देखने के लिए नर-नारियों की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान नारायण की यह नयनाभिराम छवि देखने के लिए स्वयं मां गौरी व महादेव भी नीचे उतर आए। सीता की सखियां मां अंबे से यही प्रार्थना कर रही थी कि सीता का विवाह इन्हीं से हो तो उनके मन को चैन मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed