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Charkhi Dadri News: 60 जलघर और 74 माइनर, सब माइनर और नहरें पानी से लबालब
Wed, 28 Aug 2024 04:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 28 Aug 2024 04:36 AM IST
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चरखी दादरी। जिले की नहरों में एक अगस्त से लगातार पानी चल रहा है। मानसून सीजन में नहरी पानी लगातार चलने व चोरी न के बराबर होने से अब जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच चुका है। जिले की सभी नहरें व माइनरों में इस समय पानी चल रहा है। इनसे जुड़े सभी 60 जलघर पानी से लबालब हैं। फिलहाल, जिले में पेयजल संकट नहीं है।
जिले में करीब 74 माइनर, सब माइनर व नहरें हैं। लगातार 26 दिन नहरें पानी से लबालब रहने के चलते जिले की ज्यादातर टेल के अंतिम छोर तक पानी पहुंचा है। इस समय किसानों को सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं है। ऐसे में नहरी पानी की चोरी नहीं हो रही है।
आमतौर पर किसान फसलों की सिंचाई के लिए नहरों पर इंजन, साइफन आदि लगाकर पानी की चोरी करते रहे हैं। इस समय किसानों के समक्ष सिंचाई की कोई समस्या नहीं है। जिले में एक लाख 21 हजार हेक्टेयर जमीन कृषि योग्य है। इसमें से 60 प्रतिशत एरिया में नहरी पानी से सिंचाई होती है। किसान नहरों पर इंजन, साइफन आदि लगाकर पानी का उठान करते रहे हैं। सिंचाई विभाग अधिकारी नहरों पर लगातार गश्त करते हैं उसके बावजूद पानी की चोरी पर अंकुश नहीं लग पाता।
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आमतौर पर रबी सीजन में ज्यादा मात्रा में पानी की चोरी होती रही है। नहरों से ही पानी जलघरों में डाला जाता है। ऐसे में अब पानी के टेल तक पहुंचने की वजह से अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों के जलघरों में भी पानी पहुंच रहा है।
- तीन हजार की आबादी झेल रही दूषित पेयजल आपूर्ति का दंश
दादरी शहर के दोनों जलघरों के भंडारण टैंक पानी से लबालब हैं। पानी की आपूर्ति भी एक दिन छोड़कर की जा रही है। दूसरी ओर शहर के गांधी नगर, प्रेम नगर, वाल्मीकि बस्ती, छोटी बाजारी, रविदास नगर, सरदार झाडू सिंह चौक आदि क्षेत्रों में दूषित पेयजल आपूर्ति होने से लोग परेशान हैं। शहर की बात करें तो करीब तीन हजार लोग इस समस्या का दंश झेल रहे हैं।
नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ रखा है। इस समय सभी नहरों में पानी चल रहा है। पीछे नदियों में पानी की कमी नहीं है। जलघरों में पानी की कमी नहीं है।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
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जिले में करीब 74 माइनर, सब माइनर व नहरें हैं। लगातार 26 दिन नहरें पानी से लबालब रहने के चलते जिले की ज्यादातर टेल के अंतिम छोर तक पानी पहुंचा है। इस समय किसानों को सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं है। ऐसे में नहरी पानी की चोरी नहीं हो रही है।
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आमतौर पर किसान फसलों की सिंचाई के लिए नहरों पर इंजन, साइफन आदि लगाकर पानी की चोरी करते रहे हैं। इस समय किसानों के समक्ष सिंचाई की कोई समस्या नहीं है। जिले में एक लाख 21 हजार हेक्टेयर जमीन कृषि योग्य है। इसमें से 60 प्रतिशत एरिया में नहरी पानी से सिंचाई होती है। किसान नहरों पर इंजन, साइफन आदि लगाकर पानी का उठान करते रहे हैं। सिंचाई विभाग अधिकारी नहरों पर लगातार गश्त करते हैं उसके बावजूद पानी की चोरी पर अंकुश नहीं लग पाता।
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आमतौर पर रबी सीजन में ज्यादा मात्रा में पानी की चोरी होती रही है। नहरों से ही पानी जलघरों में डाला जाता है। ऐसे में अब पानी के टेल तक पहुंचने की वजह से अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों के जलघरों में भी पानी पहुंच रहा है।
- तीन हजार की आबादी झेल रही दूषित पेयजल आपूर्ति का दंश
दादरी शहर के दोनों जलघरों के भंडारण टैंक पानी से लबालब हैं। पानी की आपूर्ति भी एक दिन छोड़कर की जा रही है। दूसरी ओर शहर के गांधी नगर, प्रेम नगर, वाल्मीकि बस्ती, छोटी बाजारी, रविदास नगर, सरदार झाडू सिंह चौक आदि क्षेत्रों में दूषित पेयजल आपूर्ति होने से लोग परेशान हैं। शहर की बात करें तो करीब तीन हजार लोग इस समस्या का दंश झेल रहे हैं।
नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ रखा है। इस समय सभी नहरों में पानी चल रहा है। पीछे नदियों में पानी की कमी नहीं है। जलघरों में पानी की कमी नहीं है।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग।