{"_id":"61b2415aae21ba230f6aa43d","slug":"adc-summoned-the-data-from-the-departments-to-prepare-the-skill-development-draft-of-the-district-charkhidadri-news-hsr61899822","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला का कौशल विकास प्रारूप तैयार करने के लिए एडीसी ने विभागों से तलब किया डाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला का कौशल विकास प्रारूप तैयार करने के लिए एडीसी ने विभागों से तलब किया डाटा
विज्ञापन
चरखी दादरी। उद्यमिता एवं कौशल विकास निगम की ओर से संकल्प मिशन के दादरी का कौशल विकास प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इसमें आने वाले समय में कुशल कर्मचारियों व कामगारों की आवश्यकता को देखते हुए यहां कौशल विकास के संसाधन, प्रशिक्षण संस्थान मुहैया करवाए जाएंगे। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने कौशल विकास के लिए लघु सचिवालय सभागार में एक बैठक को संबोधित करते हुए ये शब्द कहे।
उन्होंने कहा कि जिला सांख्यिकी, जिला उद्योग केंद्र, एमएसएमई, सरकारी विभाग 10 दिसंबर को दोपहर दो बजे तक जिले में कुशल कर्मचारियों व कारीगरों की आवश्यकता और मौजूदा कुशल स्टाफ के बारे में सूचना उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जिला में कहीं कुटीर उद्योग जैसे हुक्का, चिलम, मिट्टी या लकड़ी के बर्तन, फर्नीचर, दरी, कालीन, कढ़ाई, स्वेटर बुनना आदि कार्य किया जा रहा है तो उसकी जानकारी भी एकत्रित की जाए। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी सतीश यादव, नगरपरिषद सचिव प्रशांत पाराशर, शिक्षा अधिकारी कुलदीप फौगाट, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून, जिला सांख्यिकी अधिकारी अनीता देवी, राजेश लांबा, ग्रामीण आजीविका मिशन से शिवांशु मिश्रा, जिला कल्याण अधिकारी दीपिका सारसर, सुशासन सहयोगी दिनेश मल्लाह आदि उपस्थित रहे।
कौन-कौन से उद्योग जिले में लगाए जा सकते हैं, होगा सर्वे
डॉ. मुनीष नागपाल ने बताया कि इस समय जिला में सरसों तेल, रूई, पीवीसी पाईप, वायर डाईंग, आदि के ही उद्योग लगे हुए हैं। जिला में और कौन-कौन से उद्योग लगाए जा सकते हैं, इसका भी एक सर्वे होना चाहिए। कौशल विकास के लिए जिला समन्वयक स्वाति अग्रवाल ने बताया कि जिले में कौशल उद्यमिता तथा प्रशिक्षित स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए यह सारा डाटा संकल्प मिशन के अंतर्गत एकत्रित किया जा रहा है। इसके लिए कोई ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट की आवश्यकता होगी तो उसे भी यहां स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिला सांख्यिकी, जिला उद्योग केंद्र, एमएसएमई, सरकारी विभाग 10 दिसंबर को दोपहर दो बजे तक जिले में कुशल कर्मचारियों व कारीगरों की आवश्यकता और मौजूदा कुशल स्टाफ के बारे में सूचना उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जिला में कहीं कुटीर उद्योग जैसे हुक्का, चिलम, मिट्टी या लकड़ी के बर्तन, फर्नीचर, दरी, कालीन, कढ़ाई, स्वेटर बुनना आदि कार्य किया जा रहा है तो उसकी जानकारी भी एकत्रित की जाए। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी सतीश यादव, नगरपरिषद सचिव प्रशांत पाराशर, शिक्षा अधिकारी कुलदीप फौगाट, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून, जिला सांख्यिकी अधिकारी अनीता देवी, राजेश लांबा, ग्रामीण आजीविका मिशन से शिवांशु मिश्रा, जिला कल्याण अधिकारी दीपिका सारसर, सुशासन सहयोगी दिनेश मल्लाह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कौन-कौन से उद्योग जिले में लगाए जा सकते हैं, होगा सर्वे
डॉ. मुनीष नागपाल ने बताया कि इस समय जिला में सरसों तेल, रूई, पीवीसी पाईप, वायर डाईंग, आदि के ही उद्योग लगे हुए हैं। जिला में और कौन-कौन से उद्योग लगाए जा सकते हैं, इसका भी एक सर्वे होना चाहिए। कौशल विकास के लिए जिला समन्वयक स्वाति अग्रवाल ने बताया कि जिले में कौशल उद्यमिता तथा प्रशिक्षित स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए यह सारा डाटा संकल्प मिशन के अंतर्गत एकत्रित किया जा रहा है। इसके लिए कोई ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट की आवश्यकता होगी तो उसे भी यहां स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन