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Charkhi Dadri News: अचल मुनि महाराज तपस्वी रत्न की उपाधि से अलंकृत
Mon, 01 Apr 2024 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 01 Apr 2024 02:35 AM IST
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चरखी दादरी। जैन समाज की ओर से छोटी बजारी स्थित जैन स्थानक परिसर में जैन धर्म प्रभावक मधुर वक्ता गुरुदेव अचल मुनि महाराज के 58वें जन्मदिन पर कई धार्मिक गतिविधियां आयोजित की गईं। जैन समाज के श्रद्धालुओं ने उन्हें तपस्वी रत्न की उपाधि से अलंकृत किया। विनोद जैन ने बताया कि भरत मुनि को चद्दर भेंट कर सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 के चतुर्मास के दौरान भी अचल मुनि को वाचस्पति की उपाधि दी गई थी। उनके जन्मदिन को समाज के लोगों ने बड़े उत्साह के साथ 108 एकासना व्रत, पचरंगी करके मनाया। जैन मुनि ने कहा कि दया, अनुशासन, परोपकार जीवन के अभिन्न अंग हैं। इन सभी का हमारे हृदय में होना जरूरी है।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजन, कविता अैर वक्तव्यों के जरिये अपनी भावनाओं काे उजागर किया। प्रबुद्ध नागरिकों ने बताया कि अचल मुनि लगातार 26 साल से एकासना तपस्या कर रहे हैं। अपने दीक्षा काल में 42 चतुर्मास के दौरान भारत के विभिन्न राज्यों समेत नेपाल तक भ्रमण कर चुके हैं। एकासना प्रभावना का लाभ डाॅ. हरि सिंह जैन परिवार और प्रभावना का लाभ विनोद जैन, नीरज जैन ने सपरिवार लिया।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 के चतुर्मास के दौरान भी अचल मुनि को वाचस्पति की उपाधि दी गई थी। उनके जन्मदिन को समाज के लोगों ने बड़े उत्साह के साथ 108 एकासना व्रत, पचरंगी करके मनाया। जैन मुनि ने कहा कि दया, अनुशासन, परोपकार जीवन के अभिन्न अंग हैं। इन सभी का हमारे हृदय में होना जरूरी है।
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इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजन, कविता अैर वक्तव्यों के जरिये अपनी भावनाओं काे उजागर किया। प्रबुद्ध नागरिकों ने बताया कि अचल मुनि लगातार 26 साल से एकासना तपस्या कर रहे हैं। अपने दीक्षा काल में 42 चतुर्मास के दौरान भारत के विभिन्न राज्यों समेत नेपाल तक भ्रमण कर चुके हैं। एकासना प्रभावना का लाभ डाॅ. हरि सिंह जैन परिवार और प्रभावना का लाभ विनोद जैन, नीरज जैन ने सपरिवार लिया।
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