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28 हजार का ऑनलाइन पंजीकरण, हेड ऑफिस से पहुंची 90 हजार किसानों की सूची

Sat, 21 Sep 2019 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2019 12:03 AM IST
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90 thousand farmer
फोटो 04 खेतों में खड़ी बाजरे की फसल। - फोटो : CharkhiDadri
सरकारी रेट पर बाजरे की फसल बेचने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर 40 हजार किसानों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने का लक्ष्य इस बार रखा गया था। मार्केटिंग बोर्ड के तमाम प्रयास के बावजूद 28 हजार किसानों का ही पंजीकरण हो पाया है। अहम बात यह है कि मार्केटिंग बोर्ड पंचकूला की तरफ से स्थानीय कार्यालय में पंजीकरण कराने वाले नब्बे हजार किसानों की सूची भेजी गई है। इस सूची को देखकर अधिकारी भी असमंजस में थे। उन्होंने ध्यानपूर्वक सूची की जांच की तो एक ही जमीन पर परिवार के तीन सदस्यों के पंजीकरण कराने की बात सामने आई। मामले की जानकारी स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत हेड ऑफिस को दी। अब डीसी की निगरानी में एक टीम पोर्टल पर किए आवेदन की त्रुटियां दुरुस्त कराने में जुटी है।
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सरकार द्वारा तय रेट पर अपनी फसल बेचने के लिए किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर आवेदन करना जरूरी है। इस बार जिले में बाजरे का रकबा 37600 हेक्टेयर है। पिछली बार की तुलना में इस बार बाजरे की पैदावार कुछ घटने के आसार हैं। कृषि विभाग अधिकारियों की मानें तो पिछली बार की तुलना में इस बार करीब 1100 हेक्टेयर भूमि पर बाजरे की कम बिजाई हुई है।
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एक अक्तूबर से प्रदेश में बाजरे की खरीद शुरू हो जाएगी। इससे पहले हेड ऑफिस की तरफ से मार्केटिंग बोर्ड चरखी दादरी कार्यालय में ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले किसानों की एक सूची भेजी गई थी। करीब पंद्रह दिन पहले यह सूची विभाग को मिली थी। जब इसकी जांच की गई तो इसमें 90 हजार किसानों के नाम मिले। वहीं, मार्केटिंग बोर्ड के आंकड़े के अनुसार करीब 28 हजार किसानों ने ही अपनी फसल सरकारी रेट पर बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन कराया है। आवेदन करने वाले किसानों की संख्या सूची में करीब तीन गुना मिलने पर अधिकारियों ने इसे वेरिफाई करवाया तो एक ही जमीन पर तीन-तीन किसानों के आवेदन करने की बात सामने आई। मार्केटिंग बोर्ड सचिव बसंत कुमार ने बताया कि त्रुटियां पकड़ में आ चुकी हैं और जल्द ही इन्हें दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
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172 गांवों में बनी समस्या, सरपंचों की ली जा रही मदद
मार्केटिंग बोर्ड सचिव बसंत कुमार ने बताया कि डीसी धर्मवीर सिंह की निगरानी में एक टीम त्रुटियों को ठीक करने के काम में जुटी है। उन्होंने बताया कि 172 गांवों के आवेदनों में त्रुटियां सामने आई हैं। इन्हें दुरुस्त कराने के लिए सरपंचों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा जमीन का डाटा वेरिफाई करने में पटवारियों की भी टीम मदद ले रही है। टीम में मार्केटिंग बोर्ड, कृषि विभाग के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
किसान बोले- ब्योरा कुछ दिया, पंजीकरण में चढ़ाया कुछ और
- मैंने तीन एकड़ जमीन पर बाजरे की बिजाई की थी। करीब पच्चीस दिन पहले मैंने पंजीकरण करवाया था। फसल का जो ब्योरा मैंने बताया था, वो आवेदन के समय नहीं भरा गया। अब चक्कर लगाकर मुझे त्रुटियां ठीक करानी पड़ रही हैं।
-भीम सिंह, किसान।
- मैंने छह एकड़ में बाजरे की बिजाई कर रखी है। एक माह पहले ऑनलाइन पंजीकरण करवाया था। जब मैं वेरिफाई करवाने आया तो आठ एकड़ जमीन पर बाजरे की बिजाई दिखाई गई। चूक ठीक कराने के लिए अब मुझे चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
-अजीत सिंह, किसान।
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ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले किसानों के फार्मों में काफी त्रुटियां हैं। मार्केट कमेटी के अधिकारियों से अपील है कि प्रक्रिया को सरल किया जाए, जिससे किसानों को राहत मिले।

-रामकुमार रिटोलिय, अनाज मंडी प्रधान।
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जिले के 40 हजार किसानों की बाजरा खरीद का लक्ष्य सरकार ने रखा था। करीब 28 हजार रकबों पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाया गया। आवेदनों की त्रुटियां दुरुस्त की जा रही हैं और दस दिन के अंदर सभी त्रुटियां ठीक करवा दी जाएंगी।
-बसंत कुमार, सचिव, मार्केटिंग बोर्ड।
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