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Charkhi Dadri News: जिले का 80 प्रतिशत कृषि क्षेत्र मानसून पर निर्भर, 11 साल से फीकी रही बारिश
Fri, 30 May 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 30 May 2025 01:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बाढड़ा। जिले का 80 प्रतिशत कृषि योग्य क्षेत्र मानसून पर ही निर्भर करता है। जिले में पिछले 11 साल से मानसून फीका रहा है। इस बार मानसून को लेकर काफी उम्मीदें हैं। जिले का कृषि योग्य रकबा 1 लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर क्षेत्र है जबकि करीब 68 हजार किसान हैं।
दादरी जिले में रबी व खरीफ सीजन की तकरीबन सभी प्रकार की फसलों की खेती होती है। करीब 30 प्रतिशत बरानी क्षेत्र तो पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करता है। मौसम विभाग का इस बार 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है। इस बार मानसून 28 जून तक पहुंचने की भी संभावना है। गत वर्ष एक अगस्त को मानसून की पहली बारिश हुई थी।
मानसून की बारिश अच्छी हो जाती है तो खरीफ के साथ रबी की फसलों की बिजाई भी आसान हो जाती है। मानसून की बारिश का समय सितंबर का अंतिम सप्ताह तक होता है। ऐसे में मानसून की बारिश से खेतों में अक्तूबर अंत तक नमी बनी रहती है। जिले में रबी की फसलों में सरसों, गेहूं, चना, जौ, मेथी की खेती की जाती है। खरीफ की फसलों में बाजरा, ज्वार, ग्वार, मूंग, मोठ, अरहर, तिल, सोयाबीन आदि की खेती की जाती है।
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चरखी दादरी/बाढड़ा। जिले का 80 प्रतिशत कृषि योग्य क्षेत्र मानसून पर ही निर्भर करता है। जिले में पिछले 11 साल से मानसून फीका रहा है। इस बार मानसून को लेकर काफी उम्मीदें हैं। जिले का कृषि योग्य रकबा 1 लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर क्षेत्र है जबकि करीब 68 हजार किसान हैं।
दादरी जिले में रबी व खरीफ सीजन की तकरीबन सभी प्रकार की फसलों की खेती होती है। करीब 30 प्रतिशत बरानी क्षेत्र तो पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करता है। मौसम विभाग का इस बार 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है। इस बार मानसून 28 जून तक पहुंचने की भी संभावना है। गत वर्ष एक अगस्त को मानसून की पहली बारिश हुई थी।
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मानसून की बारिश अच्छी हो जाती है तो खरीफ के साथ रबी की फसलों की बिजाई भी आसान हो जाती है। मानसून की बारिश का समय सितंबर का अंतिम सप्ताह तक होता है। ऐसे में मानसून की बारिश से खेतों में अक्तूबर अंत तक नमी बनी रहती है। जिले में रबी की फसलों में सरसों, गेहूं, चना, जौ, मेथी की खेती की जाती है। खरीफ की फसलों में बाजरा, ज्वार, ग्वार, मूंग, मोठ, अरहर, तिल, सोयाबीन आदि की खेती की जाती है।
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