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डीआईटीएस के वित्तीय मदों में 8.90 लाख की अनियमितताएं

Fri, 05 Mar 2021 12:04 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 05 Mar 2021 12:04 AM IST
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8.90 lakh irregularities in financial items of DITS
बाढ़डा डीआईटीएस कार्यालय। - फोटो : CharkhiDadri
डीआईटीएस (जिला सूचना एवं तकनीक सोसायटी) बाढड़ा के वित्तीय मदों की प्राथमिक जांच में 8.90 लाख की अनियमितताएं सामने आई हैं। एसडीएम बाढड़ा ने वर्ष 2020 के सिर्फ तीन माह के रिकॉर्ड की ही जांच की है, जिसमें यह गड़बड़झाला पकड़ में आ गया। हालांकि पूरे रिकॉर्ड की जांच के बाद इस राशि में और बढ़ोतरी हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ही डीसी राजेश जोगपाल ने डीआईटीएस के गठन (2017) के बाद से मार्च 2021 तक के रिकॉर्ड की जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए पीजीआई रोहतक से सेवानिवृत्त निदेशक एवं हरियाणा सरकार के मेडिको लीगल एडवाइजर डॉ. डीआर यादव को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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डीसी राजेश जोगपाल को दो मार्च को ही एक शिकायत मिली थी। इसमें बाढड़ा डीआईटीएस के वित्तीय मदों में गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी। शिकायत मिलने के बाद डीसी ने तत्काल बाढड़ा एसडीएम शंभू राठी को वित्तीय मदों की जांच करने के आदेश दिए थे। एसडीएम ने बुधवार को ही अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में वर्ष 2020 में अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर के वित्तीय मदों में आठ लाख 90 हजार की अनियमितता सामने आई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि गड़बड़ी किस कर्मचारी ने की है। डीसी राजेश जोगपाल के अनुसार फिलहाल अकाउंटेंट का कार्यभार संभालने वाले ही शक के दायरे में हैं। ऑपरेटर की भूमिका की भी इस मामले में जांच की जाएगी। ऐसे में दादरी डीआईटीएस के गठन से लेकर मार्च 2021 तक का रिकॉर्ड जांचने के आदेश भी दिए गए हैं। जांच अधिकारी को दस दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंपनी होगी और इसके बाद हर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि कौन-कौन कर्मचारी या अधिकारी इस गड़बड़झाले में शामिल हैं।
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कैश जमा करने की तारीख में भी गड़बड़ी, अगस्त का कैश जनवरी में कराया जमा
एसडीएम की जांच में यह भी सामने आया कि डीआईटीएस ऑपरेटर्स एक-दूसरे के अकाउंट का प्रयोग भी कर रहे हैं, जबकि यह नियम के खिलाफ है। जांच में सामने आया है कि कार्यालय की कैश एंट्री रसीदों में न केवल कटिंग मिली है, बल्कि 20 से अधिक रसीदों की कार्यालय कॉपी तक नहीं मिली। इसके अलावा कैश जमा करवाने की तारीख और कार्यालय के रिकॉर्ड में दर्ज एंट्री की तारीख में भी गड़बड़ी प्रारंभिक जांच में सामने आई है। वर्ष 2020 के अगस्त का कैश इस साल जनवरी में जमा करवाया गया है। ऐसे में अगर कैश जमा करवाया गया, तो उनकी रसीदें कहां हैं, यह अपने आपमें बड़ा सवाल है।
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शाम को डीआईटीएस ऑपरेटर्स की ली बैठक
वित्तीय मदों में गड़बड़ी का मामला पकड़ में आने के बाद डीसी राजेश जोगपाल ने डीआईटीएस के सभी ऑपरेटर्स की वीरवार शाम पांच बजे अपने कार्यालय में बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार या गबन मामले में संलिप्त मिले किसी भी ऑपरेटर को बख्शा नहीं जाएगा।

वर्जन
मुझे दो दिन पहले ही इस संबंध में शिकायत मिली थी। इस आधार पर एसडीएम बाढड़ा को प्राथमिक जांच के आदेश दिए थे। एसडीएम की जांच में वित्तीय मदों में आठ लाख 90 हजार की अनियमितता सामने आई है, जिसके बाद मैंने डीआईटीएस के गठन से लेकर अब तक का रिकॉर्ड जांचने के आदेश दे दिए हैं।
- राजेश जोगपाल, डीसी
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