{"_id":"675f2ebaa522a97064065724","slug":"780-metric-ton-urea-reached-charkhi-dadri-news-c-126-1-shsr1012-128049-2024-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: कई दिनों के इंतजार के बाद जिले में पहुंची 780 मीट्रिक टन यूरिया खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: कई दिनों के इंतजार के बाद जिले में पहुंची 780 मीट्रिक टन यूरिया खाद
Mon, 16 Dec 2024 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 16 Dec 2024 01:02 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले को कई दिन के इंतजार के बाद 780 मीट्रिक टन यूरिया खाद मिली है। इस खाद का वितरण 60 प्रतिशत प्राइवेट दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है जबकि 40 प्रतिशत सरकारी दुकानों के जरिए बांटी जा रही है। विभाग ने 10 हजार एमटी यूरिया की मांग भेज रखी है। अगले दो दिनों में यूरिया की एक खेप और पहुंचने की उम्मीद है।
दरअसल, इस समय यूरिया खाद की जरूरत बनी हुई है। किसानों ने गेहूं की पहली सिंचाई कर दी है। ऐसे में यूरिया की जरूरत है। सिंचाई के समय किसान खाद का छिड़काव करते हैं। इसी प्रकार, सरसों में भी यूरिया का छिड़काव किया जाता है। जिले में एक लाख 10 हजार एकड़ में सरसों की बिजाई हो चुकी है।
इसी प्रकार गेहूं की बिजाई का रकबा 90 हजार एकड़ तक पहुंच गया है। गेहूं की पछेती बिजाई का कार्य अभी चल रहा है। जिन किसानों ने धान की फसल की देरी से कटाई की है वे अब गेहूं की पछेती किस्मों की बिजाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
जिले में इस समय यूरिया की सख्त जरूरत है। जिले में 780 एमटी यूरिया की खेप पहुंची है। इसका वितरण किया जा रहा है। नगर में जमींदारा सोसायटी में पांच हजार बैग पहुंचे हैं। इनका वितरण किया जा रहा है। इसी प्रकार, प्राइवेट विक्रेताओं के पास भी यूरिया खाद भेजी गई है।
विज्ञापन
चरखी दादरी। जिले को कई दिन के इंतजार के बाद 780 मीट्रिक टन यूरिया खाद मिली है। इस खाद का वितरण 60 प्रतिशत प्राइवेट दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है जबकि 40 प्रतिशत सरकारी दुकानों के जरिए बांटी जा रही है। विभाग ने 10 हजार एमटी यूरिया की मांग भेज रखी है। अगले दो दिनों में यूरिया की एक खेप और पहुंचने की उम्मीद है।
दरअसल, इस समय यूरिया खाद की जरूरत बनी हुई है। किसानों ने गेहूं की पहली सिंचाई कर दी है। ऐसे में यूरिया की जरूरत है। सिंचाई के समय किसान खाद का छिड़काव करते हैं। इसी प्रकार, सरसों में भी यूरिया का छिड़काव किया जाता है। जिले में एक लाख 10 हजार एकड़ में सरसों की बिजाई हो चुकी है।
विज्ञापन
इसी प्रकार गेहूं की बिजाई का रकबा 90 हजार एकड़ तक पहुंच गया है। गेहूं की पछेती बिजाई का कार्य अभी चल रहा है। जिन किसानों ने धान की फसल की देरी से कटाई की है वे अब गेहूं की पछेती किस्मों की बिजाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
जिले में इस समय यूरिया की सख्त जरूरत है। जिले में 780 एमटी यूरिया की खेप पहुंची है। इसका वितरण किया जा रहा है। नगर में जमींदारा सोसायटी में पांच हजार बैग पहुंचे हैं। इनका वितरण किया जा रहा है। इसी प्रकार, प्राइवेट विक्रेताओं के पास भी यूरिया खाद भेजी गई है।