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Charkhi Dadri News: 78 नहरें, डिस्ट्रीब्यूटरी और माइनर सूखीं, 60 जलघरों के टैंक भी हो चुके खाली
Sun, 19 Nov 2023 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 19 Nov 2023 11:33 PM IST
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चरखी दादरी। जिले के 60 जलघरों के टैंकों में पानी खत्म हो चुका है। इसके चलते जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। अहम बात ये है कि इस सप्ताह नहरों में पानी एक सप्ताह देरी से पहुंचेगा। तब तक लोगों के पास अपने स्तर पर पानी का प्रबंध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। फिलहाल पांच लाख की आबादी पानी की कमी से परेशानी दंश झेल रही है।
जलघरों के वाटर टैंकों में पानी सप्लाई के लिए नहीं बचा है। इस बार नहरों में पानी 22 नवंबर तक पहुंचेगा जबकि टर्म अनुसार 15 नवंबर तक पानी पहुंचना चाहिए था। नहरी पानी में हुई एक सप्ताह की देरी सीधे तौर पर जिले के करीब छह लाख लोगों पर भारी पड़ रही है। नहरें सूखी और जलघरों के टैंक खाली होने से विभाग चाहकर भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। हालांकि पिछली टर्न में विभाग ने पांच दिन अतिरिक्त पानी बढ़वाया था, लेकिन बावजूद इसके जिले में पेयजल संकट गहराया हुआ है।
बता दें कि जिले की नहरों में पानी की टर्म अनुसार 16 दिन पानी चलता है जबकि 24 दिन बंद रहता है। इस बार जब नहरों में पानी पहुंचेगा तो चोरी भी ज्यादा मात्रा में होने की संभावना है क्योंकि किसान गेहूं व सरसों की पहली सिंचाई करेंगे। ऐसे में विभाग को इस बार 950 क्यूसेक पानी की मांग करनी चाहिए तब जाकर जलघरों व सिंचाई के लिए पानी की पूर्ति हो सकेगी।
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- शहर के जलघरों की तलहटी में गाद
शहर के चंपापुरी जलघर परिसर में बने वाटर टैंकों में तलहटी में थोड़ा पानी बचा है। यह पानी गादयुक्त है जो सप्लाई करने के लायक भी नहीं है। इसी प्रकार गांवों में बने जलघरों की भी ये स्थिति बनी हुई है। गांवों में तो लोग खेतों में बने बोरिंग ट्यूबवेल व हैंडपंप आदि के पानी का इस्तेमाल कर काम चला लेते हैं जबकि शहरवासी तो जलघर से सप्लाई पर ही निर्भर रहते हैं।
- 14 की जगह 21 नवंबर को छोड़ा जाएगा पानी
वैसे तो नहरों में इस बार 14 नवंबर को पानी छोड़ा जाना था लेकिन अब एक सप्ताह देरी से 21 नवंबर को हैड से पानी छोड़ा जाएगा। सिंचाई विभाग अपना इंडेंट भेज चुका है और उसी के मुताबिक जिले को पानी देने की जरूरत है।
- इस बार 1000 क्यूसेक पानी मंगवाए विभाग
अन्नदाता किसान यूनियन जिला अध्यक्ष रामकुमार कादयान का कहना है कि सिंचाई विभाग को इस बार नहरी पानी ज्यादा मात्रा में छोड़ना चाहिए। किसानों को गेहूं व सरसों की पहली सिंचाई करनी है जो अति जरूरी हैै। विभाग को इस बार एक हजार क्यूसेक पानी मंगवाना चाहिए तब जाकर पूर्ति हो सकेगी। जिले के जलघर भी खाली पड़े हैं।
900 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा गया है। नहरों में पानी आते ही तत्परता से जलघरों को भरा जाएगा। 22 तक नहरों में पानी पहुंचने की उम्मीद है।
-कमल वर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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जलघरों के वाटर टैंकों में पानी सप्लाई के लिए नहीं बचा है। इस बार नहरों में पानी 22 नवंबर तक पहुंचेगा जबकि टर्म अनुसार 15 नवंबर तक पानी पहुंचना चाहिए था। नहरी पानी में हुई एक सप्ताह की देरी सीधे तौर पर जिले के करीब छह लाख लोगों पर भारी पड़ रही है। नहरें सूखी और जलघरों के टैंक खाली होने से विभाग चाहकर भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। हालांकि पिछली टर्न में विभाग ने पांच दिन अतिरिक्त पानी बढ़वाया था, लेकिन बावजूद इसके जिले में पेयजल संकट गहराया हुआ है।
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बता दें कि जिले की नहरों में पानी की टर्म अनुसार 16 दिन पानी चलता है जबकि 24 दिन बंद रहता है। इस बार जब नहरों में पानी पहुंचेगा तो चोरी भी ज्यादा मात्रा में होने की संभावना है क्योंकि किसान गेहूं व सरसों की पहली सिंचाई करेंगे। ऐसे में विभाग को इस बार 950 क्यूसेक पानी की मांग करनी चाहिए तब जाकर जलघरों व सिंचाई के लिए पानी की पूर्ति हो सकेगी।
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- शहर के जलघरों की तलहटी में गाद
शहर के चंपापुरी जलघर परिसर में बने वाटर टैंकों में तलहटी में थोड़ा पानी बचा है। यह पानी गादयुक्त है जो सप्लाई करने के लायक भी नहीं है। इसी प्रकार गांवों में बने जलघरों की भी ये स्थिति बनी हुई है। गांवों में तो लोग खेतों में बने बोरिंग ट्यूबवेल व हैंडपंप आदि के पानी का इस्तेमाल कर काम चला लेते हैं जबकि शहरवासी तो जलघर से सप्लाई पर ही निर्भर रहते हैं।
- 14 की जगह 21 नवंबर को छोड़ा जाएगा पानी
वैसे तो नहरों में इस बार 14 नवंबर को पानी छोड़ा जाना था लेकिन अब एक सप्ताह देरी से 21 नवंबर को हैड से पानी छोड़ा जाएगा। सिंचाई विभाग अपना इंडेंट भेज चुका है और उसी के मुताबिक जिले को पानी देने की जरूरत है।
- इस बार 1000 क्यूसेक पानी मंगवाए विभाग
अन्नदाता किसान यूनियन जिला अध्यक्ष रामकुमार कादयान का कहना है कि सिंचाई विभाग को इस बार नहरी पानी ज्यादा मात्रा में छोड़ना चाहिए। किसानों को गेहूं व सरसों की पहली सिंचाई करनी है जो अति जरूरी हैै। विभाग को इस बार एक हजार क्यूसेक पानी मंगवाना चाहिए तब जाकर पूर्ति हो सकेगी। जिले के जलघर भी खाली पड़े हैं।
900 क्यूसेक पानी का इंडेंट भेजा गया है। नहरों में पानी आते ही तत्परता से जलघरों को भरा जाएगा। 22 तक नहरों में पानी पहुंचने की उम्मीद है।
-कमल वर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग