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Charkhi Dadri News: कृषि विभाग के 40 कर्मचारियों ने शुरू किया नुकसान का आकलन
Sun, 03 Mar 2024 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 03 Mar 2024 11:20 PM IST
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चरखी दादरी। जिले में 25 से 30 गांवों में शनिवार को ओलावृष्टि हुई। इससे फसलों को भारी क्षति हुई है। प्रभावित किसानों ने क्षति के मुआवजे की मांग की है। इसलिए कृषि विभाग के 40 कर्मचारियों ने खेतों में जाकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। सोमवार शाम तक रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है। एडीओ, फील्डमैन, बीएओ और अन्य कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का जायजा ले रहे हैं। रबी की नकदी फसल मानी जाने वाली सरसों में 25 से 50 प्रतिशत और गेहूं की फसल में 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है।
तेज हवाओं के साथ शनिवार दोपहर हुई ओलावृष्टि ने खूब तबाही मचाई। जिले में करीब 1.60 लाख एकड़ जमीन पर सरसों और एक लाख एकड़ में गेहूं की फसल है। शनिवार दोपहर बाद काली घटाएं उमड़ीं और तेज हवा के दबाव के साथ करीब 25 से ज्यादा गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलों ने गेहूं और सरसों की फसल में तबाही मचा दी।
- इन गांवों में फसलों को पहुंचा नुकसान
गांव रासीवास, छपार, डोहकी, बरसाना, बाढड़ा, नरसिंहवास, बौंदकलां, बौंदखुर्द, रणकौली, नीमड़ी, मालकोष, सांजरवास, रानीला, उण में ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान हुआ है। सरसों की फसल तो इस समय पकने की अवस्था में है। तेज हवा और ओलावृष्टि से गेहूं की फसलें खेतों में बिछ गईं जिसका पकाव ठीक प्रकार से नहीं हो सकेगा।
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- गेहूं के मुकाबले सरसों में ज्यादा नुकसान की आशंका
-कृ़षि विभाग के करीब 40 कर्मचारियों ने खेतों में जाकर सर्वे का काम शुरू कर दिया है। सोमवार शाम तक सर्वे का काम पूरा होने की उम्मीद है। एडीओ, फील्डमैन, बीएओ आदि कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का जायजा ले रहे हैं। सरसों की फसल में ज्यादा यानी 25 से 50 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान कृषि विभाग के अधिकारियों ने लगाया है।
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सरसों में 25 से 50 प्रतिशत तक सर्वाधिक नुकसान होने का अनुमान है। गेहूं की बिछी फसल भविष्य में मौसम अनुकूल होने पर सही हो सकती है। इसका पौधा उसी अवस्था में वापस आ सकता है। विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। - डॉ. चंद्रभान श्योराण, कृषि विशेषज्ञ, चरखी दादरी।
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तेज हवाओं के साथ शनिवार दोपहर हुई ओलावृष्टि ने खूब तबाही मचाई। जिले में करीब 1.60 लाख एकड़ जमीन पर सरसों और एक लाख एकड़ में गेहूं की फसल है। शनिवार दोपहर बाद काली घटाएं उमड़ीं और तेज हवा के दबाव के साथ करीब 25 से ज्यादा गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलों ने गेहूं और सरसों की फसल में तबाही मचा दी।
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- इन गांवों में फसलों को पहुंचा नुकसान
गांव रासीवास, छपार, डोहकी, बरसाना, बाढड़ा, नरसिंहवास, बौंदकलां, बौंदखुर्द, रणकौली, नीमड़ी, मालकोष, सांजरवास, रानीला, उण में ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान हुआ है। सरसों की फसल तो इस समय पकने की अवस्था में है। तेज हवा और ओलावृष्टि से गेहूं की फसलें खेतों में बिछ गईं जिसका पकाव ठीक प्रकार से नहीं हो सकेगा।
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- गेहूं के मुकाबले सरसों में ज्यादा नुकसान की आशंका
-कृ़षि विभाग के करीब 40 कर्मचारियों ने खेतों में जाकर सर्वे का काम शुरू कर दिया है। सोमवार शाम तक सर्वे का काम पूरा होने की उम्मीद है। एडीओ, फील्डमैन, बीएओ आदि कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का जायजा ले रहे हैं। सरसों की फसल में ज्यादा यानी 25 से 50 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान कृषि विभाग के अधिकारियों ने लगाया है।
सरसों में 25 से 50 प्रतिशत तक सर्वाधिक नुकसान होने का अनुमान है। गेहूं की बिछी फसल भविष्य में मौसम अनुकूल होने पर सही हो सकती है। इसका पौधा उसी अवस्था में वापस आ सकता है। विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। - डॉ. चंद्रभान श्योराण, कृषि विशेषज्ञ, चरखी दादरी।