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Charkhi Dadri News: आईटीआई के चार ट्रेड में 37 फीसदी सीटें खाली

Mon, 09 Sep 2024 05:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 09 Sep 2024 05:52 AM IST
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37 percent seats vacant in iti
तीसरी बार शुरू की गई ऑन द स्पॉट दाखिला प्रक्रिया, ड्रेस मेकिंग, पेंटर, कारपेंटर व स्टेनो ट्रेड में युवा नहीं ले रहे दिलचस्पी
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले की आईटीआई में ड्रेस मेकिंग, पेंटर, कारपेंटर व स्टेनो में युवाओं का रुझान कम हो चुका है। अब आईटीआई में आने वाले आवेदक इन ट्रेडों की जानकारी मिलने के बाद दाखिला नहीं ले रहे और तकनीकी ट्रेड की ओर दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
संस्थानों में सबसे अधिक ड्रेस मेकिंग की सीटें खाली हैं। इसमें युवकों के बजाय युवतियां भी कम रुचि दिखा रही हैं। पिछले साल की तुलना करें तो संस्थानों में 95 से 97 प्रतिशत सीटें भरी हुई थीं। इस बार तीसरी बार विभाग की ओर से ऑन द स्पॉट दाखिला प्रक्रिया चलाई गई है। फिर भी संस्थानों की 13 से 25 प्रतिशत सीटें खाली हैं।
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बता दें कि जिले की नोडल आईटीआई में 13 प्रतिशत सीटें खाली हैं। कलाली- बलाली राजकीय आईटीआई में 7.6 प्रतिशत और कादमा आईटीआई में 17.2 फीसदी सीटें खाली हैं। वहीं, महिला आईटीआई में 60 प्रतिशत सीटें अभी नहीं भरी हैं। अगर सभी आईटीआई में ट्रेड के अनुसार स्थिति देखी जाए तो स्टेनो हिंदी की 24 में 12, कारपेंटर की 48 में से 35, पेंटर की 20 में से 4, ड्रेस मेकिंग की 40 में से 28 सीटें खाली हैं।
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वहीं कलाली-बलाली राजकीय आईटीआई में ड्रेस मेकिंग की 40 में से 28, प्लंबर की 20 में से 7 और पेंटर सामान्य 20 में से 3 सीटें रिक्त हैं। कादमा राजकीय आईटीआई में ड्रेस मेकिंग की सभी 20, फिटर की 2, ड्राफ्टमैन सिविल की 7, वेल्डर की 3 और स्टेनो हिंदी की 3 सीटें खाली हैं।

वहीं, दादरी महिला आईटीआई की सबसे ज्यादा सीटें खाली हैं। इसमें कोपा की 48 में से 28, ब्यूटी पार्लर की 48 में से 32, डीएमसी की 24 में से 14, ड्रेस मेकिंग की 20 में से 16, कढ़ाई-बुनाई कोर्स की 20 सीटें खाली हैं। नोडल प्रभारी श्रीनिवास ने बताया कि आजकल तकनीकी ट्रेड का ज्यादा चलन है। इसी कारण युवा इन हस्तकला वाले ट्रेड में कम रुचि दिखा रहे हैं। उनका मानना है कि इन ट्रेड में कोई रोजगार नहीं है, लेकिन इन ट्रेडों की कोर्ट, मेन्यूफेक्चरिंग कंपनी में बहुत मांग है। अगर किसी कारणवश नौकरी नहीं कर पाए तो इनके माध्यम से युवा स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं। ट्रेड में पास होने वाले सभी युवाओं को संस्थान की ओर से एक साल के लिए अनुबंध के आधार पर रोजगार दिलाया जाता है।

फोटो - 02

कलाली-बलाली स्थित राजकीय आईटीआई, जहां सबसे कम सीटें हैं खाली। संवाद
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