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350 करोड़ की मुआवजा राशि घोटाला: सीबीआई जांच की मांग, दादरी में एसकेएम का धरना, विभाग के अधिकारियों पर आरोप

Thu, 20 Mar 2025 06:05 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Thu, 20 Mar 2025 06:05 PM IST
सार

संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदेश सरकार से दोनों अधिकारियों को तुरंत उनके पद से हटाने और फसल बीमा निर्धारण में किए गए घोटाला की सीबीआई से जांच कराने की मांग भी की है।
 

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350 crore compensation scam Demand for CBI investigation SKM protests in Dadri
धरना देते किसान। - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों को 350 करोड़ रुपये बीमा क्लेम राशि की हानि पहुंचाने का आरोप लगाकर चरखी दादरी लघु सचिवालय परिसर में वीरवार से धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी खेमा ने उपायुक्त कार्यालय में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक और महानिदेशक पर बीमा कंपनी से साठ-गांठ कर 450 करोड़ की बीमा क्लेम राशि को 100 करोड़ कराने का आरोप लगाया है।

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दादरी उपायुक्त कार्यालय में सौंपे ज्ञापन में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बताया गया कि अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा भिवानी पिछले लंबे समय से खरीफ 2023 कपास बीमा क्लेम जारी करने की मांग उठा रहा है। 
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अब संगठन के संज्ञान में आया है कि दादरी और भिवानी जिला के किसानों की उक्त सीजन की क्लेम राशि सीसीईएस के आधार पर 450 करोड़ रुपये बनती थी। कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों ने बीमा  कंपनी से साठ-गांठ कर चरखी दादरी जिला के किसानों का 150 करोड़ रुपये मुआवजा शून्य कर दिया जबकि भिवानी जिले के किसानों का 300  की बजाय 100 करोड़ दिया गया। ज्ञापन में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक और निदेशक राजीव मिश्रा पर सीधे आरोप लगाया गया।
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पद से हटाने और सीबीआई जांच की मांग
ज्ञापन के जरिये संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदेश सरकार से दोनों अधिकारियों को तुरंत उनके पद से हटाने और फसल बीमा निर्धारण में किए गए घोटाला की सीबीआई से जांच कराने की मांग भी की है।

2022-23 में 2496.89 करोड़ तो 2023-24 में दिया गया 224.43 करोड़ मुआवजा
ज्ञापन में बताया गया कि लोकसभा सत्र में 4 फरवरी 2024 को एक सवाल पूछा गया था। इसके जवाब से पता चला था कि वर्ष 2022-23 में बीमा कंपनी ने किसानों को 2496.89 करोड़ की फसल बीमा राशि थी जबकि 2023-24 में महज 224.34 करोड़ की बीमा राशि ही किसानों को दी गई।


शिकायत निवारण समितियों में किसान प्रतिनिधि किए जाए शामिल 
ज्ञापन के जरिये संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदेश सरकार से एक और अहम मांग की है। इसके अनुसार, पीएमएफबीवाई आर्गेनाइजेशन के प्रावधान अनुसार शिकायत निवारण सभी समितियों में किसान प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए, क्योंकि अभी तक उक्त समितियों में किसानों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है।

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