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तीन माह में 34 सड़क हादसों में 21 ने गंवाई जान, 30 हुए घायल
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चरखी दादरी। एक अगस्त से शुरू किए गए नेशनल हाईवे-152 डी समेत जिले के चार मार्गों पर लगातार हादसे हो रहे हैं। एक अगस्त से लेकर 31 अक्तूबर तक हुए हादसों के आंकड़े देखें तो 34 सड़क हादसे हुए हैं। तीन माह में हुए इन हादसों में 21 लोगों ने जान गंवाई है जबकि 30 लोग घायल हुए है। यानी की हर माह 7 लोगों ने हादसों ने जान गंवाई। इनमें सर्वाधिक मौतें एनएच-152 डी पर हुई हैं। जिले में पिछले तीन माह में हुए हादसों में ज्यादातर का कारण रफ्तार और भारी वाहन बने हैं।
एक अगस्त से लेकर 31 अक्तूबर तक हुए हादसों में कई परिवारों को जीवन भर का दर्द मिला है। माह वाइज हादसों के आंकड़े देखें तो अगस्त माह में 12 हादसे हुए हैं। इनमें 11 लोगों की मौत हुई जबकि 11 ही घायल हुए। सितंबर माह में 11 सड़क हादसे हुए जिनमें चार लोगों की मौत हुई जबकि 11 घायल हुए। वहीं, अक्तूबर माह में 11 सड़क हादसे हुए, जिनमें 6 लोगों की मौत हुई जबकि 8 घायल हुए। ऐसे में सर्वाधिक हादसे अगस्त माह में हुए और सर्वाधिक मौतें भी इसी माह हुई हैं।
गत तीन माह में हादसों के स्पॉट देखें तो एनएच-152 डी पर सर्वाधिक 8 हादसे हुए हैं। इनमें 7 लोगों की मौत हुई जबकि आठ घायल हुए। इसके अलावा दादरी-दिल्ली रोड पर तीन हादसे हुए जिनमें दो की मौत हुई और पांच घायल हुए। वहीं, रोहतक रोड पर चार हादसे हुए जिनमें दो लोगों की मौत हुई जबकि पांच घायल हुए। इसी प्रकार बाढड़ा समेत इस मार्ग के अप्रोच मार्गों पर पांच हादसे हुए जिनमें दो की मौत हुई जबकि सात घायल हुए। इन विभिन्न मार्गों पर हुए हादसों का कारण रफ्तार बनी।
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जानिये... नवनिर्मित नेशनल हाईवे पर कब-कब बहा खून
- 8 अगस्त को एनएच-152 डी पर एक अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकरा गई थी। इस हादसे में दो युवकों की मौत हुई थी।
- 11 अगस्त को जलेबी चौक के समीप ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी थी। हादसे में रक्षाबंधन पर घर लौट रहे एमसी कॉलोनी निवासी युवक की मौत हुई थी।
- 11 अगस्त को रानीला के पास कार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मारी थी। इस हादसे में कार सवार पांच लोग घायल हो गए थे।
- 13 अक्तूबर को करवा चौथ पर पानीपत से झोझूकलां अपने घर आ रहे व्यक्ति की बाइक सवार को ट्रक ने टक्कर मारी थी। जिसमें बाइक सवार की मौत हो गई थी।
- 14 अक्तूबर को एनएच-152 डी पर झिंझर के समीप दो भारी वाहन टकरा गए थे। इस हादसे में मोहाली निवासी दीपक की मौत हो गई थी।
- 20 अक्तूबर को समसपुर टोल प्लाजा के समीप दो ट्रक टकराए थे। जिनमें से एक ट्रक चालक की मौत हुई थी और उसका साथी घायल हुआ था।
- 25 अक्तूबर को नेशनल हाईवे पर ट्रॉले और कंटेनर की टक्कर हुई थी। इस हादसे में कुरुक्षेत्र निवासी सतविंद्र की मौत हुई थी जबकि साथी घायल हुआ था।
- किसी ने खोई इकलौती बहन तो किसी ने इकलौता बेटा
तीन माह में जिले में के विभिन्न मार्गों पर हुए सड़क हादसों में कई परिवारों को दर्द मिला है। 19 सितंबर को भागेश्वरी के समीप हुए हादसे में जिस युवती की मौत हुई थी वह परिवार की इकलौती बेटी थी। इसी प्रकार 11 अगस्त को एनएच पर हुए हादसे में दम तोड़ने वाला युवक भी इकलौता बेटा था। इन हादसों ने परिवार के सदस्यों को तोड़कर रख दिया।
चालक सभी मानकों का पालन कर अपने वाहन चलाएं। थोड़ी सी जल्दबाजी हादसों का कारण बनती है और इसका खामियाजा मृतक के अलावा परिवार को भुगतना पड़ता है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने के साथ रफ्तार का अगर ध्यान रखेंगे तो हादसों से बचाव संभव है।
-दीपक गहलावत, एसपी, चरखी दादरी
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एक अगस्त से लेकर 31 अक्तूबर तक हुए हादसों में कई परिवारों को जीवन भर का दर्द मिला है। माह वाइज हादसों के आंकड़े देखें तो अगस्त माह में 12 हादसे हुए हैं। इनमें 11 लोगों की मौत हुई जबकि 11 ही घायल हुए। सितंबर माह में 11 सड़क हादसे हुए जिनमें चार लोगों की मौत हुई जबकि 11 घायल हुए। वहीं, अक्तूबर माह में 11 सड़क हादसे हुए, जिनमें 6 लोगों की मौत हुई जबकि 8 घायल हुए। ऐसे में सर्वाधिक हादसे अगस्त माह में हुए और सर्वाधिक मौतें भी इसी माह हुई हैं।
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गत तीन माह में हादसों के स्पॉट देखें तो एनएच-152 डी पर सर्वाधिक 8 हादसे हुए हैं। इनमें 7 लोगों की मौत हुई जबकि आठ घायल हुए। इसके अलावा दादरी-दिल्ली रोड पर तीन हादसे हुए जिनमें दो की मौत हुई और पांच घायल हुए। वहीं, रोहतक रोड पर चार हादसे हुए जिनमें दो लोगों की मौत हुई जबकि पांच घायल हुए। इसी प्रकार बाढड़ा समेत इस मार्ग के अप्रोच मार्गों पर पांच हादसे हुए जिनमें दो की मौत हुई जबकि सात घायल हुए। इन विभिन्न मार्गों पर हुए हादसों का कारण रफ्तार बनी।
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जानिये... नवनिर्मित नेशनल हाईवे पर कब-कब बहा खून
- 8 अगस्त को एनएच-152 डी पर एक अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकरा गई थी। इस हादसे में दो युवकों की मौत हुई थी।
- 11 अगस्त को जलेबी चौक के समीप ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी थी। हादसे में रक्षाबंधन पर घर लौट रहे एमसी कॉलोनी निवासी युवक की मौत हुई थी।
- 11 अगस्त को रानीला के पास कार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मारी थी। इस हादसे में कार सवार पांच लोग घायल हो गए थे।
- 13 अक्तूबर को करवा चौथ पर पानीपत से झोझूकलां अपने घर आ रहे व्यक्ति की बाइक सवार को ट्रक ने टक्कर मारी थी। जिसमें बाइक सवार की मौत हो गई थी।
- 14 अक्तूबर को एनएच-152 डी पर झिंझर के समीप दो भारी वाहन टकरा गए थे। इस हादसे में मोहाली निवासी दीपक की मौत हो गई थी।
- 20 अक्तूबर को समसपुर टोल प्लाजा के समीप दो ट्रक टकराए थे। जिनमें से एक ट्रक चालक की मौत हुई थी और उसका साथी घायल हुआ था।
- 25 अक्तूबर को नेशनल हाईवे पर ट्रॉले और कंटेनर की टक्कर हुई थी। इस हादसे में कुरुक्षेत्र निवासी सतविंद्र की मौत हुई थी जबकि साथी घायल हुआ था।
- किसी ने खोई इकलौती बहन तो किसी ने इकलौता बेटा
तीन माह में जिले में के विभिन्न मार्गों पर हुए सड़क हादसों में कई परिवारों को दर्द मिला है। 19 सितंबर को भागेश्वरी के समीप हुए हादसे में जिस युवती की मौत हुई थी वह परिवार की इकलौती बेटी थी। इसी प्रकार 11 अगस्त को एनएच पर हुए हादसे में दम तोड़ने वाला युवक भी इकलौता बेटा था। इन हादसों ने परिवार के सदस्यों को तोड़कर रख दिया।
चालक सभी मानकों का पालन कर अपने वाहन चलाएं। थोड़ी सी जल्दबाजी हादसों का कारण बनती है और इसका खामियाजा मृतक के अलावा परिवार को भुगतना पड़ता है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने के साथ रफ्तार का अगर ध्यान रखेंगे तो हादसों से बचाव संभव है।
-दीपक गहलावत, एसपी, चरखी दादरी