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दादरी में 17 एमएम तो बौंदकलां में हुई 20 एमएम बारिश, कोहरा भी छाया
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जिला के विभिन्न भागों में बुधवार को भी बारिश हुई। बुधवार सुबह आठ बजे तक शहर में 18 एमएम बारिश दर्ज की गई। दो दिनों में शहर में 30 एमएम बारिश हो चुकी है। बारिश से सीवर व्यवस्था चरमरा जाने से लोगों को परेशानी हो रही है। बारिश को रबी की फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को दूसरे दिन भी बारिश हुई। दादरी शहर में 18 एमएम, बाढड़ा ब्लॉक में 15 और बौंद कलां ब्लॉक में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई है। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। सुबह घना कोहरा छाया रहा जिसके चलते दादरी-चंडीगढ़, दादरी-दिल्ली, दादरी-नारनौल और दादरी भिवानी मुख्यमार्ग पर वाहन रेंगकर चले। सूरज नहीं निकलने के चलते शाम चार बजे के बाद वाहन चालकों को लाइटें जलाकर गुजरना पड़ा। बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया।
किसान बोले: रामजी नै कर दी मौज
किसान हवा सिंह, संदीप, रामअवतार, जिले सिंह, कलेराम और प्रकाश ढाणी का कहना है कि रामजी नै तो मौज कर दी। रामजी की यूं ही दयादृष्टि बनी रही तो इबकै फसल बढ़िया होगी। बारिश नै तो फसला म्ह खाद का काम करा है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश सही समय पर हुई है। इस समय फसलों में फुटाव की स्थिति है ऐसे में बारिश से और ज्यादा फायदा पहुंचेगा।
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शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को दूसरे दिन भी बारिश हुई। दादरी शहर में 18 एमएम, बाढड़ा ब्लॉक में 15 और बौंद कलां ब्लॉक में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई है। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। सुबह घना कोहरा छाया रहा जिसके चलते दादरी-चंडीगढ़, दादरी-दिल्ली, दादरी-नारनौल और दादरी भिवानी मुख्यमार्ग पर वाहन रेंगकर चले। सूरज नहीं निकलने के चलते शाम चार बजे के बाद वाहन चालकों को लाइटें जलाकर गुजरना पड़ा। बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया।
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किसान बोले: रामजी नै कर दी मौज
किसान हवा सिंह, संदीप, रामअवतार, जिले सिंह, कलेराम और प्रकाश ढाणी का कहना है कि रामजी नै तो मौज कर दी। रामजी की यूं ही दयादृष्टि बनी रही तो इबकै फसल बढ़िया होगी। बारिश नै तो फसला म्ह खाद का काम करा है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश सही समय पर हुई है। इस समय फसलों में फुटाव की स्थिति है ऐसे में बारिश से और ज्यादा फायदा पहुंचेगा।
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