{"_id":"646bbb4879462aa621039104","slug":"165-lakh-quintals-of-mustard-wheat-still-lying-at-centers-payment-of-farmers-stuck-charkhidadri-news-c-126-1-shsr1012-199-2023-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: 1.65 लाख क्विंटल सरसों-गेहूं अभी भी पड़ी केंद्रों पर, किसानों का भुगतान अटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: 1.65 लाख क्विंटल सरसों-गेहूं अभी भी पड़ी केंद्रों पर, किसानों का भुगतान अटका
विज्ञापन
चरखी दादरी। जिले में सरसों एवं गेहूं का उठान अभी भी धीमा चल रहा है। जिले के खरीद केंद्रों पर 1,47,158 क्विंटल सरसों और 18,670 क्विंटल गेहूं का उठान होना बाकी है। उठान नहीं होने की वजह से किसानों को उनकी फसल का भुगतान भी नहीं हो पाया है। वहीं, हैफेड के अधिकारियों का मानना है कि रविवार तक लगभग 80 प्रतिशत किसानों की फसलों का भुगतान कर दिया गया है लेकिन हकीकत यह है कि अभी कुल सरसों की कुल खरीद का 30.96 प्रतिशत और गेहूं का 7.96 प्रतिशत उठान व भुगतान बाकी है।
बता दें कि 12 मई को जिले के उपकेंद्रों पर सरसों की अंतिम खरीद हुई थी। उसके बाद से अब तक एजेंसियों से सरसों एवं गेहूं की फसलों का उठान पूरा नहीं हो पाया है। जिले के केंद्रों पर 4,75,258 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है जिसमें 3,28,100 क्विंटल सरसों का उठान हो चुका है। फिलहाल 1,47,158 क्विंटल सरसों का उठान बाकी है। इसके अलावा 2,55,196 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई जिसमें 2,36,526 क्विंटल का उठान हो चुका है जबकि 18,670 क्विंटल का उठान बाकी है। इस बार उठान प्रक्रिया शुरू से ही धीमी चल रही है जिस वजह से किसानों को 72 घंटे के बजाय 20 से 25 दिनों में भुगतान हो रहा है।
- बारदाने में भरी जा रही खराब सरसों
अनाज मंडी में व्यापारियों के पास बारिश से भीगी हुई खराब सरसों पड़ी है। उस सरसों को बाहर सुखाया जा रहा है। उन सरसों में पिंड बंध गए हैं और बूफन लग चुकी है। उसी सरसों को बारदाने में भर रहे हैं। सोमवार को मंडी में पड़ताल के दौरान नजर आया कि श्रमिक बूफन लगी सरसों को बारदाने में भर रहे थे। हालांकि कई व्यापारी सरसों को झारने से झार भी रहे थे लेकिन बारिश से बने सरसों के पिंड को फोड़-फोड़ कर उसी में मिला रहे थे। एक दो जगह तो झाडू के माध्यम से ही खराब सरसों का अच्छी सरसों में मिक्स कर रहे थे। इस संबंध में अधिकारी बेखबर है।
विज्ञापन
.वर्जन:
उठान में तेजी ला रहे हैं। उठान के लिए रविवार को 9 प्वाइंट और सोमवार को 11 प्वाइंट बना रखे थे। मंगलवार को 15 प्वाइंट कर दिए जाएंगे। अब तक 80 प्रतिशत किसानों का भुगतान किया जा चुका है। बारदाने में खराब फसल भरने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। झारने में छानकर तथा पंखे से झराई के बाद फसल बारदाने में भरनी होती है। अगर कोई ऐसा नहीं कर रहा तो यह गलत है। इसके लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजेंद्र सिंह, डीएम, हैफेड।
एजेंसी कट्टाें को चेक करके ही गोदामों में रखती है। जिस कट्टे में हलकी क्वालिटी होती है उसको वापस कर दिया जाता है। एजेंसी हलकी क्वालिटी नहीं खरीदती।
-परमजीत, सचिव मार्केट कमेटी
विज्ञापन
बता दें कि 12 मई को जिले के उपकेंद्रों पर सरसों की अंतिम खरीद हुई थी। उसके बाद से अब तक एजेंसियों से सरसों एवं गेहूं की फसलों का उठान पूरा नहीं हो पाया है। जिले के केंद्रों पर 4,75,258 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है जिसमें 3,28,100 क्विंटल सरसों का उठान हो चुका है। फिलहाल 1,47,158 क्विंटल सरसों का उठान बाकी है। इसके अलावा 2,55,196 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई जिसमें 2,36,526 क्विंटल का उठान हो चुका है जबकि 18,670 क्विंटल का उठान बाकी है। इस बार उठान प्रक्रिया शुरू से ही धीमी चल रही है जिस वजह से किसानों को 72 घंटे के बजाय 20 से 25 दिनों में भुगतान हो रहा है।
विज्ञापन
- बारदाने में भरी जा रही खराब सरसों
अनाज मंडी में व्यापारियों के पास बारिश से भीगी हुई खराब सरसों पड़ी है। उस सरसों को बाहर सुखाया जा रहा है। उन सरसों में पिंड बंध गए हैं और बूफन लग चुकी है। उसी सरसों को बारदाने में भर रहे हैं। सोमवार को मंडी में पड़ताल के दौरान नजर आया कि श्रमिक बूफन लगी सरसों को बारदाने में भर रहे थे। हालांकि कई व्यापारी सरसों को झारने से झार भी रहे थे लेकिन बारिश से बने सरसों के पिंड को फोड़-फोड़ कर उसी में मिला रहे थे। एक दो जगह तो झाडू के माध्यम से ही खराब सरसों का अच्छी सरसों में मिक्स कर रहे थे। इस संबंध में अधिकारी बेखबर है।
विज्ञापन
.वर्जन:
उठान में तेजी ला रहे हैं। उठान के लिए रविवार को 9 प्वाइंट और सोमवार को 11 प्वाइंट बना रखे थे। मंगलवार को 15 प्वाइंट कर दिए जाएंगे। अब तक 80 प्रतिशत किसानों का भुगतान किया जा चुका है। बारदाने में खराब फसल भरने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। झारने में छानकर तथा पंखे से झराई के बाद फसल बारदाने में भरनी होती है। अगर कोई ऐसा नहीं कर रहा तो यह गलत है। इसके लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजेंद्र सिंह, डीएम, हैफेड।
एजेंसी कट्टाें को चेक करके ही गोदामों में रखती है। जिस कट्टे में हलकी क्वालिटी होती है उसको वापस कर दिया जाता है। एजेंसी हलकी क्वालिटी नहीं खरीदती।
-परमजीत, सचिव मार्केट कमेटी