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Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   150 out of 250 ponds full of water, beautification work stopped in 20

Charkhi Dadri News: 250 में से 150 तालाब पानी से लबालब, 20 में सुंदरीकरण का काम रुका

Sat, 15 Jul 2023 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 15 Jul 2023 11:18 PM IST
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150 out of 250 ponds full of water, beautification work stopped in 20
शहर में सदर थाना के पीछे स्थित मुख्य जोहड़।
चरखी दादरी। जिले के शहर व ग्रामीण क्षेत्र में 250 में से 150 तालाब बारिश के पानी से लबालब हो गए हैं। वहीं 20 तालाब में पानी भरने से इनके सुंदरीकरण का काम रुक गया है। मोटरें लगाकर खाली किए गए तालाबों में फिर से पानी भर गया है। फिर से इन्हें खाली करना पंचायत विभाग व ग्राम पंचायतों के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य रहेगा। इतना ही नहीं अगर एक बार और अच्छी बारिश हो जाती है तो 30 से अधिक गांवों की गलियों तक तालाब का पानी पहुंच जाएगा।
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बता दें कि अक्सर तालाब ओवरफ्लो होने पर गांवों की निचली बस्तियों में जलभराव हो जाता है। उपतहसील बौंदकलां में बस स्टैंड के समीप बना बड़ा जोहड़ बारिश सीजन में लोगों के लिए आफत का कारण बन रहा है। हर साल इस जोहड़ से पानी की निकासी करनी पड़ती है। इसी प्रकार शहर के सदर पुलिस थाना के पीछे बना तालाब भी पानी से लबालब है। दिन-रात इससे पानी का उठान करवाया जा रहा है। यह तालाब ओवरफ्लो होने से बाजारों में पानी भर जाता है। जिसकी निकासी में पांच से छह दिन लग जाते हैं।
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जिले के अधिकतर तालाब नहरों से कनेक्ट हैं। नहरों के जरिये इनमें पानी डाला जाता है। इस बार बारिश के पानी से ही शहरी क्षेत्र सहित गांवों के 150 तालाब पानी से लबालब हो गए हैं। किसी गांव में तो एक से ज्यादा तालाब भी हैं। गांवों का दूषित व बारिश का पानी इन तालाबों में चला जाता है जिससे बारिश के दौरान ये जल्दी भर जाते हैं। गांवों में दूषित पानी की निकासी नहीं होने की वजह से इन जोहड़ों में ही पानी एकत्रित होता है। जिन तालाबों में दूषित पानी नहीं जाता उनमें पानी की गुणवत्ता ठीक होती है और वो पशुओं के पीने लायक भी होता है। अधिकतर पशुपालक पशुओं को तालाबों में ही पानी पिलाते हैंं। तालाब में पशु को पानी पिलाने व स्नान करवाने से पशु का स्वास्थ्य बेेहतर रहता है। पशु चिकित्सकों का मानना कि इससे पशु की एक्सरसाइज होती है।
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जानिये....किस गांवों में तालाबों की होनी है कायाकल्प
पीएमश्री तालाब सुंदरीकरण योजना के तहत कलाली व हिंडोल गांव के तालाब की दशा सुधारने पर 6.15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगले 12 माह में इन दोनों तालाबों का सुंदरीकरण का कार्य पूरा होना है। गांव घसौला के पंचायती तालाब के नवीनीकरण पर 2 करोड़ 16 लाख रुपये, चांदवास की जोहड़ी के सुंदरीकरण पर 2 करोड़ 29 लाख रुपये, गांव बादल के खेड़ा जोहड़ के नवीनीकरण पर 1 करोड़ 16 लाख, गांव असावरी के पंचायती जोहड़ पर 94 लाख 75 हजार रुपये खर्च होने हैं। इसी प्रकार गांव जावा के नए पंचायती जोहड़ पर 52 लाख 46 हजार रुपये, गांव जगरामबास के जोहड़ के सुंदरीकरण पर 18 लाख 70 हजार रुपये, गांव चांदवास के सुनारला जोहड़ पर 49 लाख 30 हजार रुपये, गांव भांडवा के गांव गऊघाट जोहड़ पर 34 लाख 54 हजार, भोपाली के जोहड़ के सुंदरीकरण पर 30 लाख 57 हजार और गांव घसौला के नया तालाब के नवीनीकरण पर 36 लाख 31 हजार रुपये खर्च होने हैं।



- तालाबों से पानी निकासी की जरूरत
अब भविष्य में अगर और बारिश हो जाती हैं तो यह ओवरफ्लो तालाब लोगों के लिए आफत से भी कम नहीं होंगे। तालाब आसपास की बस्तियों मेें जलभराव का कारण बनते रहे हैं। इन तालाबों से पानी की निकासी का भी उचित प्रबंध करने की जरूरत है।



- भूमिगत वाटर रिचार्ज में मिलेगी मदद

इन तालाबों के भर जाने से आसपास की काफी दूरी तक एरिया में भूमिगत वाटर रिचार्ज होने में भी मदद मिलेगी। जमीनी वाटर लेवल ऊपर आने की उम्मीद है। इससे लोग तालाबों के आसपास हैंडपंप आदि लगाकर पेयजल की आपूर्ति भी कर सकेंगे। तालाबों के आसपास पौधरोपण में भी मदद मिलेगी। पौधों का रखरखाव ठीक प्रकार से हो सकेगा। सरकार की भी इस बार प्लान है कि पंचायत की मदद से प्रत्येक तालाबों के किनारे ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए जाएं।




सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग अलर्ट
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग अलर्ट है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जलभराव वाले क्षेत्रों की सूचना सरपंच विभाग को दें ताकि समय रहते मोटर लगाकर पानी की निकासी करवाई जा सके। लोग पानी संचयन करके इसके सदुपयोग पर ध्यान दें ताकि वाटर रिचार्ज भी हो सके। बारिश का पानी अमृत तुल्य होता है। खेतों में भी इसका संचयन किया जा सकता है। बाढ़ राहत तैयारियाें का जायजा हिसार से सेना की टीम द्वारा भी लिया जा चुका है।

कुछ गांवों में तालाब सुंदरीकरण का काम बारिश का पानी भरने से रुका है। मौसम अनुकूल होते ही इस कार्य को गति दे दी जाएगी।
-भरत सिंह, एक्सईएन, पंचायती राज
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