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Charkhi Dadri News: नहरों में मेन हेड से छोड़ा 1050 क्यूसेक पानी
Thu, 27 Jun 2024 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 27 Jun 2024 12:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले की नहरों में मेन हेड से 1050 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नहरों में 27 जून को सुबह तक पानी पहुंच जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि नहराें में पानी आते ही सभी जलघरों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। पंप हाउस पर मोटरों को दुरुस्त कर दिया गया है।
इस समय जिला के सभी जलघर पड़े हैं। लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। नहरों में 24 दिन बाद पानी छोड़ा गया है। जिलावासियों ने नहरी पानी की समयसारिणी में बदलाव करने की मांग की है ताकि पेयजल संकट की नौबत नहीं आए। लोगों का कहना है कि नहरों में 24 दिन में 16 दिन के लिए पानी छोड़ा जाता है, जबकि आज से नौ साल पहले 15 दिन में 15 दिन के लिए पानी छोड़ा जाता था। इससे पेयजल व सिंचाई का संकट नहीं होता था। किसान नेता रामकुमार कादयान ,राजेंद्र सिंह महराणा, धर्मबीर सिंह, पूर्व सैनिक रामफल का कहना है कि विभाग को 24 के बजाय 15 दिन में पानी छोड़ना चाहिए, ताकि पानी का संकट न पैदा होने पाए।
नहराें में पानी आते ही सभी जलघरों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। जोहड़ों में भी पानी डाला जाएगा। - हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
फोटो : 27
चंपापुरी जलघर का खाली पड़ा टैंक। संवाद
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चरखी दादरी। जिले की नहरों में मेन हेड से 1050 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नहरों में 27 जून को सुबह तक पानी पहुंच जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि नहराें में पानी आते ही सभी जलघरों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। पंप हाउस पर मोटरों को दुरुस्त कर दिया गया है।
इस समय जिला के सभी जलघर पड़े हैं। लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। नहरों में 24 दिन बाद पानी छोड़ा गया है। जिलावासियों ने नहरी पानी की समयसारिणी में बदलाव करने की मांग की है ताकि पेयजल संकट की नौबत नहीं आए। लोगों का कहना है कि नहरों में 24 दिन में 16 दिन के लिए पानी छोड़ा जाता है, जबकि आज से नौ साल पहले 15 दिन में 15 दिन के लिए पानी छोड़ा जाता था। इससे पेयजल व सिंचाई का संकट नहीं होता था। किसान नेता रामकुमार कादयान ,राजेंद्र सिंह महराणा, धर्मबीर सिंह, पूर्व सैनिक रामफल का कहना है कि विभाग को 24 के बजाय 15 दिन में पानी छोड़ना चाहिए, ताकि पानी का संकट न पैदा होने पाए।
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नहराें में पानी आते ही सभी जलघरों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। जोहड़ों में भी पानी डाला जाएगा। - हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
फोटो : 27
चंपापुरी जलघर का खाली पड़ा टैंक। संवाद