{"_id":"65b680e9be3c3c69350227af","slug":"10-km-the-wind-blew-at-the-speed-of-one-hour-there-were-clouds-charkhidadri-news-c-126-1-shsr1012-112717-2024-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: 10 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा, छाए रहे बादल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: 10 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा, छाए रहे बादल
विज्ञापन
चरखी दादरी। क्षेत्र में रविवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। दिन में 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली। इसके चलते शनिवार के मुकाबले अधिकतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 18 व न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया।
शनिवार को तेज धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिली थी। रविवार को मौसम का मिजाज फिर से बदल गया। सुबह आसमान में बादल छा गए। मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 27 से 30 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो कमजोर श्रेणी का है। इसकी वजह से 30 व 31 जनवरी को हरियाणा, एनसीआर दिल्ली में बूंदाबांदी हो सकती है। दो फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो मध्यम श्रेणी का होगा जिसकी वजह से हरियाणा, एनसीआर दिल्ली में गरज चमक के साथ हल्की बारिश, बूंदाबांदी व तेज गति से हवा चलने की संभावना है। सीमित स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी संभावनाएं बन रही हैं।
बता दें कि चरखी दादरी में गत 28 से 30 नवंबर को 17 एमएम बारिश हुई थी। इसके बाद बारिश नहीं हुई है। जनवरी में सर्द हवा चली और शीतलहर का प्रकोप बना रहा। अब मौसम में बदलाव आया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है अगर इस समय बारिश हो जाती है तो रबी की सभी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। बारिश होने पर फसलों का पकाव बढि़या हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को तेज धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिली थी। रविवार को मौसम का मिजाज फिर से बदल गया। सुबह आसमान में बादल छा गए। मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 27 से 30 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो कमजोर श्रेणी का है। इसकी वजह से 30 व 31 जनवरी को हरियाणा, एनसीआर दिल्ली में बूंदाबांदी हो सकती है। दो फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो मध्यम श्रेणी का होगा जिसकी वजह से हरियाणा, एनसीआर दिल्ली में गरज चमक के साथ हल्की बारिश, बूंदाबांदी व तेज गति से हवा चलने की संभावना है। सीमित स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी संभावनाएं बन रही हैं।
विज्ञापन
बता दें कि चरखी दादरी में गत 28 से 30 नवंबर को 17 एमएम बारिश हुई थी। इसके बाद बारिश नहीं हुई है। जनवरी में सर्द हवा चली और शीतलहर का प्रकोप बना रहा। अब मौसम में बदलाव आया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है अगर इस समय बारिश हो जाती है तो रबी की सभी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। बारिश होने पर फसलों का पकाव बढि़या हो सकेगा।
विज्ञापन