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Chandigarh-Haryana News: आखिरी छोर तक पानी पहुंचाने के लिए 54 नहरी योजनाओं पर शुरू होगा काम
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- हरियाणा में 30 कैनाल का पुनर्वास, 24 कैनाल की रीमॉडलिंग पर होगा काम, सात जिलों के किसानों को होगा लाभ
- यमुना वाटर सर्विस, लोहारू वाटर सर्विस, जवाहर लाल नेहरू सर्कल की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री की मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में किसानों के खेतों में आखिरी छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए सरकार ने तैयारी की है। प्रदेश में 30 कैनाल पर पुनर्वास का कार्य होगा जबकि 24 कैनाल पर रीमॉडलिंग (पुनर्निर्माण एवं सुधार) के कार्य होंगे। मुख्यमंत्री ने इन 54 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। संबंधित योजनाओं पर काम होने पर सात जिलों के किसानों को लाभ होगा। योजना पर करीब 315 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि इन योजनाओं से किसानों की फसलों को पर्याप्त सिंचाई जल मिलेगा, भूमिगत जल स्तर पर दबाव कम होगा। प्रदेश में कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि गुणवत्ता और नहरों के लेवल को लेकर विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि यमुना वाटर सर्विस सर्कल भिवानी के तहत 41 परियोजनाओं, यमुना वाटर सर्विस सर्कल करनाल के तहत 1 और यमुना वाटर सर्विस सर्कल रोहतक के तहत 2 परियोजनाओं पर कार्य किया जाएगा। लोहारू वाटर सर्विस सर्कल भिवानी के तहत 7 परियोजनाओं और जवाहर लाल नेहरू सर्कल रेवाड़ी के तहत 3 परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इन कार्यों में नाबार्ड भी सहायता करेगा। योजना के तहत माइनरों के किनारों को मजबूत किए जाएंगे और ऊंचा भी किया जाएगा। लाइनिंग की मरम्मत, पुनर्वास, पाइपलाइन बिछाना, हेड रेगुलेटर, साइफन, पुलिया और आउटलेट की मरम्मत इत्यादि कार्यों को भी किया जाएगा। इससे लीकेज खत्म होगी और पानी की बचत भी होगी। योजना का लाभ भिवानी, रोहतक, जींद, चरखी दादरी, रेवाड़ी, सोनीपत और करनाल जिलों को मिलेगा।
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बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव सीजी रजीनीकांथन, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ सतबीर कादियान आदि शामिल रहे।
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- यमुना वाटर सर्विस, लोहारू वाटर सर्विस, जवाहर लाल नेहरू सर्कल की योजनाओं को भी मुख्यमंत्री की मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में किसानों के खेतों में आखिरी छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए सरकार ने तैयारी की है। प्रदेश में 30 कैनाल पर पुनर्वास का कार्य होगा जबकि 24 कैनाल पर रीमॉडलिंग (पुनर्निर्माण एवं सुधार) के कार्य होंगे। मुख्यमंत्री ने इन 54 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। संबंधित योजनाओं पर काम होने पर सात जिलों के किसानों को लाभ होगा। योजना पर करीब 315 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि इन योजनाओं से किसानों की फसलों को पर्याप्त सिंचाई जल मिलेगा, भूमिगत जल स्तर पर दबाव कम होगा। प्रदेश में कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि गुणवत्ता और नहरों के लेवल को लेकर विशेष ध्यान रखा जाए।
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बैठक में जानकारी दी गई कि यमुना वाटर सर्विस सर्कल भिवानी के तहत 41 परियोजनाओं, यमुना वाटर सर्विस सर्कल करनाल के तहत 1 और यमुना वाटर सर्विस सर्कल रोहतक के तहत 2 परियोजनाओं पर कार्य किया जाएगा। लोहारू वाटर सर्विस सर्कल भिवानी के तहत 7 परियोजनाओं और जवाहर लाल नेहरू सर्कल रेवाड़ी के तहत 3 परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इन कार्यों में नाबार्ड भी सहायता करेगा। योजना के तहत माइनरों के किनारों को मजबूत किए जाएंगे और ऊंचा भी किया जाएगा। लाइनिंग की मरम्मत, पुनर्वास, पाइपलाइन बिछाना, हेड रेगुलेटर, साइफन, पुलिया और आउटलेट की मरम्मत इत्यादि कार्यों को भी किया जाएगा। इससे लीकेज खत्म होगी और पानी की बचत भी होगी। योजना का लाभ भिवानी, रोहतक, जींद, चरखी दादरी, रेवाड़ी, सोनीपत और करनाल जिलों को मिलेगा।
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बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव सीजी रजीनीकांथन, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ सतबीर कादियान आदि शामिल रहे।