{"_id":"68910baef0632170380c7527","slug":"vij-said-our-religion-culture-and-country-cannot-accept-aniruddhacharyas-statement-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1070-782417-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनिरूद्धाचार्य के बयान को हमारा धर्म, संस्कृति और देश स्वीकार नहीं कर सकता : विज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनिरूद्धाचार्य के बयान को हमारा धर्म, संस्कृति और देश स्वीकार नहीं कर सकता : विज
विज्ञापन
कथावाचक अनिरूद्धाचार्य महाराज के विवाद में कूदे मंत्री अनिल विज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि हाल ही में अनिरूद्धाचार्य महाराज ने महिलाओं के बारे में विवादित बयान दिए हैं। इस बयान को हमारा धर्म, संस्कृति और हमारा देश किसी भी हालत में स्वीकार नहीं कर सकता है।
चंडीगढ़ में मीडिया के सवालों पर विज ने कहा कि संत ही हमारी संस्कृति के सरंक्षक है। संत और कथावाचक में बहुत अंतर होता है। कोई भी चार किताबें पढ़कर कथावाचक बन सकता है। हालांकि बहुत सी जनता कथावाचकों के पास सुनने के लिए जाती है। उन्होंने कहा कि जितना मैं जानता हूं कि यदि मनोरंजन के लिए जाना है तो कथावाचक ठीक है लेकिन अगर ज्ञान के लिए किसी ने जाना है तो किसी न किसी संत को ढूंढना होगा। उन्होंने कहा कि कथावाचक व संत कौन है, इस पर वे टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं लेकिन हर व्यक्ति को अपने विवेक से यह जानना होगा कि कथावाचक कौन है और संत कौन है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि हाल ही में अनिरूद्धाचार्य महाराज ने महिलाओं के बारे में विवादित बयान दिए हैं। इस बयान को हमारा धर्म, संस्कृति और हमारा देश किसी भी हालत में स्वीकार नहीं कर सकता है।
चंडीगढ़ में मीडिया के सवालों पर विज ने कहा कि संत ही हमारी संस्कृति के सरंक्षक है। संत और कथावाचक में बहुत अंतर होता है। कोई भी चार किताबें पढ़कर कथावाचक बन सकता है। हालांकि बहुत सी जनता कथावाचकों के पास सुनने के लिए जाती है। उन्होंने कहा कि जितना मैं जानता हूं कि यदि मनोरंजन के लिए जाना है तो कथावाचक ठीक है लेकिन अगर ज्ञान के लिए किसी ने जाना है तो किसी न किसी संत को ढूंढना होगा। उन्होंने कहा कि कथावाचक व संत कौन है, इस पर वे टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं लेकिन हर व्यक्ति को अपने विवेक से यह जानना होगा कि कथावाचक कौन है और संत कौन है।
विज्ञापन