{"_id":"6848899db9ac60c7880cd445","slug":"two-including-former-mla-surjakheda-arrested-in-72-crore-huda-scam-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1060-734287-2025-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: 72 करोड़ के हुडा घोटाले में पूर्व विधायक सुरजाखेड़ा समेत दो गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: 72 करोड़ के हुडा घोटाले में पूर्व विधायक सुरजाखेड़ा समेत दो गिरफ्तार
विज्ञापन
- ईडी ने दोनों को पंचकूला कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में हुए 72 करोड़ रुपये के वैट रिफंड फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पूर्व अधिकारी सुनील कुमार बंसल और पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा को गिरफ्तार कर लिया। सुरजाखेड़ा हुडा में सुपरीटेंडेंट थे और वीआरएस लेकर राजनीति में आए थे।
चंडीगढ़ ईडी की टीम ने दोनों आरोपियों को पंचकूला अतिरिक्त न्यायाधीश की कोर्ट में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया है। अधिकारियों और बिल्डरों ने मिलकर फर्जी कंपनियों को यह राशि रिफंड की थी।
सात मार्च 2023 को एचएसवीपी के तत्कालीन मुख्य लेखा अधिकारी चमन लाल की शिकायत पर सुनील बंसल के खिलाफ पंचकूला सेक्टर-7 थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायत में बताया गया कि पंजाब नेशनल बैंक की चंडीगढ़ शाखा में एचएसवीपी के बैंक खाते से धोखाधड़ी कर वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया। 2015 से 2019 के बीच बैंक खाते से बिना किसी विशेष कारण के विभिन्न पार्टियों के पक्ष में करीब 72 करोड़ रुपये निकाले गए।
विज्ञापन
-- -- --
72 करोड़ से ज्यादा का हो सकता है मामला
ईडी की जांच के दौरान सामने आया है कि यह धोखाधड़ी 72 करोड़ तक सीमित नहीं है। इसकी राशि दो से तीन गुना अधिक तक हो सकती है। इस मामले में पहले ईडी ने तीन अंतरिम कुर्की आदेश जारी किए थे। इस पर करीब 21 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई थीं।
-- -- -- -- -
50 बार ई-मेल भेज अलग-अलग बैंक खातों में भुगतान के लिए कहा
तत्कालीन आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) सुनील बंसल एचएसवीपी के आधिकारिक ईमेल को संभालते थे। ईडी की जांच में पता चला है कि इस ईमेल 50 बार सूचना भेजकर अलग-अलग बैंक खातों में भुगतान करने के लिए कहा गया था। ईडी ने उन बैंक खातों का पता लगाया, जिनके खातों में पेमेंट हो रखी थी। यह लगभग डेढ़ दर्जन लोग हैं। इनमें से कुछ बिल्डर का काम करते हैं जबकि कुछ लोग गरीब भी बताए जाते हैं।
-- -- --
अधिक कीमत पर बिकवाए प्लॉट
इस फर्जीवाड़े के तार गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रेवाड़ी, करनाल, पंचकूला और हिसार के बिल्डरों के साथ जुड़े हुए हैं। सबसे अधिक गोलमाल गुरुग्राम में किया गया है, जहां बिल्डर लाबी सबसे पावरफुल स्थिति में है। बताते हैं कि एचएसवीपी के अधिकारियों ने बिल्डरों की मदद से स्वयं कई प्लॉट सस्ते दामों में पर अपने परिचितों को खरीदवा दिए। फिर उन्हें अधिक कीमत पर मार्केट पर बिकवा दिया।
विज्ञापन
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में हुए 72 करोड़ रुपये के वैट रिफंड फर्जीवाड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पूर्व अधिकारी सुनील कुमार बंसल और पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा को गिरफ्तार कर लिया। सुरजाखेड़ा हुडा में सुपरीटेंडेंट थे और वीआरएस लेकर राजनीति में आए थे।
चंडीगढ़ ईडी की टीम ने दोनों आरोपियों को पंचकूला अतिरिक्त न्यायाधीश की कोर्ट में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया है। अधिकारियों और बिल्डरों ने मिलकर फर्जी कंपनियों को यह राशि रिफंड की थी।
विज्ञापन
सात मार्च 2023 को एचएसवीपी के तत्कालीन मुख्य लेखा अधिकारी चमन लाल की शिकायत पर सुनील बंसल के खिलाफ पंचकूला सेक्टर-7 थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायत में बताया गया कि पंजाब नेशनल बैंक की चंडीगढ़ शाखा में एचएसवीपी के बैंक खाते से धोखाधड़ी कर वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया। 2015 से 2019 के बीच बैंक खाते से बिना किसी विशेष कारण के विभिन्न पार्टियों के पक्ष में करीब 72 करोड़ रुपये निकाले गए।
विज्ञापन
72 करोड़ से ज्यादा का हो सकता है मामला
ईडी की जांच के दौरान सामने आया है कि यह धोखाधड़ी 72 करोड़ तक सीमित नहीं है। इसकी राशि दो से तीन गुना अधिक तक हो सकती है। इस मामले में पहले ईडी ने तीन अंतरिम कुर्की आदेश जारी किए थे। इस पर करीब 21 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई थीं।
50 बार ई-मेल भेज अलग-अलग बैंक खातों में भुगतान के लिए कहा
तत्कालीन आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) सुनील बंसल एचएसवीपी के आधिकारिक ईमेल को संभालते थे। ईडी की जांच में पता चला है कि इस ईमेल 50 बार सूचना भेजकर अलग-अलग बैंक खातों में भुगतान करने के लिए कहा गया था। ईडी ने उन बैंक खातों का पता लगाया, जिनके खातों में पेमेंट हो रखी थी। यह लगभग डेढ़ दर्जन लोग हैं। इनमें से कुछ बिल्डर का काम करते हैं जबकि कुछ लोग गरीब भी बताए जाते हैं।
अधिक कीमत पर बिकवाए प्लॉट
इस फर्जीवाड़े के तार गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रेवाड़ी, करनाल, पंचकूला और हिसार के बिल्डरों के साथ जुड़े हुए हैं। सबसे अधिक गोलमाल गुरुग्राम में किया गया है, जहां बिल्डर लाबी सबसे पावरफुल स्थिति में है। बताते हैं कि एचएसवीपी के अधिकारियों ने बिल्डरों की मदद से स्वयं कई प्लॉट सस्ते दामों में पर अपने परिचितों को खरीदवा दिए। फिर उन्हें अधिक कीमत पर मार्केट पर बिकवा दिया।